China enraged by Israel threat to iranian supreme leader said under some pretext ईरान के नए सुप्रीम लीडर को मारने की इजरायल की धमकी से भड़का चीन, कहा- किसी बहाने से…, International Hindi News - Hindustan
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ईरान के नए सुप्रीम लीडर को मारने की इजरायल की धमकी से भड़का चीन, कहा- किसी बहाने से…

खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने उनके बेटे मोजतबा को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति कि सार्वजनिक घोषणा होने के बाद इजरायल की तरफ से उन्हें मारने की धमकी दी गई थी, अब इस पर चीन की तरफ से तीखा जवाब आया है।

Mon, 9 March 2026 06:09 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान के नए सुप्रीम लीडर को मारने की इजरायल की धमकी से भड़का चीन, कहा- किसी बहाने से…

पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग लगातार जारी है। दोनों तरफ से लगातार हमले किए जा रहे हैं। इसी बीच ईरान ने दिवंगत सुप्रीम लीडर खामेनेई की जगह पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया है। इस फैसले के बाद अमेरिका और इजरायल ने मोजतबा को भी निशाना बनाने की धमकी थी। अब इन दोनों देशों की धमकी पर चीन का सख्त बयान सामने आया है। चीन की तरफ से कहा गया है कि चीन किसी भी देश के आंतरिक मामलों में किसी भी हस्तक्षेप का विरोध करता है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बीजिंग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति ईरान का आंतरिक मामला है। इसमें किसी को भी दखल देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, "चीन किसी भी बहाने से दूसरे देशों के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध करता है और ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किए जाने का आह्वान करता है।" उन्होंने यह भी कहा कि मोजतबा को सर्वोच्च नेता के रूप में नामित करने की प्रक्रिया ईरान के संवैधानिक ढांचे के अनुसार की गई है।

गौरतलब है कि बीजिंग की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के नए लीडर को चुने जाने में अमेरिकी भूमिका की मांग कर रहे थे। हालांकि, ईरान की तरफ से जब इस पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न देते हुए मोजतबा के नाम की घोषणा की गई, तो ट्रंप ने कहा कि यह ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेंगे। इजरायल की तरफ से भी मोजतबा को निशाना बनाने की बात सामने आई थी।

आपको बता दें, चीन, ईरान के तेल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा खरीदता है और खुले तौर पर ईरान को मदद करता आ रहा है। हालांकि, इस युद्ध में उसने केवल ईरान की तरफदारी में बयान ही जारी किए हैं। बीजिंग ने पहले अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों को “अवैध आक्रामकता” बताया था, युद्धविराम की मांग की थी और क्षेत्र में संयम बरतने की अपील की थी ताकि उसके ऊर्जा हितों और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव की सुरक्षा हो सके। ईरान के लिए चीन का समर्थन कूटनीतिक, आर्थिक और सैन्य-तकनीकी कई स्तरों पर फैला हुआ है।

कूटनीतिक स्तर पर, चीन के अधिकारी जैसे विदेश मंत्री वांग यी और माओ निंग ने ईरान की संप्रभुता का समर्थन किया है और अंतरिम नेतृत्व के साथ संपर्क बनाए रखा है ताकि शासन की निरंतरता बनी रहे।

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