UP Home Guard Exams: GK के सवालों ने चकराया सिर, भारी भीड़, गर्मी से अभ्यर्थी बेहाल; परीक्षा देने नहीं आए हजारों छात्र
लखनऊ के 55 केंद्रों पर होमगार्ड भर्ती परीक्षा के पहले दिन हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ी। आइए जानते हैं कैसा रहा पेपर।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार से होमगार्ड भर्ती की तीन दिवसीय लिखित परीक्षा का बिगुल फुक गया। पहले दिन शहर के 55 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में अभ्यर्थियों का उत्साह तो दिखा, लेकिन अव्यवस्थाओं और कठिन सवालों ने उनके पसीने छुड़ा दिए। आंकड़ों की मानें तो पहले ही दिन बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने मैदान छोड़ दिया, वहीं जो परीक्षा देने पहुंचे उन्हें ट्रेनों की भारी भीड़ और चिलचिलाती धूप का सामना करना पड़ा। इस दौरान यूपी के कई शहरों में हजारों की संख्या में परीक्षार्थियों के गैरमौजूद होने की खबर है। लखनऊ में 11 हजार तो प्रयागराज में 6 हजार अभर्यिर्थी परीक्षा देने नहीं आए।
25 फीसदी ने छोड़ी परीक्षा
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित इस परीक्षा के पहले दिन उपस्थिति में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। राजधानी के परीक्षा केंद्रों पर कुल 11,706 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
पहली पाली: पहली पाली में कुल 16,543 परीक्षार्थी शामिल हुए, जबकि 25.72 फीसदी अभ्यर्थियों ने किनारा कर लिया।
दूसरी पाली: दूसरी पाली में भी स्थिति लगभग वैसी ही रही, जहाँ 24.75 फीसदी परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
कुल मिलाकर देखें तो लगभग एक चौथाई अभ्यर्थियों ने पहले ही दिन परीक्षा से दूरी बना ली। जानकारों का मानना है कि परीक्षा केंद्रों की दूरी और परिवहन की किल्लत इसका एक बड़ा कारण हो सकती है।
GK के सवालों ने उलझाया, इतिहास और संविधान ने परखा
परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जियामऊ स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और एपीसेन गर्ल्स डिग्री पीजी कॉलेज से बाहर आए परीक्षार्थियों ने बताया कि विषय आधारित सवाल तो फिर भी आसान थे, लेकिन सामान्य ज्ञान (GK) और सामान्य अध्ययन के सेक्शन ने काफी परेशान किया।
बस्ती से आए परीक्षार्थी नरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रश्न पत्र में कुल 100 सवाल थे। इसमें इतिहास, भारतीय संविधान, यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली, विश्वविद्यालय और संस्कृति से जुड़े गहरे सवाल पूछे गए थे। कुछ सवाल तो काफी समसामयिक और तकनीकी थे, जैसे - परमाणु आतंकवाद के संदर्भ में 'डर्टी बम' का अर्थ। यूपी पुलिस के संदर्भ में PAC का पूर्ण रूप। पुलिस हिरासत और जेल में महिलाओं के उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़े प्रावधान। जीडीपी (GDP) और सरकार की प्रमुख जन कल्याणकारी योजनाएं।
अयोध्या से आए राहुल यादव ने कहा, "सामान्य अध्ययन का दायरा इतना बड़ा था कि कुछ सवाल पूरी तरह से अप्रत्याशित थे। विशेष रूप से मानवाधिकार और संविधान की प्रस्तावना से जुड़े सवालों ने काफी समय लिया।"
सफर की दुश्वारियां
परीक्षा देने आए युवाओं के लिए सफर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रहा। चारबाग और लखनऊ जंक्शन पर सुबह से ही अभ्यर्थियों का रेला लगा रहा। ट्रेनों में तिल रखने की जगह नहीं थी। दूर-दराज के जिलों जैसे बस्ती, अयोध्या और गोरखपुर से आए अभ्यर्थियों को गेट पर लटककर या टॉयलेट के पास बैठकर सफर तय करना पड़ा। बसों का हाल भी बुरा रहा, जहाँ क्षमता से दोगुने यात्री सवार दिखे।
गर्मी का सितम
परीक्षा केंद्रों के बाहर सिर्फ अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि उनके साथ आए अभिभावक भी बेहाल नजर आए। लखनऊ की भीषण गर्मी में केंद्रों के बाहर छाया और पीने के पानी के पुख्ता इंतजाम न होने से लोग खासे नाराज दिखे। अभिभावकों का कहना था कि प्रशासन को पता था कि हजारों की संख्या में लोग आएंगे, फिर भी पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई। कई केंद्रों के बाहर लोग पेड़ों की छांव तलाशते और निजी दुकानों से पानी खरीदकर प्यास बुझाते देखे गए। यह परीक्षा अभी दो दिन और चलेगी, जिसमें सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन और प्रोन्नति बोर्ड की नजर हर केंद्र पर बनी हुई है ताकि शुचिता बनी रहे।




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