जेसन होल्डर का कैच लीगल था या अंपायरों से हुई एक बड़ी गलती? जानिए क्या कहते हैं MCC के नियम
जेसन होल्डर ने जो रजत पाटीदार का कैच पकड़ा, वह लीगल था या अंपायरों से एक बड़ी गलती हुई? इसके बारे में जान लीजिए कि MCC के नियम क्या कहते हैं। पूर्व अंपायर का भी बयान सामने आ गया है।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ मिली हार में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट आरसीबी के लिए कप्तान रजत पाटीदार का कैच आउट होना था। रजत पाटीदार का कैच जेसन होल्डर ने पकड़ा था, लेकिन इस पर विवाद हो गया है। यहां तक कि मैच के दौरान विराट कोहली समेत आरसीबी के पूरे खेमे ने जोरदार आवाज उठाई थी, लेकिन थर्ड अंपायर और मैदानी अंपायर ने माना था कि रजत पाटीदार आउट थे। हालांकि, आप जान लीजिए कि इस तरह के कैच पर आईसीसी के लिए नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब का लॉ क्या कहता है?
आरसीबी की पारी का 8वां ओवर प्रगति पर था। अरशद खान गेंदबाजी कर रहे थे। रजत पाटीदार संभलकर खेल रहे थे, क्योंकि दो विकेट जल्दी गिर गए थे। इसी ओवर की चौथी गेंद परो स्क्वायर लेग के ऊपर से खेलने की कोशिश रजत पाटीदार ने की, लेकिन गेंद ऊंची चली गई। गेंद के नीचे जेसन होल्डर हो गए, जिनकी भिड़ंत कगिसो रबाडा से होने से बच गई, लेकिन होल्डर ने कैच पकड़ लिया। होल्डर पूरी तरह आश्वस्त थे कि उन्होंने कैच पकड़ा है। जीटी के खेमे में सेलिब्रेशन शुरू हो गया।
उधर, अंपायर को कैच पर थोड़ा सा संदेह था। ऐसे में फील्ड अंपायर ने थर्ड अंपायर को कैच चेक करने के लिए कहा। थर्ड अंपायर ने कुछ ही एंगल देखने के बाद अपना फैसला फील्ड अंपायर को सुनाया और फील्ड अंपायर ने फैसला आउट के रूप में दिया। हालांकि, जो रीप्ले थे, उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था कि जेसन होल्डर का एक बार नहीं, बल्कि दो बार हाथ ऊपर था और गेंद जमीन को छू रही थी, लेकिन थर्ड अंपायर ने माना कि पूरी कंट्रोल होल्डर का गेंद और अपने शरीर पर था। इसी पर विवाद है।
क्या है MCC का निमय?
कैच को लेकर हुए विवाद का मुख्य केंद्र MCC Law 33.2.2 और 33.3 है। MCC के Law 33.2.2 के मुताबिक, अगर फील्डर के हाथ में गेंद है और उसका हाथ (हथेली या उंगलियां) जमीन को छू रही है, तो वह कैच 'फेयर' (सही) माना जाता है। शर्त यह है कि गेंद और जमीन के बीच फील्डर का हाथ होना चाहिए। इसी में लॉ 33.3 कंट्रोल से जुड़ा हुआ है। कोई भी कैच तभी पूरा माना जाता है जब फील्डर का गेंद और अपनी बॉडी मूवमेंट पर पूरा नियंत्रण यानी कंप्लीट कंट्रोल हो।
होल्डर वाले केस में देखें तो रिप्ले में दिख रहा था कि जेसन होल्डर जब कैच लेकर स्लाइड कर रहे थे, तब गेंद जमीन के बहुत करीब थी। विराट कोहली का तर्क था कि गेंद घास को छू चुकी है, जबकि थर्ड अंपायर ने माना कि होल्डर की उंगलियां गेंद के नीचे थीं। इतना ही नहीं, जब जेसन होल्डर खड़े हो रहे थे तब भी गेंद जमीन को छू रही थी। हालांकि, इसमें तर्क ये भी दिया जा रहा है कि जेसन होल्डर के हाथ बड़े हैं तो शायद गेंद जमीन को न छू रही हो, लेकिन रिप्ले में गेंद और जमीन का संपर्क दिख रहा है।
अंपायर की राय?
IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट में अंपायरिंग कर चुके अनिल चौधरी ने माना है कि जेसन होल्डर का कैच पर पूरा कंट्रोल नहीं था और गेंद जमीन को छू रही थी। ऐसे में यह बल्लेबाज के फेवर में फैसला जाना चाहिए था। पूर्व अंपायर ने माना है कि यह फेयर कैच है। आपको क्या लगता है? नीचे पोल में अपना जवाब जरूर दें।
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