UPSC CSE Vacancy 2026 : यूपीएससी IAS भर्ती में पहले आवेदन करने वालों को होगा फायदा, जानें अहम शर्तें
यूपीएससी सिविल सर्विसेस प्रीलिम्स परीक्षा 2026 का आयोजन 24 मई 2026 को होगा। इस बार भी यूपीएससी एग्जाम सेंटर के लिए फर्स्ट एप्लाई फर्स्ट अलॉट की पॉलिसी लागू करे। यानी आप जितना पहले आवेदन करेंगे, मनचाही एग्जाम सेंटर सिटी पाने के उतने ही ज्यादा चांस रहेंगे।

UPSC CSE Notification 2024 : यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। upsconline.nic.in/exam-apply पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार 933 वैकेंसी निकाली गई हैं। आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, आईएफएस समेत विभिन्न सिविल सेवाओं में जाना चाह रहे युवा 24 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। यूपीएससी सिविल सर्विसेस प्रीलिम्स परीक्षा 2026 का आयोजन 24 मई 2026 को होगा। इस बार भी यूपीएससी एग्जाम सेंटर के लिए फर्स्ट एप्लाई फर्स्ट अलॉट की पॉलिसी लागू करे। यानी आप जितना पहले आवेदन करेंगे, मनचाही एग्जाम सेंटर सिटी पाने के उतने ही ज्यादा चांस रहेंगे।
आयोग ने कहा है कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों की संख्या सीमित है। एग्जाम सेंटर फर्स्ट एप्लाई फर्स्ट अलॉट के आधार पर आवंटित किए जाएंगे। यानी आप जितना पहले आवेदन करेंगे, मनचाही एग्जाम सेंटर सिटी पाने के उतने ही ज्यादा चांस रहेंगे। हालांकि सभी दिव्यांग उम्मीदवारों को उनकी मन-पसंद का सेंटर अलॉट किया जाएगा। इस साल से हर दिव्यांग उम्मीदवार को उनके द्वारा चुना गया केंद्र मिलेगा।
रैंक बढ़ाने के लिए बार-बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देने पर रोक
अधिसूचना में पहले से कुछ सेवाओं में नियुक्त उम्मीदवारों के लिए पात्रता से जुड़े कड़े नियम लागू किए गए हैं। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। इसके अनुसार, वर्तमान में आईएएस या आईएफएस में कार्यरत कोई भी उम्मीदवार सीएसई-2026 में बैठने के लिए पात्र नहीं होगा। यदि कोई उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा के बाद आईएएस या आईएफएस में नियुक्त होता है, तो वह प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण होने के बावजूद मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा।
- यदि किसी उम्मीदवार की नियुक्ति मुख्य परीक्षा शुरू होने के बाद लेकिन परिणाम घोषित होने से पहले होती है, तो उसे सीएसई-2026 के परिणाम के आधार पर किसी भी सेवा या पद के लिए विचार नहीं किया जाएगा।
IPS / ग्रुप ‘A’ सेवा उम्मीदवारों के लिए एक बार रैंक सुधार का अवसर (CSE 2026)
- CSE 2026 के जरिए IPS या किसी भी केंद्रीय ग्रुप ‘A’ सेवा में आवंटित उम्मीदवार CSE 2027 में शामिल हो सकते हैं, अगर वे पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। सिविल सेवा 2027 परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को आवंटित सेवा की ट्रेनिंग में शामिल होने से एक बार की छूट लेनी होगी।
- उम्मीदवार केवल एक ऐसी छूट का लाभ उठा सकता है, और अगर ट्रेनिंग में शामिल होता है तो उसे फाउंडेशन कोर्स (FC) में शामिल होना होगा। अगर उम्मीदवार न तो ट्रेनिंग में शामिल होता है और न ही छूट लेता है, तो CSE 2026 सेवा आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।
- अगर CSE 2027 में उम्मीदवार फिर से चुना जाता है, तो उम्मीदवार को 2026 या 2027 में आवंटित सेवा में से किसी को चुनना होगा। न चुनने पर सेवा रद्द कर दी जाएगी।
- अगर उम्मीदवार CSE 2027 में शामिल होता है लेकिन उसे कोई सेवा नहीं मिलती है, तो वह CSE 2026 के जरिए आवंटित सेवा में शामिल हो सकता है। अगर उम्मीदवार अंतिम चुनी गई सेवा की ट्रेनिंग में शामिल होने में विफल रहता है, तो दोनों सेवाओं का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।
- उम्मीदवार की वरिष्ठता उस सेवा के आधार पर तय की जाएगी जिसमें वह आखिरकार शामिल होता है और इसे कम नहीं किया जाएगा। इस वन टाइम अपॉर्च्यूनिटी का इस्तेमाल करने के बाद उम्मीदवार CSE 2028 या उसके बाद की परीक्षा में तब तक शामिल नहीं हो सकता जब तक वह नौकरी से इस्तीफा न दे दे।
- अपने शेष अवसरों का उपयोग करने के इच्छुक उम्मीदवार जो सिविल सेवा परीक्षा, 2025 अथवा पूर्व की किसी परीक्षा के आधार पर सेवा आवंटन प्राप्त कर चुके हों, उनको सिविल सेवा परीक्षा 2026 या सिविल सेवा परीक्षा 2027, जैसा उनका विकल्प हो, में उपस्थित होने के लिए एक-बार अवसर दिया जाएगा। यह उनके द्वारा अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करने के निर्भर होगा तथा उन्हें सेवा से इस्तीफा नहीं देना होगा। ऐसे में जो उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा 2028 या आगे की परीक्षाओं में बैठने के इच्छुक हैं उन्हें आवंटित सेवा से इस्तीफा देना होगा।
प्रश्न पत्र को लेकर आपत्ति की समयसीमा घटाई
यूपीएससी ने प्रश्न पत्र को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की समय-सीमा को भी सात दिन से घटाकर पांच दिन कर दिया है। आयोग के अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों को पूछे गए प्रश्नों और उत्तर कुंजी पर पांच दिनों की अवधि में अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा।
फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य
यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा केंद्रों पर सभी अभ्यर्थियों के लिए फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरे की पहचान) को अनिवार्य कर दिया है। आयोग ने इस वर्ष की भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 933 रिक्तियों की घोषणा की है, जिनमें दिव्यांगजनों (बेंचमार्क दिव्यांगता) के लिए 33 पद आरक्षित हैं। सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को आयोजित की जाएगी।
ओबीसी को नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के उम्मीदवारों को सीएसई-2026 के लिए आवेदन करते समय नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जो वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की आय के आधार पर जारी किया गया हो। यह प्रमाण पत्र 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद जारी होना चाहिए और आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी से पहले तक मान्य होगा।




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