हिमाचल में एंट्री टैक्स पर बवाल, पंजाब-हरियाणा में विरोध; सुक्खू की क्या सफाई
पड़ोसी राज्य पंजाब के साथ एंट्री टैक्स को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को विधानसभा में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने कोई नया एंट्री टैक्स लागू नहीं किया है बल्कि पहले से लागू व्यवस्था में सीमित बढ़ोतरी की गई है, जिसे जल्द ही रैशनलाइज किया जाएगा।

पड़ोसी राज्य पंजाब के साथ एंट्री टैक्स को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को विधानसभा में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने कोई नया एंट्री टैक्स लागू नहीं किया है बल्कि पहले से लागू व्यवस्था में सीमित बढ़ोतरी की गई है, जिसे जल्द ही रैशनलाइज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एंट्री टैक्स पिछले लगभग 30 वर्षों से लागू है और हालिया बढ़ोतरी मुख्य रूप से नेशनल हाईवे पर फास्टैग प्रणाली से इसे जोड़ने के कारण हुई है। मुख्यमंत्री के अनुसार इससे छोटी गाड़ियों पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा है, जबकि बड़ी गाड़ियों पर करीब 40 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, साथ ही 5 किलोमीटर के दायरे में छूट देने का प्रावधान भी किया जाएगा जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।
एंट्री टैक्स को लेकर पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों में काफी नाराजगी देखने को मिली है। पंजाब और हरियाणा से बड़ी संख्या में लोग हिमाचल आते-जाते हैं और ऐसे में आर्थिक बोझ बढ़ने की वजह से उनमें नाराजगी है। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में प्रवेश शुल्क बढ़ाने के विरोध में हरियाणा के सैकड़ों लोगों ने सोमवार को प्रदर्शन किया और सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे में टोल माफ करने की मांग की। सोलन जिले के बरोटीवाला में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं ने किया, जिन्होंने राज्य सरकार के इस कदम के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान, उन्होंने कथित तौर पर कुछ समय के लिए प्रवेश शुल्क माफ करवा दिया। इसके बाद, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंची।
इससे पहले, प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि इस फैसले के कारण पड़ोसी राज्य पंजाब के साथ तनाव की स्थिति बन रही है और वहां के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री की ओर से जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, जिससे दोनों राज्यों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और हिमाचल के लोगों को दूसरे राज्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब सरकार से बातचीत कर समाधान निकालें, क्योंकि इसका व्यापक असर टैक्सी यूनियनों और आम लोगों पर पड़ रहा है।
इस मुद्दे पर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने भी चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को रैशनलाइजेशन से पहले ठेकेदारों और संबंधित पक्षों को विश्वास में लेना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सीमा क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और कुछ स्थानों पर सीमा बंद करने की चेतावनी भी दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि एंट्री टैक्स कोई नई व्यवस्था नहीं है और इसका असर छोटी गाड़ियों पर नहीं पड़ेगा।
एंट्री टैक्स में कितना इजाफा
सरकार ने एंट्री टैक्स (प्रवेश शुल्क) में भारी बढ़ोतरी की है, जो कुछ श्रेणियों में लगभग दोगुनी हो गई है। निजी कार एवं छोटे वाहन: पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों से आने वाले पर्यटकों को अब 70 रुपये के बजाय 170 रुपये देने होंगे। सवारी वाहन (12+1 क्षमता): इनका शुल्क भी 110 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया है। भारी वाहन (Heavy Vehicles): भारी मालवाहक वाहनों के लिए टैक्स 720 रुपये से बढ़ाकर 900 रुपये कर दिया गया है। जेसीबी और अन्य निर्माण वाहनों पर अब 570 रुपये की जगह 800 रुपये शुल्क लगेगा। ट्रैक्टरों का प्रवेश शुल्क 70 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये किया गया है।
रिपोर्ट : यूके शर्मा
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