America power show in South China Sea China stunned by powerful missile What is Trump next move दक्षिण चीन सागर में अमेरिका का पावर शो, ताकतवर मिसाइल से तिलमिलाया चीन, ट्रंप का अगला दांव क्या, International Hindi News - Hindustan
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दक्षिण चीन सागर में अमेरिका का पावर शो, ताकतवर मिसाइल से तिलमिलाया चीन, ट्रंप का अगला दांव क्या

  • अमेरिका ने फिलीपींस में अमेरिकी ताकतवर टाइफॉन मिसाइल सिस्टम तैनात कर दिया है। यह वही इलाका है जहां से चीन के सैन्य और कारोबारी ठिकाने बेहद करीब हैं।

Wed, 26 March 2025 08:03 PMHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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दक्षिण चीन सागर में अमेरिका का पावर शो, ताकतवर मिसाइल से तिलमिलाया चीन, ट्रंप का अगला दांव क्या

एशिया में शक्ति संतुलन को लेकर बढ़ती तनातनी के बीच अमेरिका ने फिलीपींस में अमेरिकी ताकतवर टाइफॉन मिसाइल सिस्टम तैनात कर दिया है। यह वही इलाका है जहां से चीन के सैन्य और कारोबारी ठिकाने बेहद करीब हैं। इस कदम ने चीन को हिलाकर रख दिया है, क्योंकि यह मिसाइल 1,200 मील तक निशाना साध सकती है और सीधे तौर पर चीन के दक्षिणी हिस्से को चुनौती दे रही है।

चीन के लिए नई चुनौती

टाइफॉन मिसाइल सिस्टम पहली बार अमेरिका ने कोल्ड वॉर के बाद इतनी लंबी दूरी तक मार करने वाली जमीनी लॉन्चिंग प्रणाली को विदेश में तैनात किया है। यह कदम अमेरिकी सेना की रणनीतिक पुनर्संरचना का हिस्सा है, जो चीन की लंबी दूरी की मिसाइलों के मुकाबले खुद को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। खासतौर पर ताइवान को लेकर चीन के आक्रामक रुख को देखते हुए यह तैनाती अमेरिका की स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।

चीन की बढ़ी टेंशन

टाइफॉन की तैनाती को लेकर चीन बुरी तरह बौखला गया है। बीजिंग ने इसे हथियारों की होड़ को बढ़ावा देने वाला कदम बताते हुए अमेरिका और फिलीपींस की आलोचना की है। चीन के विदेश मंत्रालय ने टाइफॉन को तत्काल हटाने की मांग करते हुए कहा कि "हम अपने सुरक्षा हितों पर आंच नहीं आने देंगे।" चीन के अलावा रूस ने भी इस तैनाती पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे 1983 में पश्चिमी जर्मनी में पर्सिंग II मिसाइल तैनात करने से जोड़ा, जिससे उस समय अमेरिका और सोवियत संघ के बीच टकराव की स्थिति बनी थी।

ट्रम्प प्रशासन के लिए अग्नि परीक्षा

टाइफॉन की यह तैनाती बाइडेन प्रशासन के दौरान हुई, लेकिन अब ट्रम्प सरकार को इसे लेकर महत्वपूर्ण फैसले लेने होंगे। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के आगामी फिलीपींस और जापान दौरे से ट्रम्प प्रशासन की इंडो-पैसिफिक नीति को लेकर स्थिति और साफ हो सकती है। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने हाल ही में अमेरिका को सैन्य ठिकानों के लिए और अधिक पहुंच दी है और दक्षिण चीन सागर में चीनी सेना की हरकतों पर कड़ा रुख अपनाया है। लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि अगर चीन अपनी आक्रामकता कम करता है, तो फिलीपींस इस मिसाइल सिस्टम को हटाने पर विचार कर सकता है।

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अमेरिका की नई रणनीति

टाइफॉन दो तरह की मिसाइलें दाग सकता है, टॉमहॉक क्रूज मिसाइल, जो चीन के एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को निशाना बना सकती है, और स्टैंडर्ड मिसाइल-6 (एसएम-6), जो दुश्मन के जहाजों, विमानों और मिसाइलों को रोकने की क्षमता रखती है। अमेरिका अब बड़े सैन्य ठिकानों की बजाय छोटे लेकिन घातक हथियार तैनात कर रणनीति बदल रहा है।

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