UPSC CSE : यूपीएससी IAS टॉपरों के ऑप्शनल विषय क्या क्या रहे, देखें 10 सालों की लिस्ट
UPSC CSE Toppers Optional Subject List : ऑप्शनल विषय में मजबूती न केवल मेन्स एग्जाम में अंक बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। पिछले 10 वर्षों के टॉपर्स के ऑप्शनल सब्जेक्ट की लिस्ट देखें।

UPSC IAS : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान एक सवाल हमेशा ज्यादातर अभ्यर्थियों को कंफ्यूज करता रहता है - ऑप्शनल में क्या लिया जाए? यूपीएससी मेन्स ( UPCS Civil Services Exam ) में सफलता इसी फैसले पर निर्भर करती है। बहुत से अभ्यर्थी दो तीन बार असफलता मिलने पर अपना ऑप्शनल विषय ही बदल डालते हैं। यूपीएससी परीक्षा में ऑप्शनल विषय की अहम भूमिका होती है। ऑप्शनल विषय में मजबूती न केवल मेन्स एग्जाम में अंक बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। पिछले 10 वर्षों के टॉपर्स की लिस्ट पर नजर डालने से यह स्पष्ट होता है कि कुछ विषयों ने कई उम्मीदवारों को परीक्षा में शीर्ष स्थान दिलाने में मदद की है।
यहां देखते हैं कि पिछले 10 वर्षों में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के टॉपरों ने कौन सा ऑप्शनल विषय चुनकर परचम लहराया था-
2024 – शक्ति दुबे (राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
शक्ति दुबे ने राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध को अपना वैकल्पिक विषय चुना। यह विषय हाल के वर्षों में बहुत लोकप्रिय हुआ है क्योंकि इसका सामान्य अध्ययन और एथिक्स से गहरा नाता है। शक्ति दुबे बताती हैं कि उन्होंने इसे इसलिए चुना क्योंकि इससे उनकी मुख्य परीक्षा की तैयारी मजबूत हुई और इंटरव्यू के दौरान चीजों को प्रशासनिक एंगल को समझने में भी मदद मिली।
2023 – आदित्य श्रीवास्तव (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग)
आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक आदित्य श्रीवास्तव ने अपने मूल विषय को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। उन्होंने साबित किया कि किसी विषय की गहरी समझ होना आपकी सबसे बड़ी ताकत हो सकती है।
2022 – इशिता किशोर (राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
दिल्ली की इशिता किशोर ने भी राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध चुना और ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की। उन्होंने कहा कि यह विषय न केवल समसामयिक मामलों से जुड़ा है, बल्कि साक्षात्कार में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देने में भी मदद करता है।
2021 – श्रुति शर्मा (इतिहास)
कई उम्मीदवार इतिहास को कठिन मानते हैं, लेकिन श्रुति शर्मा ने इसे चुना और साबित कर दिया कि रुचि और लगन से कोई भी विषय आसान हो सकता है। उन्होंने इतिहास इसलिए चुना क्योंकि उन्हें अतीत से सीखकर वर्तमान को समझना पसंद था। इंटरव्यू में 250 में 173 अंक हासिल करने वाली श्रुति ने हिस्ट्री ऑनर्स में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया था।
2020 – शुभम कुमार (एंथ्रोपोलॉजी)
बिहार के शुभम कुमार ने यूपीएससी सीएसई का ऑप्शनल विषय एंथ्रोपोलॉजी चुना। यह विषय हाल के वर्षों में लोकप्रिय हुआ है क्योंकि इसका सिलेबस सीमित है और यह स्कोरिंग विषय है। शुभम ने कहा कि यह समाज को गहराई से समझने में मदद करता है। उन्होंने आईआईटी मुंबई से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। दूसरे प्रयास में शुभम ने सिविल सर्विसेज की परीक्षा उत्तीर्ण की थी लेकिन उन्हें 290 रैंक मिली थी। उनका चयन इंडियन डिफेंस अकाउंट सर्विस (IDAS) में हो गया था। लेकिन वह आईएएस ऑफिसर ही बनना चाहते थे। वह संतुष्ट नहीं हुए और दोबारा परीक्षा में शामिल होकर रैंक 1 हासिल कर बिहार का नाम देश भर में रोशन किया।
2019 – प्रदीप सिंह (पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन )
प्रदीप सिंह का वैकल्पिक विषय लोक प्रशासन था। यह विषय सिविल सेवा और प्रशासनिक ढांचे की वास्तविकताओं से सीधे जुड़ा हुआ है, यही वजह है कि यह हमेशा से यूपीएससी अभ्यर्थियों का पसंदीदा रहा है। वे 10वीं और 12वीं में स्कूल टॉपर थे। इसके बाद मुरथल से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन की।
2018 – कनिष्क कटारिया (गणित)
कनिष्क कटारिया ने गणित को अपना वैकल्पिक विषय चुना। गणित को आमतौर पर कठिन माना जाता है, लेकिन उन्होंने मजबूत तर्क और अभ्यास से दिखाया कि कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। 2010 में IIT JEE एग्जाम में AIR 43 रैंक हासिल करने के बाद आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया और फिर यूपीएससी 2018 में पूरे भारत में पहला स्थान (AIR-1) हासिल कर इतिहास रच दिया।
2017 – अनुदीप दुरीशेट्टी (एंथ्रोपोलॉजी)
अनुदीप दुरीशेट्टी ने भी एंथ्रोपोलॉजी चुना और शानदार प्रदर्शन करते हुए AIR-1 हासिल किया। उनका मानना था कि यह विषय संक्षिप्त, तार्किक और समाजशास्त्रीय दृष्टिकोणों से परिपूर्ण है। उन्होंने बिट्स पिलानी, राजस्थान से इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की थी।
2016 – नंदिनी के.आर. (कन्नड़ साहित्य)
कर्नाटक की नंदिनी के.आर. ने क्षेत्रीय भाषा कन्नड़ साहित्य को चुना और यूपीएससी में टॉप किया। उन्होंने साबित कर दिया कि गहन तैयारी से देश की सबसे कठिन परीक्षा में अपनी मातृभाषा का इस्तेमाल करके सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया जा सकता है। नंदिनी ने बेंगलुरु के एमएस रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री थी और गोल्ड मेडल जीता था।




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