Dhurandar 2 Review: धुरंधर-2 की जितनी हाइप है, क्या सच में फिल्म भी उतनी ही धांसू है? पढ़िए रिव्यू
Dhurandhar The Revenge Review in Hindi: रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ को ‘धुरंधर द रिवेंज’ कहा जा रहा है। ये फिल्म 3 घंटे 45 मिनट की है। इसमें कई सारे क्लाइमैक्स हैं।

Dhurandar 2 Review in Hindi: स्पाई थ्रिलर फिल्म 'धुरंधर 2' सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। लेकिन सवाल यह उठता है कि ‘धुरंधर 2’ की जितनी हाइप है, क्या फिल्म भी उतनी ही खास है? 3 घंटे 45 मिनट की फिल्म देखने के लिए थिएटर जाने से पहले इस सवाल का जवाब जान लीजिए। पढ़िए लाइव हिन्दुस्तान का स्पॉइलर फ्री रिव्यू।
कहानी (स्पॉइलर फ्री)
फिल्म की कहानी वहीं से शुरू होती है जहां से जसकीरत सिंह रांगी का असली ट्रांसफॉर्मेशन शुरू होता है। फिल्म बारीकी से दिखाती है कि पाकिस्तान जाने से पहले जसकीरत की जिंदगी में ऐसी क्या घटनाएं घटी थीं, जिन्होंने उसे किलिंग मशीन बना दिया। चिंता मत कीजिए, ‘धुरंधर 2’ की कहानी सिर्फ फ्लैशबैक में ही सिमटी नहीं रहती है, बल्कि वर्तमान की कड़ियों को भी जोड़ती है। रहमान डकैत की मौत के बाद कराची के अंडरवर्ल्ड में मची उथल-पुथल और सत्ता की जंग को भी दिखाती है।

एक्टिंग
कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा की जितनी तारीफ की जाए कम है। हर एक किरदार अपनी असल जिंदगी के हमशक्ल जैसा नजर आता है। वहीं एक्टिंग की बात करें तो हर एक एक्टर ने अपनी एक्टिंग से अपने किरदार में जान फूंकी है। खासकर राकेश बेदी। वह इस फिल्म के असली सरप्राइज पैकेज हैं।
दूर होगी दर्शकों की शिकायत
अगर आपको पहले पार्ट में हमजा अली मजारी के विलेन अवतार की कमी खली थी, तो ‘धुरंधर 2’ में उसकी भरपाई हो जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि आदित्य धर ने फिल्म रणवीर का वो रूप दिखाया है जिसके बारे में सोचकर आपको रौंगटे खड़े हो जाएंगे।

फिल्म के गाने
फिल्म के गाने सुनने में काफी इम्पैक्टफुल हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल कमजोर कड़ी साबित होता है। कई जगहों पर डायलॉग्स की जगह बेमतलब गाने डाल दिए गए हैं। एडिटिंग में गानों का अचानक कटना और डायलॉग्स का शुरू होना खटकता है। फिल्म के सीन्स और गानों के बीच वह तालमेल नहीं बैठता जो ‘धुरंधर’ में बैठाया गया था।
सार: कैसी है फिल्म?
फिल्म की शुरुआत थोड़ी धीमी लग सकती है। जब जसकीरत बताई जा रही होगी तब आपके मन में बड़े साहब कौन हैं? कराची का माहौल कैसा है? रहमान डकैत की मौत के बाद क्या हुआ? जैसे सवाल आने लगेंगे। लेकिन, जैसे ही पार्ट 2 की शुरुआत होती है, फिल्म गियर बदल लेती है। एक के बाद एक आने वाले क्लाइमैक्स और खुलते हुए राज आपको अपनी कुर्सी से बांधे रखते हैं।
फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं?
अगर आपको संदीप रेड्डी वांगा की 'एनिमल' में दिखाई गई मार-धाड़ और रॉ-नेस पसंद आई थी, तो 'धुरंधर 2' आपके अच्छी लग सकती है।
चेतावनी: फिल्म में पहले पार्ट के मुकाबले कहीं ज्यादा हिंसा, गाली-गलौज और डार्क कंटेंट है।
लाइव हिन्दुस्तान रेटिंग : 3.5
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