पिता के सपने को पूरा करने के लिए मुकुल चौधरी ने उठाया था बैट, अब IPL में बनाई अपनी पहचान; जानिए बैकग्राउंड
मुकुल चौधरी ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मैच जिताऊ पारी खेलकर आईपीएल में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। धोनी को अपना आदर्श मानने वाले मुकुल ने पिता का सपना पूरा करने के लिए क्रिकेट करियर को चुना।
लखनऊ सुपर जायंट्स के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने गुरुवार को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले में अपने क्रिकेटर करियर की अब तक की सबसे यादगार पारी खेली। लखनऊ की टीम ने 128 के स्कोर तक सात विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी और ज्यादातर लोगों को लग गया था कि कोलकाता के लिए अब ये आसान जीत होगी लेकिन मुकुल चौधरी का इरादा टीम को जीत दिलाने का था और आखिरी गेंद पर उन्होंने लखनऊ को सीजन का सबसे यादगार जीत दिलाई। राजस्थान के विकेटकीपर बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने अपनी इस पारी से सबको प्रभावित किया। एमएस धोनी को अपना आदर्श मानने वाले मुकुल ने 27 गेंद में नाबाद 54 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने अपनी पारी में सात छक्के लगाए।
मुकुल चौधरी ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर चार ओवर में 54 रन बटोरे। मुकुल जब बैटिंग करने के लिए उतरे तो किसी को भी यकीन नहीं था कि वह टीम को जीत दिला देंगे। हालांकि उन्होंने अपनी इस दमदार पारी से एक अलग पहचान बना ली है। मुकुल चौधरी ने 2025/26 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन किया। राजस्थान के बल्लेबाज ने 173 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 57 से अधिक था। इससे पहले एज ग्रुप टूर्नामेंट में उन्होंने 600 से अधिक रन बनाए थे और वहीं पर राजस्थान टीम की नजर पड़ी। इसके बाद मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स ने नीलामी में मुकुल को खरीदने के लिए बोली लगाई। मुकुल को लखनऊ ने 2.60 करोड़ रुपये में खरीदा।
कौन है मुकुल चौधरी?
मुकुल का जन्म राजस्थान के छोटे शहर झुंझुनू में हुआ। 6 अगस्त 2004 को जन्मे मुकुल के पिता दलीप कुमार चौधरी ने अपने बेटे को क्रिकेटर बनाने का सपना देखा था। हालांकि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। जिसके कारण मुकुल करीब 12 साल के बाद क्रिकेट खेलना शुरू किया। मुकुल अपने तेज गेंदबाज बनने की कोशिश कर रहे थे लेकिन बाद में उन्होंने विकेटकीपिंग ग्लव्स उठाए और बल्लेबाजी पर फोकस किया। उन्होंने सिकर के एसबीएस क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग शुरू की। बाद में जूनियर सिलेक्टर्स का ध्यान खींचने के बाद वे जयपुर शिफ्ट हो गए और अरावली क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग की।
कोलकाता ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 181 रन बनाए। कैमरन ग्रीन ने मौजूदा सत्र में पहली बार गेंदबाजी करते हुए अपनी दूसरी गेंद पर कप्तान ऋषभ पंत को आउट किया और टीम को शुरुआती सफलता दिलाई। हालांकि, पारी के 19वें ओवर में वह रन रोकने में नाकाम रहे। आखिरी दो ओवर में केकेआर को 30 रन की जरूरत थी, लेकिन ग्रीन ने 16 रन लुटा दिए।
एलएसजी को अंतिम ओवर में 14 रन चाहिए थे, और वैभव अरोड़ा दबाव में चूक गए। आईपीएल के अपने पहले सत्र में तीसरा मैच खेल रहे चौधरी ने ओवर की पांचवीं गेंद पर छक्का मारकर स्कोर बराबर किया और फिर आखिरी गेंद पर चूकने के बाद एक रन लेकर टीम को यादगार जीत दिलाई। उन्होंने अपनी पारी में सात छक्के और दो चौके लगाए और आठवें विकेट के लिए आवेश खान के साथ 54 रन की अटूट साझेदारी की, जिसमें आवेश का योगदान सिर्फ एक रन का था।





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