227 year old alien enemy act enabled during world war now donald trump supports क्या है 227 साल पुराना 'एलियन एनमी ऐक्ट' जिसे नहीं लागू कर पाए ट्रंप, विश्वयुद्ध में भी हुआ था इस्तेमाल, International Hindi News - Hindustan
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क्या है 227 साल पुराना 'एलियन एनमी ऐक्ट' जिसे नहीं लागू कर पाए ट्रंप, विश्वयुद्ध में भी हुआ था इस्तेमाल

  • डोनाल्ड ट्रंप निर्वासन को तेज करने के लिए 1798 के एक कानून को लागू करने वाले थे। यह कानून युद्ध या फिर राष्ट्रीय खतरे कि स्थिति में लागू किया जाता है।

Sun, 16 March 2025 12:36 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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क्या है 227 साल पुराना 'एलियन एनमी ऐक्ट' जिसे नहीं लागू कर पाए ट्रंप, विश्वयुद्ध में भी हुआ था इस्तेमाल

निर्वासन में तेजी लाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18वीं सदी के एक कानून का इस्तेमाल किए जाने की घोषणा की लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद एक संघीय अदालत के न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन को इसे लागू करने से रोक दिया। शपथ लेते ही डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध प्रवासियों को वॉर्निंग दे दी थी। इसके तत्काल बाद ही उनपर कार्रवाई शुरू हो गई और विमानों में भर-भरकर लोगों का निर्वासन होने लगा। सैकड़ों भारतीयों को भी अमेरिका से निकाला जा चुका है।

क्या है एलियन एनिमी ऐक्ट

डोनाल्ड ट्रंप इस काम को तेज करने के लिए 1798 का एक कानून लागू करना चाहते थे। 227 साल पुराने इस कानून को एलियन एनिमी ऐक्ट 1798 के तौर पर जाना जाता है। फ्रांस से तनाव के बीचअमेरिका की सरकार ने यह कानून बनाया था। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति को किसी को भी निर्वीसित करने का अधिकार दिया गया था। अगर ऐसा लगता है कि कोई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है या फिर दुश्मनों के साथ है तो उसे तुरंत निर्वासित किया जा सकता है।

इस कानून में कहा गया था कि अगर किसी विदेशी ताकत का आक्रमण होता है या फिर राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ा खतरा दिखता है तो इस कानून को लागू किया जा सकता है। ट्रंप प्रशासन ने इस कानून का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि वेनेजुएला का एक गिरोह अमेरिका पर आक्रमण कर रहा है और प्रशासन के पास उसके सदस्यों को देश से बाहर निकालने के लिए नई शक्तियां हैं। कोलंबिया जिले के लिए अमेरिकी जिला न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जेम्स ई बोसबर्ग ने कहा कि उन्हें अपना आदेश तत्काल जारी करने की आवश्यकता है क्योंकि सरकार प्रवासियों को पहले से ही एल साल्वाडोर और होंडुरास भेज रही है।

अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि ट्रंप की घोषणा के तहत इन प्रवासियों को नए सिरे से निर्वासित किया जा सकता है और उन्हें एल साल्वाडोर तथा होंडुरास में कैद किया जाएगा। अल साल्वाडोर ने इस सप्ताह 300 ऐसे प्रवासियों को स्वीकार करने पर सहमति दे दी जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने गिरोह का सदस्य घोषित किया है। बोसबर्ग ने एसीएलयू और ‘डेमोक्रेसी फॉरवर्ड’ द्वारा दायर मामले की शनिवार शाम सुनवाई करते हुए कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि मैं अब और इंतजार कर सकता हूं और मुझे कार्रवाई करनी होगी।’

इस फैसले से कुछ ही घंटे पहले ट्रंप ने 1798 के ‘एलियन एनीमीज एक्स’ (विदेशी शत्रु अधिनियम) को लागू करते हुए दावा किया कि वेनेजुएला का गिरोह ‘ट्रेन डी अरागुआ’ अमेरिका पर आक्रमण कर रहा है। यह अधिनियम राष्ट्रपति को निर्वासन में बड़े पैमाने पर तेजी लाने के लिए नीतिगत और कार्यकारी कार्रवाई के संबंध में व्यापक छूट देता है।

दो सौ साल के इतिहास में केवल तीन बार लागू हुआ कानून

अमेरिकी इतिहास में इस अधिनियम का इस्तेमाल अब तक केवल तीन बार हुआ है और वह भी केवल युद्ध के दौरान किया गया है। इससे पहले इसका इस्तेमाल द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हुआ था। उस समय जर्मन और इतालवी लोगों को कैद करने के साथ-साथ जापानी-अमेरिकी नागरिकों को सामूहिक रूप से नजरबंद करने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था।

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