ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने आर्मी चीफ को हटाया, कई जनरल को भी जबरन कराया रिटायर
जनरल रैंडी जॉर्ज ने सितंबर 2023 में यह पद संभाला था। अधिकारियों के अनुसार, उनके अगले साल तक इस पद पर बने रहने की उम्मीद थी। हालांकि, रक्षा मंत्री हेगसेथ लंबे समय से उन्हें हटाने की योजना बना रहे थे।

ईरान से अमेरिका का युद्ध जारी है। इस बीच अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) के भीतर एक बड़ा रणनीतिक और प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहा है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने थल सेनाध्यक्ष जनरल रैंडी जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने एक्स पर इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि जनरल जॉर्ज तत्काल प्रभाव से सेना के 41वें प्रमुख के पद से रिटायर हो रहे हैं।
जनरल रैंडी जॉर्ज ने सितंबर 2023 में यह पद संभाला था। अधिकारियों के अनुसार, उनके अगले साल तक इस पद पर बने रहने की उम्मीद थी। हालांकि, रक्षा मंत्री हेगसेथ लंबे समय से उन्हें हटाने की योजना बना रहे थे। माना जा रहा है कि जनरल जॉर्ज को पिछली सरकार से उनकी निकटता के कारण निशाना बनाया गया है। उन्होंने पूर्व रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के वरिष्ठ सैन्य सहायक के रूप में कार्य किया था।
पेंटागन के गलियारों में चर्चा है कि हेगसेथ उन सभी वरिष्ठ अधिकारियों को हटा रहे हैं जिन्हें वे पिछले प्रशासन की नीतियों या विचारधारा से जुड़ा हुआ मानते हैं। गुरुवार को केवल आर्मी चीफ ही नहीं, बल्कि दो अन्य प्रमुख जनरलों को भी बर्खास्त कर दिया गया। चीफ ऑफ चैपलिन मेजर जनरल विलियम ग्रीन और यूएस आर्मी ट्रांसफॉर्मेशन एंड ट्रेनिंग कमांड के कमांडिंग जनरल जनरल डेविड होडने पर भी गाज गिरी।
इससे पहले भी हेगसेथ ने डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जेफरी क्रूस को तब पद से हटा दिया था, जब एजेंसी के एक आकलन ने ईरान पर अमेरिकी हमलों की सफलता को ट्रंप के दावों से कम बताया था। इसके अलावा नाटो (NATO) में अमेरिकी प्रतिनिधि वाइस एडमिरल शोशना चैटफील्ड और जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन सी.क्यू. ब्राउन को भी पदमुक्त किया जा चुका है।
अगला आर्मी चीफ कौन?
जनरल जॉर्ज की जगह अब कौन लेगा, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। हालांकि रक्षा मंत्री हेगसेथ हाल ही में जनरल क्रिस्टोफर लानेवे को सेना का उप-प्रमुख बनाने के लिए जोर दे रहे थे। लानेवे को उप-प्रमुख बनाना वास्तव में उन्हें भविष्य में आर्मी चीफ के पद के लिए तैयार करने की एक सोची-समझी रणनीति थी।
ईरान युद्ध के बीच सैन्य नेतृत्व में बदलाव के जोखिम
यह बड़ा बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के साथ युद्ध का नेतृत्व कर रहे हैं। बुधवार को अपने प्राइम-टाइम संबोधन में ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी और हवाई हमले किए जाएंगे। युद्ध के बीच में सेना के शीर्ष नेतृत्व को बदलना एक जोखिम भरा कदम माना जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि इससे सेना के मनोबल और युद्ध की रणनीति पर असर पड़ सकता है, जबकि समर्थकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन को अपनी नीतियों को लागू करने के लिए एक वफादार सैन्य नेतृत्व की आवश्यकता है।
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