धुरंधर: रहमान डकैत ने शक में कर दिया था मां का खून? ये है पाकिस्तानी गैंगस्टर की असली कहानी
Dhurandhar Rehman Dakait Real Story: अक्षय खन्ना धुरंधर में रहमान डकैत बनकर छा गए हैं। जिस शख्स पर उनका कैरेक्टर आधारित है वह महज 29 साल जिया। सोचिए उसने ऐसा क्या किया होगा जो भारत में उसके कैरेक्टर को मूवी में लिया गया।

‘रहमान डकैत की दी हुई मौत बड़ी कसाईनुमा होती है’, यह डायलॉग फिल्म धुरंधर का है जिसे, अक्षय खन्ना बोलते हैं। रणवीर सिंह स्टारर मूवी के दो किरदार काफी चर्चा में हैं। एक तो चौधरी असलम, दूसरा रहमान डकैत। चौधरी असलम संजय दत्त बने हैं और रहमान डकैत का रोल अक्षय खन्ना ने निभाया है। अक्षय खन्ना फिल्म में खूंखार गैंग्स्टर दिखाए गए हैं। उनका किरदार पाकिस्तान के क्रिमिनल रहमान डकैत की असली जिंदगी पर आधारित है। रहमान डकैत सिर्फ 29 साल तक जिंदा रहा लेकिन उसके कारनामे इतने खतरनाक थे कि इसे इतने साल बाद भारत की एक फिल्म में लिया गया। बताया जाता है कि 15 साल की उम्र में उसने अपनी ही मां को मार डाला था, इतना खूंखार होने के बाद भी ल्यारी की जनता उसे रॉबिन हुड मानती थी, आखिर क्यों? जानें उसकी असली कहानी।
13 साल की उम्र में पहला कत्ल
पाकिस्तान के ल्यारी का गैंगवॉर अब भारत में डिसकस किया जा रहा है। वहां के गैंगस्टर्स की जिंदगी के बारे में भी लोग खूब सर्च कर रहे हैं। फिल्म धुरंधर को छोड़कर अगर असली रहमान डकैत की बात करें तो उसका जन्म 1980 में हुआ था। उसके पिता मुहम्मद एक ड्रग स्मगलर थे। मां का नाम खदीजा बीबी था। रहमान बड़ा हुआ तो खुद को सरदार अब्दुल रहमान बलोच बुलाने लगा। उसने छोटी उम्र में भी ड्रग्स की तस्करी शुरूकर दी थी। रहमान ने 13 साल की उम्र में एक शख्स को चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी थी।
शक की वजह से ली मां की जान?
यह भी बताया जाता है कि 15 साल की उम्र में रहमान ने अपनी मां का खून कर दिया था। चर्चा थी कि रहमान को शक था कि उसकी मां का दूसरे गैंग के किसी शख्स के साथ अवैध रिश्ता है। वहीं कुछ लोग यह भी बताते हैं कि उसकी मां ने पुलिस से मुखबिरी की थी, इससे नाराज होकर रहमान ने उसे मार दिया था। हालांकि मां की जान लेने की खबरों की कहीं पुष्टि नहीं है।
रहमान डकैत के काले कारनामे
धीरे-धीरे रहमान के काले कारनामे बढ़ते गए। वह किडनैपिंग, स्मगलिंग, उगाही, चोरी-डकैती जैसे कामों में इन्वॉल्व हो गया। पाकिस्तानी अखबर एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, वह 21 साल की उम्र में एक गैंग का सरदार बन चुका था। वह हथियारों का अवैध कारोबार भी करता था। रहमान का राइवल अरशद पप्पू और उसका गैंग था।
गरीबों का रॉबिन हुड
2009 तक रहमान डकैत ल्यारी अंडरवर्ल्ड का राजा था। उसका राजनीति में दखल था और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के करीब भी देखा गया। रहमान खौफ से राज करने के बजाय ल्यारी के लोगों के दिलों के रास्ते इलाके पर अपना कब्जा चाहता था। उसने लोग रॉबिन हुड भी कहते थे। सामने से वह स्कूल और हॉस्पिटल बनवाता, लोगों की मदद करता लेकिन उसका गैंग शराब, ड्रग्स सप्लाई के साथ प्रॉस्टिट्यूशन रैकेट चलाने के काम करता था। 2009 में इनकाउंटर में रहमान की मौत हो गई। रहमान डकैत की मौत की वजह भी विवादित थी। ऑटोप्सी रिपोर्ट के मुताबिक उसे 3 फीट की दूरी से गोली लगी थी। एनकाउंटर में इतनी दूरी से लोग नहीं मरते। यह भी चर्चा थी पॉलिटिक्स में रहमान कहीं आगे ना बढ़ जाए इस वजह से उसको रास्ते से हटाया गया था। इसके बाद उसके भाई उजैर बलोच ने गैंग संभाला।
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