Android और iPhone चलाने वाले आम लोग भी खतरे में, फोन में मिले 5 नए पेगासस स्पाइवेयर android and iphone users in danger five new types of pegasus spyware discovered, Gadgets Hindi News - Hindustan
More

Android और iPhone चलाने वाले आम लोग भी खतरे में, फोन में मिले 5 नए पेगासस स्पाइवेयर

Android और iPhones चलाने वाले यूजर्स पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। मोबाइल सिक्योरिटी कंपनी iVerify ने 5 नए प्रकार के Pegasus Spyware को ढूंढ है और डराने वाली बात यह है कि इस बार यह स्पाइवेयर आम लोगों के फोन में मिले हैं।

Sun, 8 Dec 2024 03:22 PMArpit Soni लाइव हिन्दुस्तान
share
Android और iPhone चलाने वाले आम लोग भी खतरे में, फोन में मिले 5 नए पेगासस स्पाइवेयर

Android और iPhones यूजर्स पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। एक मोबाइल सिक्योरिटी कंपनी ने आईफोन और एंड्रॉयड दोनों तरह के स्मार्टफोन्स पर नए पेगासस स्पाइवेयर का पता लगाया है, जिन्हें पहले कभी नहीं खोजा गया था। दरअसल, आईवेरिफाई (iVerify) ने दावा किया है कि रेगुलर यूजर्स और उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले डिवाइसेस पर 5 नए प्रकार के पेगासस स्पाइवेयर मिल हैं, जिससे यह पता चलता है कि पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग केवल हाई-प्रोफाइल लोगों के लिए नहीं बल्कि आम नागरिकों को भी निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

अनोखे पेगासस स्पाइवेयर की पहचान कैसे की गई है

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, iVerify का कहना है कि उसे मई में लॉन्च किए गए अपने मोबाइल थ्रेट हंटिंग फीचर के जरिए लोगों के फोन पर स्पाइवेयर मिला है। यह फीचर यूजर्स को सिर्फ पांच मिनट में अपने स्मार्टफोन पर किसी भी प्रकार का खतरा स्कैन करने की अनुमति देता है। मई में, कंपनी ने अपने यूजर्स को एक बार मुफ्त स्कैन की सुविधा दी थी।

इस दौरान करीब 2,500 से ज्यादा यूजर्स ने इसमें हिस्सा लिया था और iVerify ने सात पेगासस इंफेक्शन्स का पता लगाया था। बता दें कि पेगासस एक स्पाइवेयर टूल है, जो किसी डिवाइस को पूरी तरह से खतरे में डालने और उससे संवेदनशील डेटा चुराने की अपनी क्षमता के लिए जाना जाता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सबसे कम कीमत में मिल रहे ये चार Pixel फोन, हो रही 32 हजार तक की बचत, देखें लिस्ट

ये इंफेक्शन्स, 2021 से लेकर अब तक, अलग-अलग iOS वर्जन में फैले हुए हैं और पारंपरिक सुरक्षा उपायों से छिपे रहने के लिए पेगासस की क्षमता को बी दिखाते हैं। यह खोज iVerify के इस विश्वास की पुष्टि केरती है कि स्पाइवेयर पहले की तुलना में कहीं ज्यादा प्रचलित हैं, और यह कई मोबाइल डिवाइसेस में छिपा हुआ है।

हालांकि सैंपल साइज छोटा था और पत्रकारों, सरकारी अधिकारियों और कॉर्पोरेट अधिकारियों जैसे उच्च जोखिम वाले लोगों पर केंद्रित था, लेकिन प्रति 1000 स्कैन पर 2.5 डिवाइस का इंफेक्शन रेट किसी भी पहले बताए गए आंकड़ों से काफी ज्यादा है।

iVerify ने अपनी रिसर्च में क्या पाया

iVerify का कहना है कि मई 2024 में की गई जांच में पेगासस के कई वेरिएंट सामने आए हैं, जिसमें iOS और Android पर 5 अलग-अलग प्रकार के मैलवेयर शामिल हैं। इसने डायग्नोस्टिक डेटा, शटडाउन लॉग और क्रैश लॉग में फोरेंसिक आर्टिफैक्ट भी देखे।

एनएसओ ग्रुप या रेनबो रोनिन द्वारा डेवलप, जैसा कि आईवेरिफाई टीम ने बताया है, पेगासस मैसेजेस, ईमेल, कॉल लॉग, फोटो तक एक्सेस के साथ पूरे डिवाइस का कंट्रोल ले लेता है। यूजर को पता भी नहीं लगता और डिवाइस इंफेक्टेड हो जाता है।

(कवर फोटो क्रेडिट-cxotoday)

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।