क्यों स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलना आसान नहीं, जंग में कमजोर ईरान यहां कैसे हो जाता है मजबूत
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाज निकलने में खौफ खाते हैं और ईरान की ओर से हमला न करने की गारंटी के बाद ही उन्हें रवाना किया जा रहा है। भारत के भी ऐसे ही 4 जहाज यहां से निकले हैं, जबकि मध्यस्थता का दावा करने वाले पाकिस्तान के जहाजों को परमिशन नहीं मिली।

दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल जिस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है, वहां से जहाज फिलहाल निकल नहीं पा रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान के बगल से निकलता है और हमलों के लिहाज से पूरी तरह से उसके दायरे में है। अमेरिका और इजरायल के मुकाबले जंग में ईरान कमजोर नजर आता है, लेकिन यहां वह बेहद मजबूत है। इतना कि यहां से जहाज निकलने में खौफ खाते हैं और ईरान की ओर से हमला न करने की गारंटी के बाद ही उन्हें रवाना किया जा रहा है। भारत के भी ऐसे ही 4 जहाज यहां से निकले हैं, जबकि मध्यस्थता का दावा करने वाले पाकिस्तान के जहाजों को परमिशन नहीं मिली। यही नहीं जंग के बहाने ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों से मोटी वसूली की भी कोशिश शुरू कर दी है।
इस बीच जानकारों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का तत्काल खुलना भी मुश्किल है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब तक शांति नहीं होगी, यहां से जहाजों को निकलने में रिस्क बना रहेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान यहां बढ़त बनाए हुए है। एक तरफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लगते उसके पहाड़ी इलाके हैं। ऐसे में उसके पास यह क्षमता हर वक्त है कि कम संसाधनों के साथ भी होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को टारगेट कर सकता है। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पानी का बहाव उथला है। ऐसे में जहाजों को आसानी से टारगेट किया जा सकता है और यहां उनकी स्पीड भी कम रहती है।
ईरान यहां से गुजरने वाले तेल और गैस के जहाजों को माइन्स, मोबाइल मिसाइल, ड्रोन और छोटी बोट्स के जरिए टारगेट करता रहा है। यही नहीं अमेरिका की ओर से नेवी आदि की तैनाती की गई है, लेकिन इसके बाद भी जहाजों का गुजरना मुश्किल है। अब यदि यहां से जहाजों को गुजारना है तो उसके लिए बड़ी सुरक्षा व्यवस्था करनी होगी। जैसे- वॉरशिप्स की तैनाती, माइनस्वीपर्स को लगाना ताकि रूट क्लियर हो सके और जहाजों के ऊपर एयरक्राफ्ट्स को तैनात किया जाए। इस तरह फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का पूरी तरह खुलना संभव नहीं है। बड़ी सुरक्षा के साथ जहाजों को यहां से निकाला जा सकता है, लेकिन यह इतना आसान नहीं है और हमले का रिस्क हमेशा बना रहेगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ऐसा क्या कि हमले आसान
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक पतला सा समुद्री गलियारा है। यहां पानी उथला रहता है और बहाव कम है।
- यहां से गुजरने वाले टैंकर ईरान के तटीय इलाके के पास से गुजरते हैं और हमले का खतरा हमेशा बना रहता है।
- ईरान का तटीय इलाका यहां पर पर्वतीय है। इसके कारण वह ऊंचाई से निगरानी रखता है और उसके लिए हमले करना आसान होता है। वह कहीं से भी छिपकर अटैक कर सकता है।
- इन स्थितियों के चलते जहाजों के पास कोई रिएक्शन टाइम नहीं होता। हमला आदि होने की स्थिति में उनके पास बच निकलने के लिए स्कोप नहीं रहता। ईरान छिपकर और तेजी से अटैक करने की स्थिति में रहता है।
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