Amitabh suffered an injury to this internal part of his body on the sets of film coolie कुली के सेट पर अमिताभ को सिर्फ आंत पर नहीं बल्कि शरीर के इस अंदरूनी हिस्से में भी आई थी चोट, इसी वजह से बढ़ा इन्फेक्शन, Bollywood Hindi News - Hindustan
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कुली के सेट पर अमिताभ को सिर्फ आंत पर नहीं बल्कि शरीर के इस अंदरूनी हिस्से में भी आई थी चोट, इसी वजह से बढ़ा इन्फेक्शन

फिल्म कुली के सेट पर अमिताभ बच्चन के साथ हुए हादसे ने उनके जीवन को बदल कर रख दिया था । एक्टर को सिर्फ पसलियों और आंत पर चोट नहीं आई थी,बल्कि अंदर के एक ऐसे हिस्से पर भी चोट आई थी जिससे उनकी जान कभी भी जा सकती थी।

Sat, 1 Nov 2025 02:15 PMUsha Shrivas लाइव हिन्दुस्तान
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कुली के सेट पर अमिताभ को सिर्फ आंत पर नहीं बल्कि शरीर के इस अंदरूनी हिस्से में भी आई थी चोट, इसी वजह से बढ़ा इन्फेक्शन

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने 70 के दशक के अंत तक इंडस्ट्री के सबसे बड़े स्टार बन चुके थे। एक्टर ने इस दौरान शोले, दीवार, डॉन, अमर अकबर एंथनी, मुकद्दर का सिकंदर जैसी यादगार फिल्में दी थी। राजेश खन्ना का क्रेज खत्म हो रहा था और अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री के नए बादशाह थे। इसी दौरान अमिताभ बच्चन के साथ एक भयानक हादसा हुआ और हमेशा के लिए उनकी जिंदगी बदल गई। ये हादसा हुआ था फिल्म कुली के सेट पर। जुलाई 1982 में बैंगलुरु में फिल्म की शूटिंग चल रही थी। उस समय खबरें सामने आई थी कि अमिताभ की पसलियों में चोट आई थी। लेकिन उनकी असली चोट बहुत अंदरूनी थी।

अमिताभ को इस हिस्से में आई थी चोट

ये बात है मनमोहन देसाई के डायरेक्शन में बन रही फिल्म कुली की शूटिंग के दौरान की। उस समय विलेन बने पुनीत इस्सर को अमिताभ को पीटना था। पहले विचार किया गया कि ये सीन बॉडी डबल से भी शूट करवाया जा सकता है। लेकिन अमिताभ सीन को बिलकुल असली दिखाना चाहते थे। इसलिए वो खुद एक्शन करने आगे आए। पुनीत इस्सर के मुक्के के बाद अमिताभ को पास रखी टेबल पर छलांग लगानी थी। एक्टर ने जैसी ही छलांग लगाई टेबल का कोना उनके पेट के उपरी हिस्से से टकरा गया। रिपोर्ट के मुताबिक अमिताभ के स्प्लीन (प्लीहा) में गंभीर चोट आई और इंटरनल ब्लीडिंग शुरू हो गई थी।

इन्फेक्शन का खतरा

अमिताभ ने KBC में बताया था कि जब वो दर्द में बैठे थे तो फिल्म क्रू को लग रहा था कि वो नाटक कर रहे हैं ताकि जल्दी पैकअप हो जाए। लेकिन कुछ ही समय में उनकी हालत बिगड़ने लगी थी। पेट में तेज दर्द, बुखार और कमजोरी बढ़ती चली गई। चोट की वजह से उनकी छोटी आंत के एक हिस्से की खून पहुंचना बंद हो गई थी। वह हिस्सा धीरे-धीरे सड़ने लगा और वहीं से इन्फेक्शन फैलना शुरू हुआ। यह इन्फेक्शन पूरे शरीर में फैलने लगा और स्थिति सेप्सिस में बदल गई। ये एक जानलेवा कंडीशन थी जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम खुद अपने अंगों पर हमला करने लगता है। 31 जुलाई की सुबह अमिताभ को एयर एम्ब्यूलेंस कर मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल लाया गया था।

कई बार हुई सर्जरी

अगले कई हफ्तों तक अमिताभ ने मौत से लंबी लड़ाई लड़ी। उन्हें बार-बार सर्जरी करनी पड़ी। कुल सात ऑपरेशन किए गए। इस दौरान करीब 60 बोतल ब्लड चढ़ाया गया। एक ब्लड यूनिट में हेपेटाइटिस-बी वायरस मौजूद था, जिससे उनका 75% लिवर खराब हो गया। आखिरकार, सितंबर 1982 के अंत तक इन्फेक्शन पर काबू पाया गया, और 24 अक्टूबर 1982 को अमिताभ को अस्पताल से छुट्टी मिली। अमिताभ बच्चन ने बाद में कहा था, “वह हादसा मेरे लिए दूसरा जन्म था।” आज भी वे सिर्फ 25% लिवर के साथ जीवन जी रहे हैं।

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