छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में मध्य प्रदेश का पुलिसकर्मी शहीद, लाल आतंक पर हमला जारी
पुलिस के मुताबिक, बोरतलाव इलाके से लगे कंघुर्रा के जंगल में गोलीबारी हो रही थी, तभी एमपी के सब इंस्पेक्टर गोली का शिकार हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

छत्तीसगढ़ में लाल आतंक पर हमला जारी है। सुरक्षा बलों द्वारा लगातार खूंखार नक्सलियों को मार गिराया जा रहा है। इस बीच छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश बॉर्डर पर हुई मुठभेड़ में मध्य प्रदेश के एक पुलिसकर्मी के शहीद होने की खबर सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, बोरतलाव इलाके से लगे कंघुर्रा के जंगल में गोलीबारी हो रही थी, तभी एमपी के सब इंस्पेक्टर गोली का शिकार हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बोरतलाव इलाके से सटे कंघुर्रा के जंगल में उस समय गोलीबारी हुई जब दोनों राज्यों के सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ इलाके में माओवादियों के होने की खूफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद ये अभियान शुरू किया गया था। दोनों तरफ से गोलीबारी हो रही थी, जिसमें मध्य प्रदेश पुलिस की हॉक फोर्स के एक उप-निरीक्षक इस मुठभेड़ में घायल हो गए।
हॉक फोर्स एक विशिष्ट नक्सल विरोधी इकाई है, जो नक्सलियों-माओवादियों को खत्म करने के लिए काम करती है। अधिकारी ने बताया कि उन्हें इलाज के लिए छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई। इलाके में नक्सलियों को खत्म करने का अभियान अभी भी जारी है। कल खूंखार नक्सली देवजी समेत 31 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। देवजी के ऊपर 1 करोड़ रुपये का इनाम था। उसने 131 से ज्यादा जवानों की हत्या की थी। इससे पहले सुरक्षाबलों ने शीर्ष माओवादी कमांडर माडवी हिडमा समेत कई माओवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया था, जिसमें हिडमा की पत्नी भी शामिल थी।
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