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हिमाचल प्रदेश कल्याण बोर्ड 953 के खिलाफ करेगा केस, क्या हैं आरोप?

हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने 953 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर ली है।

Tue, 2 Dec 2025 03:07 PMKrishna Bihari Singh वार्ता, शिमला
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हिमाचल प्रदेश कल्याण बोर्ड 953 के खिलाफ करेगा केस, क्या हैं आरोप?

हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड एक बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। बोर्ड

ने 953 ऐसे अयोग्य व्यक्तियों की पहचान की है जो ज्यादातर हमीरपुर जिले के हैं। इन लोगों ने खुद को निर्माण मजदूर एवं मनरेगा मजदूर के रूप में दर्ज कराकर कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाया था। बोर्ड ने अब इनके खिलाफ FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इनमें से कई तो आर्थिक रूप से काफी संपन्न बताए जा रहे हैं। उन्होंने उन योजनाओं का लाभ लिया जो केवल असली मजदूरों के लिए हैं। असल हितग्राहियों की पहचान के लिए शुरू किए गए व्यापक सत्यापन अभियान के तहत अब तक राज्य भर में 9,635 पंजीकरणों की जांच की जा चुकी है।

बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई अयोग्य लोगों ने कल्याणकारी योजनाओं का अनुचित लाभ उठाया था, इसलिए जमीनी स्तर पर सत्यापन जरूरी हो गया था। बोर्ड ने मार्च 2026 तक संपूर्ण जांच पूरी करने का लक्ष्य रखा है। हर महीने लगभग 240 सत्यापन किए जा रहे हैं।

बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि ये अनियमितताएं 2021-22 की हैं। उस समय महज 5 महीनों में लगभग 70 हजार रजिस्ट्रेशन हुए थे। इनमें से बड़ी संख्या अब संदेह के घेरे में हैं।

बोर्ड का अनुमान है कि हिमाचल प्रदेश में करीब 1.5 लाख पात्र निर्माण एवं मनरेगा मजदूर हैं लेकिन पंजीकरण 4.57 लाख तक पहुंच गए हैं। साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले आचार संहिता लागू होने तक इन हितग्राहियों को करीब 172 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके थे जबकि इतनी ही रकम लंबित है।

गलत तरीके से ली गई रकम की वसूली के लिए बोर्ड ने नोटिस जारी करने शुरू कर दिए हैं। कई लोगों ने स्वेच्छा से प्राप्त लाभ वापस कर दिए हैं। केवल हमीरपुर जिले में बरसर, भोरंज, सदर हमीरपुर और सुजानपुर के नौ व्यक्तियों ने छह लाख रुपये वापस किए जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर ने दोहराया कि पूरे राज्य में वसूली की कार्रवाई जारी रहेगी। यही नहीं जो लोग रकम वापस नहीं करेंगे, उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। यह सत्यापन अभियान इसलिए चलाया जा रहा है ताकि कल्याणकारी कोष की मदद केवल जरूरतमंद मजदूरों तक ही पहुंचे।

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