8 घंटे से ज्यादा काम क्रिएटिविटी पर डालता है असर, दीपिका पादुकोण की डिमांड पर बोले आशुतोष राणा
दीपिका पादुकोण के 8 घंटे शिफ्ट वाली मांग पर आशुतोष राणा ने अपनी राय सामने रखी है। उन्होंने 8 घंटे शिफ्ट की बात को सपोर्ट किया है। उन्होंने कहा कि अगर आर्टिस्ट को अगर उनकी मेंटल और फिजिकल लिमिट्स से ज्यादा पुश किया जाता है तो क्रिएटिवी पर असर पड़ता है।

पिछले साल दीपिका पादुकोण ने 8 घंटे की शिफ्ट डिमांड करके इंडस्ट्री में एक बहस छेड़ दी थी। अब 8 घंटे की शिफ्ट डिमांड पर आशुतोष राणा ने अपनी राय सामने रखी है। आशुतोष राणा ने दीपिका की 8 घंटे वाली शिफ्ट डिमांड को सपोर्ट किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी आर्टिस्ट से उनकी मेंटल और फिजिकल लिमिट्स के बाहर काम कराया जाता है को उनकी क्रिएटिवी पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कि 8 घंटे काम करने के लिए बहुत अच्छा है और 8 घंट में काम पूरा किया जा सकता है।
8 घंटे की शिफ्ट को लेकर क्या बोले आशुतोष राणा
फ्री प्रेस जर्नल से खास बातचीत में आशुतोष राणा ने कहा, "मेरा मानना है कि क्रिएटिव काम 8 घंटे से ज्यादा नहीं कराया जाना चाहिए। अगर आप बेस्ट में बेस्ट चाहते हैं, आपको ये समझना चाहिए। 8 घंटे बहुत अच्छा खासा टाइम है, 8 घंटे में काम पूरा हो सकता है। अगर आपका प्री-प्रोडक्शन मजबूत है, अगर आप सॉर्टेड हैं, अगर आपको पता है कि आपको क्या शूट करना है, तो मेरी बात मानिए-आप 8 घंटे में जादू कर सकते हैं।"
आशुतोष बोले- क्रिएटिवी पर पड़ता है असर
आशुतोष ने आगे कहा, “अगर आप 8 घंटे से ज्यादा काम करते हैं, आपके काम पर असर पड़ता है। ये खेल पूरी तरह से एनर्जी और मजबूती का है। हर किसी की क्षमता 20 घंटे काम करने और बचे हुए चार घंटे में तरोताजा होने की नहीं होती है। एक-दो दिन काम को स्ट्रेच करना ठीक है, लेकिन अगर स्ट्रेच करना आदत बन जाए, तो आपको मानना पड़ेगा कि आपकी डिलिवरी पर असर पड़ेगा।”
आशुतोष राणा ने कहा, “स्क्रिप्ट, सीन ब्लॉकिंग और सारी प्लानिंग ऑफिस में होनी चाहिए। तब नहीं होनी चाहिए जब आप सेट पर पहुंचे। अगर शिप का कप्तान क्लियर है, तब 8 घंटे से ज्यादा काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।”
आशुतोष ने की पत्नी की तारीफ
एक्टर ने अपनी तारीफ करते हुए कहा, "रेणुका जी ने भी फिल्में बनाई हैं। मैंने शायद ही किसी को उनके जैसा ऑर्गनाइज देखा है- राइटिंग और डायरेक्शन दोनों में। अगर उन्होंने कहा कि उनकी शिफ्ट 10 से 6 है, तो 10 बजे का ये मतलब नहीं है कि मेकअप के साथ तैयार, इसका मतलब है आप 10 बजे सेट पर थे। और अगर पैकअप 6 बजे है, आप 6:15 पर मिटींग शेड्यूल कर सकते हैं। वो इतनी अनुशासित हैं।"
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