हमर छत्तीसगढ़; यहां भटकती हैं आत्माएं; बिलासपुर के तारबहार रेलवे क्रॉसिंग की कहानी डरा देगी
तारबहार... दरअसल, यह जगह छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में है। तारबाहर रेलवे क्रॉसिंग को लेकर यह कहा जाता है कि साल 2011 में यहां पर 18 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद यहां से गुजरने वाले लोगों में खौफ रहता है।

छत्तीसगढ़ को खनिज संपदा के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में कई ऐसी डरावनी जगह हैं, जहां जाने के नाम से ही यहां के लोगों के पसीने छूटने लगते हैं। ऐसी ही जगहों में से एक है बिलासपुर का तारबहार रेलवे क्रासिंग। कुछ लोगों की बातें आपकी रूह कंपा देगी,कुछ ऐसी बातों से इत्तेफाक ही नहीं रखते और इसे मनगढ़ंत मानते हैं, लेकिन सच्चाई तो भगवान ही जानें। तारबहार रेलवे क्रासिंग पर अभी एक अंडर ब्रिज बन चुका है। जब हादसा हुआ था,तब अंडर ब्रिज नहीं था।
तारबहार... दरअसल, यह जगह छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में है। तारबाहर रेलवे क्रॉसिंग को लेकर यह कहा जाता है कि साल 2011 में यहां पर 18 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद यहां से गुजरने वाले लोगों में खौफ रहता है। लोगों का कहना है कि यहां आत्मा भटकती रहती है। दुर्घटना वाले स्थान पर अजीबो-गरीब आवाजें आती है। ट्रैक के पास रहस्यमयी परछाइयों दिखाई देती है, जिसकी वजह से रात के समय लोग इधर जाने से डरते हैं।
घर से निकले और कभी नहीं लौटे
तारबहार रेलवे क्रॉसिंग में हुए हादसे के बाद लोग इसे सबसे प्रेतवाधित इलाका मानते हैं। अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के कामों को लेकर निकले लोग शाम को हादसे का शिकार हो गए और कभी घर नहीं लौटे। एक हादसे ने 18 लोगों को अपना शिकार बना लिया। यह दर्दनाक घटना शाम के 7 बजे घटी थी, जब रेलवे क्रॉसिंग बंद था और लोग जल्दी जाने के चक्कर में बंद फाटक को नीचे से पार कर रहे थे। भयानक घटना के बाद आज भी इस रेलवे क्रॉसिंग पर कई लोग अजीबोगरीब घटनाओं की बात कहते हैं।
मृत लोगों की दिखाई देती है परछाई
तारबहार रेलवे क्रासिंग को लेकर ऐसी चर्चाएं होती है कि जिस जगह पर हादसा हुआ था... वहां उन मरे हुए लोगों की आत्मा भटकती है। आत्माएं रात के समय यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशान करती है। कुछ लोगों का कहना है कि घटना के कई साल बीत जाने के बाद भी यहां क्रॉसिंग के रेलवे ट्रैक पर मृत इंसानों की लाश दिखाई देती है। ट्रेन कई मीटर तक चपेट में आए लोगों को घसीट कर ले गई थी, इसलिए परछाई भी अलग-अलग जगह दिखाई देती है।
मुंबई-हावड़ा रूट पर हुआ था हादसा
बता दें कि मुंबई-हावड़ा रूट पर बिलासपुर में तारबहार रेलवे क्रासिंग पड़ता है। यहां पर अप-डाउन के अलावा एक और लाइन है... यानी तीन रेलवे ट्रैक है। अक्टूबर-2011 में यहां उस समय हादसा हुआ, जब लोग बंद रेलवे फाटक को पार कर रहे थे। एक मालगाड़ी गुजरी, जिसके बाद फाटक पार कर रहे लोग दूसरी और तीसरी लाइन की ट्रेनों की चपेट में आ गए। जान बचाने का मौका भी नहीं मिला। ज़्यादातर मौतें बीच की पटरी पर मालगाड़ी की चपेट में आने से हुई थी। अमूमन शाम के वक्त यह रेल मार्ग काफी व्यस्त होता था, इसलिए रेलवे का फाटक भी देर तक बंद रहता था। फाटक खुलने का कोई ठीक समय नहीं रहता, इसलिए लोग फाटक बंद रहने के बावजूद नीचे से होकर पटरियों को पार करते थे।
(रिपोर्ट- संदीप दीवान)
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी इंटरनेट रिपोर्ट्स और जन चर्चाओं पर आधारित है। लाइव हिन्दुस्तान ऐसी बातों की पुष्टि नहीं करता है।)
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