आवारा कुत्ते को लेकर भिड़े दो देश, एक देना चाहता नोट पर जगह, दूसरे ने बनाया राष्ट्रीय सम्मान
कारोमेल नस्ल के कुत्ते को लेकर लैटिन अमेरिका के दो देश ब्राजील और मेक्सिको तनाव में हैं। मेक्सिको ने इसे राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया है, जिसकी वजह से ब्राजील के लोग नाराज हैं। ब्राजीलियाई लोगों के मुताबिक, यह कुत्ता उनका है। कुछ समय पहले उन्होंने इसकी तस्वीर को नोटों पर लगाने का प्रस्ताव रखा था।

Caramelo Dog: भारत में आवारा कुत्तों को लेकर आए दिन विवाद सामने आता रहता है। सुप्रीम कोर्ट भी इस मुद्दे पर कई बार प्रतिक्रिया दे चुका है। लेकिन इसके बाद भी दिल्ली और तमाम भारतीय शहरों में आवारा कुत्ते दिखाई देते रहते हैं। भारत समेत हर देश के लिए उनकी देशी नस्ल के कुत्ते खास होते हैं, लेकिन कभी आपने सुना है कि दो देश आवारा कुत्ते की एक नस्ल के लिए आपस में मनमुटाव कर बैठें? जी हां, लैटिन अमेरिका के दो देश मेक्सिको और ब्राजील के बीच आवारा कुत्ते की एक नस्ल (कारोमेलो) को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मेक्सिको ने इसे अपनी धरोहर घोषित किया है, जिसकी वजह से ब्राजील के लोगों में नाराजगी है।
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ, जब अप्रैल में मैक्सिको ने कुत्ते की इस नस्ल को मेक्सिकन घोषित कर दिया। ब्राजील में लोकप्रिय इस कुत्ते के बारे में जब वहाँ के लोगों ने सुना तो उन्होंने इस पर नाराजगी जाहिर की। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ब्राजील के लोगों ने सार्वजनिक तौर पर इसका विरोध किया, जबकि सरकार से अनुरोध भी किया कि वह अपने देश की धरोहर की रक्षा करें।
ब्राजील में क्यों फेमस है कारोमेलो कुत्ता?
कारोमेलो नस्ल के यह कुत्ते ब्राजील के साथ-साथ मेक्सिको में भी बहुतायत में मिलते हैं। अपने भूरे रंग औऱ फुर्तीले शरीर की वजह से दोनों ही देशों में यह काफी लोकप्रिय हैं। लेकिन ब्राजील में इनकी लोकप्रियता को शिखर उस समय मिला, जब 2019 में इनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होना शुरू हो गए। लोगों ने इन्हें पालना शुरू कर दिया और हद तब हो गई, जब ब्राजील के दस रियाश के नोट पर इनकी तस्वीर छपवाने को लेकर प्रयास शुरू हुआ। इस मुद्दे को लेकर एक पिटीशन बनाई गई, जिसको करीब 50 हजार लोगों ने अपना समर्थन दिया। धीरे-धीरे लोगों ने ब्राजील के इतिहास को भी कारोमेल कुत्ते से जोड़ना शुरू कर दिया और यह वायरल हो गया। इतना ही नहीं इस कुत्ते के ऊपर नेटफ्लिक्स पर एक फिल्म भी बनाई गई।

हाल ही में अप्रैल में जब मैक्सिको ने इसे अपने राष्ट्रीय प्रतीकों में हिस्सा दिया, तो ब्राजील के लोगों में नाराजगी फैल गई। कई लोगों ने मैक्सिकन सरकार को इसके लिए खूब खरी खोटी भी सुनाई। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे 'ब्राजील मूल' का बताया।
मेक्सिको ने दिया जवाब
ब्राजील की तरफ से उठती विरोध की आवाजें मैक्सिको तक भी पहुंची। इन विरोधी की आवाजों का जवाब मैक्सिको के ह्यूमन वर्ड फॉर एनिमल्स के क्लाउडिया एडवर्ड्स ने दिया। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स से बात करते हुए कहा, "ब्राजील पहला देश था, जिसने इस कुत्ते को सार्वजनिक रूप से मान्यता दी और दुनिया के सामने लाया। लेकिन यह भी सच है कि यह कुत्ता केवल ब्राजील की विरासत नहीं है, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका की विरासत है।
फिलहाल दोनों देश भले ही इस कुत्ते पर अपना दावा ठोक रहे हैं, लेकिन यह नस्ल अभी भी दोनों देशों में सड़कों पर बेसहारा घूमती हुई मिल जाती है।
क्या है कारोमेल कुत्ते की कहानी?
ब्राजील और मेक्सिको के बीच में कारोमैल कु्त्ते को लेकर यह प्रेम अहम है। क्योंकि दोनों ही देश इसे अपनी सांस्कृतिक बदलाव और कॉलोनियल काल के इतिहास के जोड़कर देखते हैं। ब्राजील की डीएनए जांच करने वाली एजेंसी के मुताबिक कारोमैल कुत्ता एशिया, अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया की कुल मिलाकर करीब 300 नस्लों का मिश्रण है। इसलिए यह और भी खास हो जाता है।
इस कुत्ते की कहानी लैटिन अमेरिका क्षेत्र में आने वाले यूरोपीय आक्रमणकारियों से शुरू होती है। यूरोप से आने वाले फ्रांसीसी और अंग्रेज अपने साथ कुत्ते भी लेकर आए। धीरे-धीरे वह एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से भी कुत्ते यहां लेकर आए। कई दशकों का इन कुत्तों के बीच में अनियंत्रित प्रजनन हुआ, जिसकी वजह से कई नई नस्ल सामने आईं। यूरोपियों के जाने के बाद लोगों ने अपने घरों और खेतों की देखभाल के लिए कुत्तों को बड़ी तदाद में पालना शुरू किया। इसकी वजह से कुत्तों की बहुत ज्यादा तदाद हो गई। इसी के फलस्वरूप आज का कारोमेल कुत्ता सामने आया। ब्राजील के लोग इसे अपने इतिहास के संघर्ष और बदलाव का प्रतीक मानते हैं। वहीं, मैक्सिको भी इसे अपनी राष्ट्रीय धरोहर मानता है।
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