सवा किलो सोना, 1100 kg चांदी और 50 लाख कैश बरामद; अहमदाबाद में ED के छापे में हाथ लगा खजाना
जांच के दौरान ईडी को पता चला कि मुख्य आरोपी हिमांशु भरत कुमार भावसार ने तीन कंपनियों विश्वास स्टॉक्स रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, दलाल स्टॉक्स एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड और देवकी स्टॉक्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

शेयर बाजार में निवेश के नाम पर हुई धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अहमदाबाद में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भारी मात्रा में सोना-चांदी और नगदी बरामद की है। ईडी की टीम ने इस कार्रवाई को धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी हिमांशु उर्फ पिंटू भावसार और अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापा मारते हुए अंजाम दिया। इस दौरान ईडी की टीम ने वहां से 110 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां, 1.296 किलोग्राम सोने की सिल्लियां और भारतीय मुद्रा में लगभग 38.8 लाख रुपए व विदेशी मुद्रा में करीब 10.6 लाख रुपए के अलावा विभिन्न सम्पत्तियों के दस्तावेज बरामद व जब्त किए।
कार्रवाई के दौरान जब्त चांदी की कीमत 2.4 करोड़ रुपए है, जबकि सोने की कीमत 1.7 करोड़ रुपए जब्त है। यानी ईडी ने यहां से नगदी समेत कुल 4.6 करोड़ रुपए का माल बरामद किया। आरोपी तीन फर्जी कंपनियों के जरिए लोगों को फंसाते थे।
मेहसाणा में दर्ज हुई थी FIR
इस कार्रवाई को लेकर ईडी की तरफ से एक प्रेस नोट जारी करते हुए जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि शिकायतकर्ता ने आरोपी हिमांशु उर्फ पिंटू भावसार और अन्य के खिलाफ शेयर बाजार धोखाधड़ी के मामले में मेहसाणा जिले के खेरालू पुलिस स्टेशन में IPC की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज करवाई थी, और उसी के आधार पर ईडी ने इस मामले की जांच शुरू की थी।
देते थे शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच
FIR के अनुसार आरोपियों ने शिकायतकर्ता को भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर शेयर बाजार में निवेश करने के लिए उकसाया, लेकिन बाद में उसका पैसा वापस न करके उसके साथ धोखाधड़ी की। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि आरोपियों ने शेयरों में निवेश के लिए शिकायतकर्ता से मिली रकम को किसी भी कंपनी के शेयर में नहीं लगाया, बल्कि उसका इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया।
तीन कंपनियों के जरिए लोगों को फंसाते थे
जांच के दौरान ईडी को पता चला कि मुख्य आरोपी हिमांशु भरत कुमार भावसार ने तीन कंपनियों विश्वास स्टॉक्स रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, दलाल स्टॉक्स एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड और देवकी स्टॉक्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम दिया। साथ ही एजेंसी को आरोपियों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में कम से कम 6 अन्य FIR दर्ज होने की जानकारी भी मिली। जिसके बाद उनके द्वारा शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर की गई कुल धोखाधड़ी की राशि लगभग 11 करोड़ रुपए पहुंच गई।
फोन लगाकर लोगों को निवेश के लिए फंसाते
लोगों के साथ ठगी को अंजाम देने के लिए मुख्य आरोपी हिमांशु उर्फ पिंटू भावसार ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर मेहसाणा, विसनगर और वड़नगर में कई ऑफिस खोले गए थे, जिनका मकसद आम जनता को शेयर बाजार में निवेश के नाम पर लालच देकर उनसे रकम प्राप्त करना था। आरोपियों ने कई कर्मचारियों को भी नौकरी पर रखा था, जो कि लोगों को फोन लगाकर उच्च रिटर्न का झांसा देकर जाल में फंसाते थे, और उनसे निवेश के लिए रकम प्राप्त करते थे।
सेबी से रजिस्टर्ड नहीं थीं तीनों कंपनियां
PMLA के तहत की गई जांच के दौरान यह बात सामने आई कि हिमांशु ने अपनी जिन तीन कंपनियों के जरिए लोगों से पैसा लिया, उनका पंजीकरण SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) के पास था ही नहीं और इस काम को अंजाम देने के लिए उसने सेबी से मिले निवेश सलाहकार प्रमाणपत्र का गलत उपयोग किया।
सेबी ने अपने आदेश में विश्वास स्टॉक्स रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, दलाल स्टॉक्स एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड और देवकी स्टॉक्स प्राइवेट लिमिटेड तथा इनके निदेशकों हिमांशु भरतकुमार भावसार उर्फ पिंटू भावसार और अन्य को निवेश सलाहकार सेवाएं प्रदान करने के दौरान किए गए उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। ईडी ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।
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