surat-two-class-12-students-die-by-suicide-gujarat-board-exams गुजरात बोर्ड परीक्षा के बीच सूरत में 2 छात्रों ने की आत्महत्या, केमिस्ट्री पेपर के बाद उठाया कदम, Gujarat Hindi News - Hindustan
More

गुजरात बोर्ड परीक्षा के बीच सूरत में 2 छात्रों ने की आत्महत्या, केमिस्ट्री पेपर के बाद उठाया कदम

गुजरात बोर्ड की 12वीं की परीक्षाओं के दौरान सूरत जिले में दो छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों छात्र मूल रूप से महाराष्ट्र के थे और 28 फरवरी को अलग-अलग घटनाओं में यह कदम उठाया। दोनों घटनाओं से परिवार में मातम पसरा हुआ है।

Tue, 3 March 2026 01:44 PMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, सूरत
share
गुजरात बोर्ड परीक्षा के बीच सूरत में 2 छात्रों ने की आत्महत्या, केमिस्ट्री पेपर के बाद उठाया कदम

गुजरात बोर्ड की 12वीं की परीक्षाओं के दौरान सूरत जिले में दो छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों छात्र मूल रूप से महाराष्ट्र के थे और 28 फरवरी को अलग-अलग घटनाओं में यह कदम उठाया। दोनों घटनाओं से परिवार में मातम पसरा हुआ है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली घटना सूरत जिले के बारडोली क्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक, बारडोली शुगर को-ऑपरेटिव फैक्ट्री में कार्यरत एक कर्मचारी की 20 वर्षीय बेटी खुशी केमिस्ट्री का पेपर देकर शनिवार को घर लौटी थी। शाम के समय, जब परिवार के सदस्य घर पर नहीं थे, उसने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। माता-पिता के लौटने पर घटना का पता चला और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। बारडोली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने बताया कि यह खुशी का 12वीं बोर्ड परीक्षा में दूसरा प्रयास था।

दूसरी घटना डिंडोली इलाके में सामने आई। 19 वर्षीय विलास प्रह्लाद पाटिल शनिवार रात अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस के अनुसार, वे सोमवार को होने वाली परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। रविवार सुबह परिजनों को घटना की जानकारी मिली। डिंडोली पुलिस ने बताया कि विलास ने अपनी मां से कहा था कि उनका केमिस्ट्री पेपर अच्छा नहीं गया। सूरत में जारी गुजरात स्टेट एजुकेशन बोर्ड की परीक्षाओं में 1.62 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है। पुलिस दोनों मामलों में आगे की जांच कर रही है।

परीक्षा का दबाव या असफलता जीवन का अंत नहीं है। आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि अपनों के लिए आजीवन पीड़ा छोड़ जाने वाला घातक कदम है। एक कठिन पेपर, कम अंक या अस्थायी निराशा आपके पूरे भविष्य को परिभाषित नहीं करते। जीवन अनमोल है और हर संकट का समाधान बातचीत, सहारे और समय से निकल सकता है।

यदि आप या आपका कोई परिचित तनाव, अवसाद या निराशा से जूझ रहा है, तो तुरंत मदद लें। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन किरण (1800-599-0019) पर 24x7 निःशुल्क परामर्श उपलब्ध है। याद रखें, मदद मांगना कमजोरी नहीं, साहस है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।