UPSC CSE : पहले प्रयास में क्रैक की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, रिजर्व लिस्ट में आया नाम, NIT से किया है BTech
UPSC CSE : 24 साल के प्रतीक पदमेश ने 96 प्रतिशत अंक से मैट्रिक एवं 2019 में 98 प्रतिशत अंक से 12वीं पास की। एनआईटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद 1 साल तैयारी यूपीएससी सीएसई क्रैक कर डाला।

UPSC CSE Reserve List: झारखंड में देवघर जिले के सारठ प्रखंड के छोटे से गांव बस्की से निकलकर प्रतीक पदमेश उर्फ छोटू ने प्रथम प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर परिवार एवं समाज का नाम रोशन किया। प्रतीक ने प्रारंभिक शिक्षा मधुपुर के एक निजी स्कूल से शुरू की एवं वर्तमान में दिल्ली में रहकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर सफलता प्राप्त किया। उनके पिता प्रो. युगल किशोर राय राज धनवार महाविद्यालय में अंग्रेजी के प्रोफेसर हैं, जबकि माता इंदुला देवी बस्की के सरकारी विद्यालय में सहायक अध्यापिका के पद से सेवानिवृत्त हो चुकी है। प्रतीक को पढ़ाई के प्रति प्रेरणा परिवार से ही मिला है, उनकी दोनों बहने भी पढ़ाई में अव्वल रही है।
बड़ी बहन नीट में सफलता प्राप्त कर एमबीबीएस कर रही है, जबकि छोटी बहन सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। प्रतीक ने कहा कि माता पिता और परिवार की प्रेरणा और लगातार कठिन परिश्रम से उन्होंने इस मुकाम को हासिल किया है। उन्होंने गांव एवं क्षेत्र के युवाओं को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए दिन रात मेहनत करने की सलाह दी। कहा कि दृढ़ निश्चय और कठिन परिश्रम से सफलता अवश्य प्राप्त होती है। उनकी माता ने बताया कि प्रतीक बचपन से पढ़ने में तेज था, उन्होंने मधुपुर के एक निजी स्कूल से सीबीएससी बोर्ड द्वारा आयोजित 2017 की परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक से मैट्रिक एवं 2019 में 98 प्रतिशत अंक से आईएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर 2023 में इलाहाबाद एनआईटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। जिसके बाद यूपीएससी की तैयारी में जुट गया और महज 24 वर्ष की उम्र में 2024(सीसीई) में आयोजित देश की सबसे बड़ी परीक्षा यूपीएससी में 26 वां रैंक (रिजर्व लिस्ट) प्राप्त कर सफलता अर्जित करते हुए डीआरएम के पद पर चयनित होकर परिवार एवं समाज को गौरवान्वित किया। प्रतीक के इस सफलता से उनका परिवार, रिश्तेदार बस्की गांव समेत पूरे सारठ क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
सफलता का श्रेय घरवालों को
अपनी सफलता पर उन्होंने कहा, 'सफलता का श्रेय घरवालों को देना चाहता हूं। जो पढ़ें, उसका बाद में लगातार रिवीजन भी करना होता है। ऐसा नहीं है उसको छोड़ दिया। यूपीएससी की यात्रा जून 2023 से शुरू की जब मैंने ग्रेजुएशन पूरी की थी। फिर यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली चला गया। एक साल की तैयारी और गाइडेंस का इस्तेमाल कर 2024 में प्रीलिम्स दिया था। तैयारी के दौरान पढ़ाई के घंटे से ज्यादा टारगेट पूरे करने पर जोर दिया करता था।'
खुशी की लहर
उनके इस सफलता से गांव के युवाओं ने आतिशबाजी कर मिठाई बांटते हुए खुशी का इजहार किया। वहीं प्रतीक के दादाजी शिवधन प्रसाद राय, अर्जुन राय, अम्बिका राय, भरत राय, सेवानिवृत्त शिक्षक सचिदानंद राय, ग्रामीण रूपेश राय, अनूप राय, विक्रम, संतोष समेत विधायक उदय शंकर सिंह, पूर्व विधायक रणधीर कुमार सिंह, युवा नेता प्रशांत शेखर समेत समाज के अन्य कई लोगों ने प्रतीक की सफलता पर सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं।




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