इजरायल ने महीनों पहले बना लिया था खामेनेई की हत्या का प्लान, अमेरिका को खबर तक नहीं थी
खामेनेई की हत्या के बाद ईरान तिलमिला उठा है और बदला लेने की कसम खाई है। ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद खाड़ी देशों में लगातार मिसाइलें बरसाईं हैं, जिसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

अमेरिका और इजरायल ने पिछले सप्ताह संयुक्त अभियान शुरू कर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में खामेनेई की पत्नी, बेटी दामाद समेत पूरा परिवार खत्म हो गया है। इस हमले के बाद ईरान ने बदला लेने की कसम खाई है और इस क्रम में वह खाड़ी देशों पर लगातार मिसाइलें और ड्रोन बरसा रहा है। इस बीच अब यह खबर सामने आई है कि खामेनेई की हत्या का प्लान कई महीने पहले ही तैयार हो गया था। यह साजिश इजरायल ने रची थी और अब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मंत्री ने खुद इसका खुलासा किया है।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने खुलासा किया है कि अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की योजना हालिया सैन्य अभियान से काफी पहले बना ली गई थी। उनके मुताबिक नवंबर 2025 में ही एक बेहद सीमित और गोपनीय बैठक में यह फैसला लिया गया था। काट्ज ने येरूसलम पोस्ट को दिए इंटरव्यू में बताया कि उस बैठक में बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई को निशाना बनाने का मकसद तय किया था। उस समय योजना यह थी कि ऑपरेशन को 2026 के मध्य के आसपास अंजाम दिया जाएगा, यानी इस फैसले के लगभग छह महीने बाद।
काट्ज के मुताबिक इसके बाद ईरान के हालात तेजी से बदलने लगे। 2025 के आखिर और 2026 की शुरुआत में ईरान के कई शहरों में सरकार विरोधी बड़े प्रदर्शन शुरू हो गए। इन प्रदर्शनों ने इजरायल और अमेरिका दोनों को चौंका दिया। हालात तेजी से बदलते देख इजरायल और अमेरिका ने पहले से तय समय का इंतजार करने के बजाय ऑपरेशन की तैयारी तेज कर दी। काट्ज ने कहा कि ईरान के अंदर बढ़ती अस्थिरता और अनिश्चितता से यह आशंका बढ़ गई थी कि ईरानी नेतृत्व इजरायल या अमेरिका के ठिकानों पर पहले हमला कर सकता है।
अमेरिका को नहीं थी खबर
इजरायली रक्षा मंत्री ने यह भी बताया है कि शुरुआत में इजरायल इस ऑपरेशन को अमेरिका को जानकारी दिए बिना अकेले अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। बाद में जब ईरान में प्रदर्शन बढ़े और जोखिम का आकलन किया गया तो इजरायल और अमेरिका के बीच इस ऑपरेशन को लेकर ज्यादा बातचीत शुरू हुई। दोनों देशों के बीच इस बात पर चर्चा हुई कि ऑपरेशन के साझा मकसद और रणनीतिक शर्तें क्या होंगी।
ईरान पर हवाई हमले
इजरायली मंत्री ने बताया कि इसके बाद ही अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हवाई अभियान शुरू हुआ। इस अभियान के शुरुआती घंटों में ही खामेनेई को निशाना बनाया गया था और यह संभवतः पहली बार है जब किसी मौजूदा राष्ट्र प्रमुख की हवाई हमले में मौत हुई। काट्ज ने कहा है कि ईरान को परमाणु और मिसाइल क्षमताएं हासिल करने से रोकना जरूरी है और क्षेत्र में तेहरान के प्रभाव को सीमित करना भी एक अहम लक्ष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले के लिए किसी पक्ष पर दबाव नहीं था और दोनों देशों ने अपनी-अपनी सुरक्षा आकलन के आधार पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
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