shimla police file fir against members of hindu organisations for stopping at sanjauli mosque संजौली मस्जिद में नमाजियों को रोकने पर एक्शन, हिंदू संगठनों के सदस्यों पर FIR, Himachal-pradesh Hindi News - Hindustan
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संजौली मस्जिद में नमाजियों को रोकने पर एक्शन, हिंदू संगठनों के सदस्यों पर FIR

शिमला पुलिस ने शुक्रवार को विवादित संजौली मस्जिद के बाहर तनाव की स्थिति बनने पर धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में हिंदू संगठन देवभूमि संघर्ष समिति से जुड़े लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

Sat, 15 Nov 2025 08:15 PMKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, शिमला
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संजौली मस्जिद में नमाजियों को रोकने पर एक्शन, हिंदू संगठनों के सदस्यों पर FIR

शिमला में शुक्रवार को विवादित संजौली मस्जिद के बाहर तनाव की स्थिति बन गई थी। अब शिमला पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने और रास्ता रोकने के आरोप में हिंदू संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह घटना तब हुई जब संजौली मस्जिद में जुमे की नमाज के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे थे। पुलिस थाना संजौली में इंस्पेक्टर और एसएचओ जसवंत सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई है।

क्या आरोप?

इंस्पेक्टर और एसएचओ जसवंत सिंह की शिकायत पर दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, शुक्रवार दोपहर लगभग 1:25 बजे जब वह पुलिस दल के साथ संजौली बड़ी मस्जिद के पास कानून-व्यवस्था ड्यूटी पर तैनात थे, तभी हिंदू संगठन देवभूमि संघर्ष समिति से जुड़े मदन ठाकुर, विजय शर्मा, कल्पना शर्मा, श्वेता चौहान, शिल्पी, पारुल समेत अन्य लोग वहां जमा हो गए।

नमाजियों को रोकने पर तनाव

इसी दौरान मुस्लिम समुदाय के 3-4 लोग बड़ी मस्जिद की ओर जा रहे थे। आरोप है कि समिति के इन सदस्यों ने मस्जिद की ओर जाने वाले रास्ते पर खड़े होकर इन लोगों को रोक दिया और धार्मिक उत्तेजना पैदा करने वाले नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद पुलिस दल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति शांत करने और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद संबंधित लोग रास्ता रोकने और नमाज के लिए आए लोगों को आगे बढ़ने से रोकते रहे।

तनावपूर्ण हो गया था माहौल

घटना के चलते माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया, हालांकि पुलिस की तत्परता से स्थिति नियंत्रण में आ गई। इस मामले में थाना संजौली में बीएनएस की धारा 126(2), 196, 189(2), 299 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा है कि जांच जारी है और घटना से जुड़े तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। बता दें कि संजौली मस्जिद को नगर निगम आयुक्त और जिला अदालत ने पहले ही अवैध घोषित किया हुआ है।

अवैध घोषित हो चुकी है संजौली मस्जिद

शिमला नगर निगम आयुक्त संजौली मस्जिद को अवैध करार दे चुके हैं। उन्होंने इसे तोड़ने के आदेश दे रखे है। उनके आदेशों पर ऊपर की दो मंजिल तोड़ी जा चुकी है। इस बीच वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी ने जिला अदालत में चुनौती दी। इससे निचली तीन मंजिल तोड़ने का काम रुक गया। बीते 30 अक्टूबर को जिला अदालत ने भी नगर निगम आयुक्त कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए हटाने के आदेश दिए है।

2 गुटों में लड़ाई के बाद सुर्खियों में आया केस

सनद रहे संजौली मस्जिद मामला 2 गुटों में लड़ाई के बाद सुर्खियों में आया। इसके बाद, पूरे देश में बवाल मचा था। दरअसल, 31 अगस्त 2024 को शिमला के मेहली में 2 समुदायों में मारपीट हुई। मारपीट करने वाले एक समुदाय के लोग संजौली मस्जिद में छिप गए। इससे गुस्साए लोगों ने 1 सितंबर को मस्जिद के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद शिमला के अन्य स्थानों पर भी हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। यही नहीं प्रदेश के अलग- अलग क्षेत्रों में भी लोग सड़कों पर उतरे।

तोड़ने की पेशकश पर शांत हुए थे लोग

11 सितंबर 2024 को शिमला के संजौली में फिर उग्र प्रदर्शन हुआ था। पुलिस ने बल प्रयोग किया था। भीड़ को हटाने के लिए पानी की बौछार भी की गई थी। इससे हिंदू संगठन भड़क गए थे। संजौली में मस्जिद तोड़ने की मांग उठने लगी। इस बीच 12 सितंबर 2024 को संजौली मस्जिद कमेटी खुद निगम कमिश्नर कोर्ट में पहुंची और अवैध हिस्सा तोड़ने की पेशकश की। इसके बाद मामला शांत हुआ।

16 साल तक निगम कोर्ट में चला केस

संजौली मस्जिद के अतिक्रमण मामला करीब 16 साल तक निगम आयुक्त कोर्ट में चलता रहा। इस दौरान इस केस में 50 से भी ज्यादा बार सुनवाई हुई। हिमाचल हाईकोर्ट के दखल के बाद इस केस में निगम कमिश्नर ने बीते 3 मई को फैसला सुनाया और पूरी मस्जिद को अवैध बताते हुए हटाने के आदेश दिए।

रिपोर्ट- यूके शर्मा

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