नए साल में गुजरात सरकार ने लोगों को दिया झटका, बसों का किराए बढ़ाया; जानिए कितना महंगा हुआ सफर
अधिकारियों ने कहा कि निगम की बसों में रोजाना यात्रा करने वाले लगभग 85 प्रतिशत यानी यानी 10 लाख यात्री कम दूरी की यात्रा करते हैं, जिससे कि उन पर इस किराया वृद्धि का बिल्कुल मामूली असर होगा।

गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) ने साल के आखिरी दिन राज्य के लोगों को एक झटका देते हुए बसों के किराया में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी। निगम ने नए साल के पहले ही दिन यानी 1 जनवरी 2026 से अपनी सभी बस सेवाओं के किराए में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की जानकारी दी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इस किराया वृद्धि का यात्रियों पर बेहद मामूली असर पड़ेगा। इस दौरान 9 किलोमीटर तक की यात्रा करने वाले यात्रियों को तो एक रुपए भी ज्यादा नहीं देने होंगे। जबकि 10 से 60 किलोमीटर की दूरी तक यात्रा करने वालों को प्रति यात्रा सिर्फ एक रूपए अतिरिक्त देना होगा।
अधिकारियों ने कहा कि निगम की बसों में रोजाना यात्रा करने वाले लगभग 85 प्रतिशत यानी यानी 10 लाख यात्री कम दूरी की यात्रा करते हैं, जिससे कि वे इस वृद्धि से बेहद कम प्रभावित होंगे। किराए में बढ़ोतरी के बावजूद, GSRTC का दावा है कि इसके किराए कई अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम हैं।
इस बारे में जारी एक प्रेस रिलीज में निगम ने हाल के महीनों में उसके द्वारा शुरू की गई कई पहलों के बारे में भी बताया। जिसके अनुसार निगम ने अपने बेड़े में 1,475 नई BS-6 बसों को शामिल किया है, जिसमें स्लीपर, लग्जरी, सेमी-लग्जरी, सुपर डीलक्स और मिनी बसें शामिल हैं। इसके अलावा 13 अपग्रेडेड बस स्टेशनों और डिपो का उद्घाटन भी किया गया है, जिससे रोज़ाना लगभग एक लाख लोगों को फायदा होगा।
इसके अलावा प्रेस नोट में यह भी बताया गया कि साल 2025-26 के बजट प्लान में राज्य सरकार ने अपने बेड़े में 2,060 और बसें जोड़ने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए ड्राइवरों की भर्ती भी चल रही है, जिसमें 2,320 कंडक्टर पहले ही नियुक्त किए जा चुके हैं और 3,084 ड्राइवरों और 1,658 हेल्परों को नियुक्त करने की योजना है।
प्रेस रिलीज में यह भी कहा गया है कि पूरे राज्य में बस पोर्ट को अपग्रेड करने का काम भी चल रहा है, जिसमें अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट, सूरत, भुज, मेहसाणा, पालनपुर, भरूच और अमरेली जैसे शहरों में आधुनिक एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं पहले से ही चालू हैं।
निगम के अनुसार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और कैश पर निर्भरता कम करने के लिए, GSRTC ने अहमदाबाद, राजकोट, जामनगर और जूनागढ़ डिवीजनों में बसों में 3,000 स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनें लगाई हैं, और जल्द ही 7,500 अन्य डिवाइस भी लगाए जाएंगे।
बता दें कि गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम रोज़ाना 8,000 से ज़्यादा बसें संचालित करता है और 32 लाख किलोमीटर में 27 लाख से ज़्यादा यात्रियों को ले जाता है। निगम ने कहा कि वह किफायती सार्वजनिक परिवहन प्रदान करते हुए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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