बड़ी तबाही का था प्लान, साइनाड से भी खतरनाक केमिकल बना रहा था आतंकी मोहिउद्दीन
अधिकारियों ने खुलासा किया कि चीन से एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री रखने वाला डॉ. मोहिउद्दीन, अपनी आतंकी योजना के तहत रिसिन नाम का खतरनाक केमिकल तैयार कर रहा था। इसके लिए मोहिउद्दीन चार लीटर अरंडी का तेल भी लाया था।

देश को दहलाने की प्लानिंग कर रहे तीन आतंकियों को पकड़ने वाली गुजरात एटीएस ने कई खुलासे किए हैं। जांच में पता चला है कि तीनों आतंकी बहुत बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में थे जिससे बहुत ज्यादा नुकसान हो। इसके लिए तीनों में से एक रिसिन(Ricin) नाम का केमिकल बना रहा था जो साइनाइड से भी ज्यादा खतरनाक होता है। गनीमत रही कि एटीएस ने तीनों को वक्त रहते पकड़ लिया और उनता प्लान फेल हो गया। एक आतंकी का कनेक्शन टेलीग्राम पर एक शख्स से था,इसके अलावा वह विदेशी लोगों के संपर्क में भी था।
खतरनाक केमिकल बना रहा था आतंकी मोहिउद्दीन
गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी के अनुसार, ये संदिग्ध लगभग एक साल से हमारी निगरानी में थे। एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि हैदराबाद का 35 वर्षीय डॉ. अहमद मोहिउद्दीन आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है और अहमदाबाद आने की योजना बना रहा है। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए, एटीएस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और उसे अडालज टोल प्लाजा पर रोक लिया। अधिकारियों ने खुलासा किया कि चीन से एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री रखने वाला डॉ. मोहिउद्दीन, अपनी आतंकी योजना के तहत रिसिन नाम का खतरनाक केमिकल तैयार कर रहा था। इसके लिए मोहिउद्दीन चार लीटर अरंडी का तेल भी लाया था। रिसिन साइनाइड से भी ज्यादा जहरीला होता है और इसका उपयोग बड़े पैमाने पर तबाही मचाने के लिए किया जाना था।
गुजरात एटीएस को संदिग्धों के पास से
➤दो ग्लॉक पिस्तौल
➤एक बेरेटा पिस्तौल
➤30 जिंदा कारतूस
➤चार लीटर अरंडी का तेल (castor oil) मिले हैं।
किसके संपर्क में था मोहिउद्दीन?
डीआईजी जोशी ने आगे कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि डॉ. मोहिउद्दीन एक टेलीग्राम उपयोगकर्ता 'अबू खदीजा' के संपर्क में था। माना जाता है कि 'अबू खदीजा' का संबंध इस्लामिक स्टेट – खुरासान प्रांत (ISKP) से है। वह एक ऐसी आतंकवादी गतिविधि को अंजाम देना चाहता था जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हो और बताया कि संदिग्ध लगातार विदेशी गुर्गों के संपर्क में था।
डीआईजी जोशी ने बताया कि अन्य दो आरोपी, आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल सलीम खान, क्रमशः उत्तर प्रदेश के लखीमपुर और शामली जिलों के रहने वाले हैं। इन दोनों ने धार्मिक शिक्षा प्राप्त की थी और कथित तौर पर ये कट्टरपंथी बन गए थे। उन्होंने लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद के भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी की थी। जोशी ने यह भी बताया कि उनकी गतिविधियां कश्मीर में भी देखी गई थीं।
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