UPSC Prelims Answer Key 2026: 1 हफ्ते के अंदर आएगी यूपीएससी प्रीलिम्स आंसर-की, आपत्ति दर्ज करने के लिए देने होंगे 3 सबूत
UPSC CSE Prelims 2026 Answer keys: यूपीएससी अभ्यर्थियों को आधिकारिक आंसर-की के लिए महीनों लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि आयोग परीक्षा संपन्न होने के मात्र एक सप्ताह के भीतर ही इसे अपने ऑफिशियल पोर्टल पर अपलोड कर देगा।

UPSC Prelims Answer Key 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर एक बेहद ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा की है। इस नए सुधार के तहत, अब अभ्यर्थियों को आधिकारिक आंसर-की के लिए महीनों लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि आयोग परीक्षा संपन्न होने के मात्र एक सप्ताह के भीतर ही इसे अपने ऑफिशियल पोर्टल पर अपलोड कर देगा।
रविवार को मेरठ के 'पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय डोगरा लाइंस' सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करने पहुंचे यूपीएससी चेयरमैन ने मीडिया से बातचीत में देश के लाखों अभ्यर्थियों को यह बड़ी राहत भरी खबर दी।
31 मई तक उत्तर देख सकेंगे छात्र, दर्ज करा सकेंगे आपत्ति
यूपीएससी चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा छात्र-अनुकूल बनाना है। परीक्षा के एक सप्ताह के भीतर प्रोविजनल आंसर-की जारी होने से अभ्यर्थी आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने ओएमआर (OMR) उत्तरों की स्वयं और सटीक जांच कर सकेंगे।
यदि किसी भी अभ्यर्थी को आयोग द्वारा जारी किए गए किसी प्रश्न या उत्तर को लेकर कोई संशय या आपत्ति है, तो वे साक्ष्यों के साथ आधिकारिक पोर्टल पर अपना सुझाव या चुनौती दर्ज करा सकेंगे। अध्यक्ष ने संकेत दिए हैं कि 31 मई 2026 तक सभी अभ्यर्थी पोर्टल पर अपने उत्तर और आंसर-की देख सकेंगे।
कड़े होंगे नियम: देने होंगे 3 सबूत
प्रक्रिया को निष्पक्ष और गंभीर बनाए रखने के लिए यूपीएससी ने आपत्ति दर्ज कराने के कड़े नियम तय किए हैं। चुनौती देने वाले उम्मीदवारों को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि उनके अनुसार कौन सा उत्तर सही है और उसकी डिटेल्स क्या है। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि दावे के समर्थन में उम्मीदवार को कम से कम तीन प्रामाणिक और विश्वसनीय स्रोतों या संबंधित किताबों के डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे।
प्राप्त सभी आपत्तियों की गहन समीक्षा आयोग के विषय एक्सपर्ट की एक स्पेशल कमेटी द्वारा की जाएगी। एक्सपर्ट की हरी झंडी और उनके द्वारा साक्ष्यों के वेरिफिकेशन के बाद ही 'फाइनल आंसर-की' तैयार की जाएगी।
अभ्यर्थियों की आकांक्षाओं का सम्मान; मेरठ सहित बने 3 नए केंद्र
डॉ. अजय कुमार ने कहा कि यूपीएससी की परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं से जुड़ी है। उन्होंने आयोग की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यूपीएससी की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर कभी कोई प्रश्न नहीं उठे हैं और भविष्य में भी पारदर्शिता को ही सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
आयोग का हमेशा से यह प्रयास रहा है कि छात्रों को लंबी यात्रा न करनी पड़े और उन्हें उनके घर के नजदीक ही सेंटर अलॉट हो। अभ्यर्थियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष देश के तीन नए शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें मेरठ भी शामिल है। यह यूपीएससी के इतिहास में पहली बार है जब मेरठ को सिविल सेवा परीक्षा का केंद्र बनाया गया है। चेयरमैन ने मेरठ में जिला प्रशासन द्वारा की गई सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों पर गहरा संतोष व्यक्त किया।




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