विनोद कांबली पर ब्रेन स्ट्रोक का खतरा; सचिन समेत पूर्व क्रिकेटर्स इलाज के लिए जुटा रहे फंड
पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनके करीबी दोस्त ने हाल ही में खुलासा किया है कि कांबली के दिमाग में खून का थक्का बन गया है, जिसकी वजह से उन्हें ब्रेन स्ट्रोक का खतरा है।

भारतीय क्रिकेट के पूर्व बल्लेबाज विनोद कांबली इन दिनों गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनके एक करीबी दोस्त ने खुलासा किया है कि कांबली की स्थिति बेहद गंभीर है और उन पर ब्रेन स्ट्रोक का गहरा खतरा मंडरा रहा है। उनके पुराने साथी खिलाड़ियों ने उन्हें आर्थिक सहारा देने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसके जरिए उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाई जा रही है, जिसमें उनके बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर भी शामिल हैं।
पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली ने शराब पीना पूरी तरह छोड़ दिया है, लेकिन दिमाग के पूरी तरह सहयोग न करने के कारण वे कभी-कभी भूल जाते हैं कि उन्हें सिगरेट नहीं पीनी चाहिए। इससे अब उन्हें ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। इससे पहले ठाणे के एक निजी अस्पताल में यूरिनरी इंफेक्शन का इलाज कराने के बाद 54 वर्षीय विनोद कांबली रिकवर कर रहे थे और उनकी सेहत में सुधार हो रहा था लेकिन कांबली का शरीर अब उनका साथ नहीं दे रहा है। उन्हें खड़े होने और चलने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
कांबली के दोस्त ने बताया कि उनका चलना काफी बेहतर हो गया है, लेकिन मेमोरी की समस्या बनी हुई है। वे पुरानी घटनाओं या बातों को थोड़ा ही याद कर पा रहे हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उनके मस्तिष्क की नसों में दिक्कत आ सकती है, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है।
पूर्व क्रिकेटर्स कर रहे मदद
कांबली के दोस्त मार्क्स कूटो ने 'हिंदुस्तान टाइम्स डिजिटल' से कहा, ''मैंने उनके दोस्तों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है, ज्यादातर क्रिकेटर हैं, बिना नाम लिए वे आर्थिक रूप से बहुत योगदान देते हैं। विनोद की याददाश्त अच्छी नहीं है, लेकिन पिछले छह महीनों में यह और खराब भी नहीं हुई है। उन्हें बहुत कुछ याद नहीं रहता, लेकिन जब कोई बात अचानक दिमाग में क्लिक करती है, तो उन्हें याद आ जाता है। वरना, उनके लिए मुश्किल हो जाता है। विनोद के दिमाग में एक क्लॉट (खून का थक्का) है, जिसे निकाला नहीं जा सकता क्योंकि उन्होंने शुरुआत में सावधानी नहीं बरती। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है। अपनी इच्छाशक्ति के कारण ही वे जो कुछ भी कर पा रहे हैं, उतना कर रहे हैं।''
विनोद कांबली करीब 18 महीने पहले रमाकांत आचरेकर स्मारक के अनावरण के दौरान सार्वजनिक रूप से सामने आए थे। इस दौरान उनकी सेहत चिंताजनक थी। उनको खड़े होने और चलने में मुश्किल हो रही थी। इस दौरान वह अपने बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर का हाथ पकड़े हुए सहारा लिए हुए थे। कांबली की ये हालत देखकर कई पूर्व क्रिकेटर उनके समर्थन में आए थे। दिग्गज सुनील गावस्कर और कपिल देव ने भी उनके रिहैबिलिटेशन के लिए सहयोग देने की पेशकश की।





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