यूपी बोर्ड प्रैक्टिकल परीक्षा में हंगामा, फोटो वायरल; शिक्षकों से मारपीट पर रिपोर्ट तलब
यूपी बोर्ड की इंटर प्रायोगिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर सख्ती बढ़ी है। फोटो वायरल करने, अवैध वसूली और शिक्षकों से मारपीट के मामलों में बोर्ड ने रिपोर्ट तलब की है।

यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षाओं के दौरान सामने आ रही गड़बड़ियों ने बोर्ड की चिंता बढ़ा दी है। परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए बोर्ड अब सख्त रुख अपनाता दिख रहा है। इसी कड़ी में सोशल मीडिया पर प्रैक्टिकल परीक्षा की तस्वीरें डालने, विद्यार्थियों से अवैध वसूली और यहां तक कि शिक्षकों से मारपीट जैसे मामलों पर यूपी बोर्ड ने नोटिस जारी कर रिपोर्ट तलब की है।
बांदा जिले के राजकुमार इंटर कॉलेज नरैनी और राजकीय गर्ल्स कॉलेज करताल में इंटर भौतिक विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा लेने पहुंचे परीक्षक सुरेन्द्र कुमार पटेल ने परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं की तस्वीरें खींचकर उन्हें फेसबुक पर पोस्ट कर दिया। यह मामला सामने आते ही यूपी बोर्ड हरकत में आया। बोर्ड का साफ कहना है कि परीक्षा कक्ष की फोटो या वीडियो साझा करना नियमों का खुला उल्लंघन है। इसी आधार पर संबंधित परीक्षक को नोटिस जारी कर सोशल मीडिया पर तस्वीरें अपलोड करने को लेकर जवाब मांगा गया है।
आंबेडकर नगर में छात्रों से अवैध धन वसूली के आरोप
वहीं आंबेडकर नगर के बीएन इंटर कॉलेज अकबरपुर में हालात और भी गंभीर पाए गए। यहां इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान छात्रों से अवैध धन वसूली के आरोप लगे हैं। इतना ही नहीं, हाईस्कूल और इंटर के छात्र-छात्राओं से उनके प्रवेश पत्र जारी करने के बदले भी पैसे लेने से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने अयोध्या मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक से पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
बोर्ड सूत्रों के मुताबिक, 24 जनवरी से शुरू हुई यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा सोमवार को समाप्त हो रही है। करीब दो सप्ताह से ज्यादा समय तक चली इस परीक्षा के दौरान बोर्ड ने अब तक एक दर्जन से अधिक स्कूलों और परीक्षकों को नोटिस जारी किए हैं। मुख्य वजह परीक्षा की गोपनीयता भंग होना और नियमों की अनदेखी बताई जा रही है।
प्रयागराज में शिक्षकों के साथ मारपीट
प्रयागराज के बाबूगंज स्थित बीएल सतचौरी कॉन्वेंट इंटर कॉलेज में प्रायोगिक परीक्षा के दौरान छात्रों द्वारा शिक्षकों के साथ मारपीट के मामले ने भी बोर्ड को झकझोर दिया है। इस घटना को गंभीर मानते हुए यूपी बोर्ड ने जिला विद्यालय निरीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके।
इसके अलावा बोर्ड ने उन वेबसाइटों और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी नजर तेज कर दी है, जो यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल से मिलते-जुलते नामों का इस्तेमाल कर भ्रामक सूचनाएं फैला रहे हैं। ऐसे मामलों में भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
यूपी बोर्ड का साफ संदेश है कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। चाहे वह सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करने का मामला हो या छात्रों से अवैध वसूली का, हर स्तर पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड की यह सख्ती आने वाले दिनों में परीक्षा व्यवस्था को और अनुशासित बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।




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