गुजरात में बारिश का नया दौर; आज 7 जिलों में येलो अलर्ट, 4 अप्रैल तक भीगेंगे ये जिले; मौसम विभाग का अलर्ट
सोमवार को बना पश्चिमी विक्षोभ अब उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू संभाग के ऊपर, समुद्र तल से 3.1 km की ऊंचाई पर, ऊपरी हवाओं के चक्रवाती परिसंचरण के रूप में दिखाई दे रहा है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 02 अप्रैल, 2026 से उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित कर सकता है।

Gujarat Weather News: गुजरात के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभ के असर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बीते दो दिन से बादल छाए हुए हैं, और इस दौरान कई स्थानों पर तो बारिश भी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि 2 अप्रैल से एकबार फिर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है, जिसके असर से इस पूरे हफ्ते प्रदेश में बादलों और बारिश की लुकाछिपी चलती रहेगी। मंगलवार के मौसम की बात करें तो विभाग ने प्रदेश के 7 जिलों में गरज-चमक के साथ बादल गरजने और बिजली कड़कने की संभावना जताते हुए बारिश की संभावना जताई है। हालांकि एक दिन बाद यानी 1 अप्रैल के लिए विभाग ने प्रदेश में शुष्क मौसम की संभावना जताई है। लेकिन इसके बाद शुरू होने वाला बारिश का दौर रविवार तक जारी रहेगा।
हफ्ते में इन चार दिन बारिश होने की संभावना
मौसम विभाग ने आज 31 मार्च (मंगलवार) के लिए गुजरात के कच्छ, बनासकांठा, पाटण, साबरकांठा, मेहसाणा, अमरेली और भावनगर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान यहां कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की जोरदार संभावना है। इसके अलावा अन्य शेष जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
2 अप्रैल गुरुवार को प्रदेश के बनासकांठा, पाटण, मेहसाणा, साबरकांठा, छोटा उदेपुर, नर्मदा, सूरत, तापी, डांग, नवसारी, वलसाड, अमरेली, भावनगर और कच्छ जिलों में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की बहुत अधिक संभावना है। इस दौरान यहां बिजली कड़कने, हल्की आंधी आने और 30 से 40 kmph की रफ्तार से सतही हवाएं चलने की भी पूरी उम्मीद है।
3 अप्रैल शुक्रवार को प्रदेश के बनासकांठा, पाटण, मेहसाणा, साबरकांठा, अमरेली, भावनगर और कच्छ जिलों में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ ही 30 से 40 किमी प्रतिघंटा (झोंकों के साथ) की रफ्तार से सतही हवाओं के चलने की उम्मीद है। इसके साथ ही इन जगहों पर हल्की गरज-चमक के साथ बारिश होने की अत्यधिक संभावना है।
4 अप्रैल शनिवार को गुजरात क्षेत्र के बनासकांठा, साबरकांठा, अरावली, महीसागर, वलसाड और सौराष्ट्र के अमरेली और भावनगर जिलों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की बहुत अधिक संभावना है। इस क्षेत्र के बाकी जिलों में मौसम के शुष्क रहने की बहुत अधिक संभावना है।

अमरेली रहा सबसे गर्म, तो नलियां सबसे ठण्डा
मंगलवार सुबह साढ़े आठे बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण गुजरात क्षेत्र और कच्छ में कुछ जगहों पर बारिश हुई। इस दौरान कच्छ जिले के नलियां शहर में 5 मिलीमीटर बारिश हुई। बीते दिन प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस अमरेली में दर्ज किया गया, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस नलियां में दर्ज किया गया। बीते दिन सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई, हालांकि बाकी क्षेत्रों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। वहीं कच्छ के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट आई, बाकी क्षेत्रों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा या काफी ज्यादा रहा, जबकि बाकी क्षेत्रों में यह सामान्य ही रहा।
मौसम की परिस्थितियां
सोमवार को बना पश्चिमी विक्षोभ अब उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू संभाग के ऊपर, समुद्र तल से 3.1 km की ऊंचाई पर, ऊपरी हवाओं के चक्रवाती परिसंचरण के रूप में दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही मध्य क्षोभमंडल स्तरों में एक ट्रफ (गर्त) भी मौजूद है, जिसका अक्ष समुद्र तल से 5.8 km की ऊंचाई पर, लगभग 70 डिग्री पूर्व देशांतर के सहारे और 26 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है। एक अन्य ऊपरी हवाओं का चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्र पर बना हुआ है, जो समुद्र तल से 1.5 km की ऊंचाई तक फैला हुआ है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 02 अप्रैल, 2026 से उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित कर सकता है।
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