Himachal government's outstanding share of Rs 1843 crore stuck, rail project work slows down हिमाचल सरकार की 1843 करोड़ रुपये की बकाया हिस्सेदारी अटकी, इस रेल परियोजना का काम हुआ धीमा, Himachal-pradesh Hindi News - Hindustan
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हिमाचल सरकार की 1843 करोड़ रुपये की बकाया हिस्सेदारी अटकी, इस रेल परियोजना का काम हुआ धीमा

रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि परियोजना लागत साझा मॉडल (Cost-Sharing Model) पर आधारित है और इसमें राज्य सरकार की देरी से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है।

Wed, 3 Dec 2025 07:39 PMRatan Gupta पीटीआई, शिमला
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हिमाचल सरकार की 1843 करोड़ रुपये की बकाया हिस्सेदारी अटकी, इस रेल परियोजना का काम हुआ धीमा

हिमाचल सरकार द्वारा 1,843 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी समय पर न चुकाने के कारण 63 किलोमीटर लंबी भानुपल्ली–बिलासपुर–बेरी नई रेल लाइन परियोजना की प्रगति पर गंभीर असर पड़ा है। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि परियोजना लागत साझा मॉडल (Cost-Sharing Model) पर आधारित है और इसमें राज्य सरकार की देरी से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है।

मंत्री वैष्णव ने बताया कि परियोजना के लिए हिमाचल प्रदेश में कुल 124.02 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है, जिसमें से 82 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है, और उपलब्ध भूमि पर काम जारी है। अब तक इस परियोजना पर 5,252 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि हिमाचल सरकार पर 1,843 करोड़ रुपये का बकाया है। मंत्री ने साफ कहा कि राज्य सरकार का योगदान न मिलने से परियोजना की रफ्तार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और समय पर प्रतिबद्धताओं को पूरा न करना भी बड़ी बाधा है।

उन्होंने बताया कि केंद्र परियोजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए तैयार है, परंतु हिमाचल सरकार का सहयोग बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार ने राज्य को स्पष्ट संदेश दिया है कि बिना आर्थिक सहयोग के भूमि कार्य और निर्माण कार्य तेज नहीं हो सकता।

बिलासपुर-मनाली-लेह नई रेल लाइन पर अपडेट

रेल मंत्री ने बताया कि बिलासपुर–मनाली–लेह नई रेल लाइन (489 किमी) को रक्षा मंत्रालय ने रणनीतिक महत्व की लाइन घोषित किया है। इस परियोजना का सर्वे पूरा हो चुका है और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) भी तैयार कर ली गई है। DPR के अनुसार परियोजना की अनुमानित लागत 1,31,000 करोड़ रुपये है। यह लाइन सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो भविष्य में लद्दाख और हिमाचल को रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

नंगल डैम-ऊना-तलवाड़ा रेल लाइन का ताजा हाल

वैष्णव ने नंगल डैम-ऊना अंदौड़ा-दौलतपुर चौक (60 किमी) सेक्शन का जिक्र करते हुए बताया कि यह हिस्सा जनवरी 2019 से ट्रैफिक के लिए खुला है। वहीं, दौलतपुर चौक-कर्टोली (पंजाब)-तलवाड़ा (52 किमी) सेक्शन पर निर्माण कार्य जारी है और अब तक इस पर 2,568 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। रेल मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार हर परियोजना को तेजी से पूरा करना चाहती है, लेकिन राज्य सरकारों की वित्तीय हिस्सेदारी और समय पर सहयोग इन परियोजनाओं के लिए बेहद आवश्यक है।

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