US से सीजफायर के बाद भी नहीं रुके ईरान पर हमले, तेल रिफाइनरी पर अटैक; तेहरान ने भी ले लिया बदला
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के लिए सीजफायर हो गया है। इसके बाद भी ईरान पर हमले जारी रहे। उसकी तेल रिफाइनरी पर बुधवार को हमला हुआ। इसका बदला लेते हुए तेहरान ने भी यूएई और कुवैत में मिसाइलें दागीं।

अमेरिका से सीजफायर के बाद भी ईरान पर बुधवार को हमले नहीं रुके। ईरान के लावन द्वीप पर एक तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ, जिसे ईरानी अधिकारियों ने दुश्मन का हमला बताया। ईरानी तेल मंत्रालय के न्यूज आउटलेट 'शाना' के अनुसार, नेशनल ईरानी ऑयल रिफाइनिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने इस घटना की जानकारी दी। कंपनी ने बताया कि इस केंद्र पर स्थानीय समय के अनुसार सुबह लगभग 10:00 बजे हमला हुआ। इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। आग पर काबू पाने और जगह को सुरक्षित करने के लिए सुरक्षा और अग्निशमन टीमों को तुरंत तैनात कर दिया गया।
इन हमलों का बदला लेते हुए तेहरान ने भी खाड़ी देशों पर हवाई हमले किए। ईरान की सरकारी मीडिया ने बुधवार को अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों UAE और कुवैत पर नए मिसाइल और ड्रोन हमलों की जानकारी दी। यह हमला उसकी तेल फैसिलिटी पर हवाई हमलों का बदला है। कुवैत ने कहा कि घंटों तक चले हमलों की ताजा लहर में उसकी तेल फैसिलिटी और पावर और डीसैलिनेशन प्लांट को नुकसान हुआ, और ईरान से अपने हमले रोकने की मांग की। यूएई ने कहा कि वह ईरानी हमलों को रोक रहा है, जबकि बहरीन ने भी कहा कि उसकी राजधानी मनामा पर हमला हुआ है।
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरानी सभ्यता को मिटा देने की धमकियों से अंतिम समय में पीछे हटने के बाद ईरान, अमेरिका और इजराइल दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। फिलहाल समझौते की शर्तों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी अभी पता नहीं है कि क्या इससे स्थायी शांति स्थापित हो सकती है, क्योंकि दोनों पक्षों ने शर्तों के संबंध में बिल्कुल अलग-अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किए हैं। युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान की ओर से मिसाइल हमले की सूचना दी, और कुवैत की सेना ने कहा कि उसकी सेना ड्रोन हमलों का जवाब दे रही है। वहीं, ईरान ने कहा कि उसकी एक तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ है।
वेंस ने बताया नाजुक युद्धविराम
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने समझौते को एक नाजुक युद्धविराम बताया। बातचीत जल्द शुरू होने के संकेत मिल रहे थे, फिर भी समझौते के बारे में कई बातें अज्ञात हैं। ईरान ने कहा कि इस समझौते से उसे होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की नयी व्यवस्था को औपचारिक रूप देने की अनुमति मिल जाएगी, लेकिन समझौते की शर्तें स्पष्ट नहीं हैं। यह भी ज्ञात नहीं है कि कोई अन्य देश इस शर्त पर सहमत है या नहीं। पाकिस्तान, जिसने समझौते में मध्यस्थता करने में मदद की, और अन्य देशों ने कहा कि वे लेबनान में लड़ाई रोक देंगे, जहां इजराइल ने ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आतंकवादी समूह के खिलाफ जमीनी आक्रमण शुरू किया है। इजराइल ने कहा कि वह हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रखेगा।
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