SSC : एसएससी ने जारी की CGL आंसर-की डेट, बताया कब होंगी MTS और CHSL भर्ती परीक्षाएं
एसएससी ने आगामी भर्ती परीक्षाओं का प्लान जारी किया है। आयोग ने कहा कि अक्टूबर 2025 और मार्च 2026 के बीच सीएचएसएल, एमटीएस, जेई, कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर, दिल्ली पुलिस तकनीकी कैडर परीक्षा सहित प्रमुख परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने आगामी भर्ती परीक्षाओं का प्लान जारी किया है। आयोग ने कहा कि अक्टूबर 2025 और मार्च 2026 के बीच, संयुक्त उच्चतर माध्यमिक स्तर (सीएचएसएलई), मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस), जूनियर इंजीनियर (जेई), कांस्टेबल (दिल्ली पुलिस और सीएपीएफ), सब-इंस्पेक्टर (दिल्ली पुलिस और सीएपीएफ) और दिल्ली पुलिस की तकनीकी कैडर परीक्षा सहित प्रमुख परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। अधिकारियों ने कहा कि पहले से लागू किए गए सुधार यह सुनिश्चित करेंगे कि ये परीक्षाएं निष्पक्ष, कुशल और अभ्यर्थी-अनुकूल हों।
15 अक्टूबर को आंसर-की
एसएससी ने कहा कि हाल में आयोग द्वारा किए गए सुधार संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (सीजीएलई) 2025 के टियर-I में स्पष्ट दिखाई दिए हैं। एसएससी सीजीएल में लगभग 28 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से लगभग 13.5 लाख अभ्यर्थियों ने 126 शहरों और 255 केंद्रों पर 45 शिफ्टों में परीक्षा दी। हालांकि कुछ केंद्रों में तकनीकी समस्याएं आईं, जबकि एसएससी ने प्रभावित केंद्रों के लिए 14 अक्टूबर को फिर से परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है। संबंधित अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत रूप से ईमेल और एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा। आंसर-की व प्रश्नों को चुनौती देने की प्रक्रिया अगले दिन 15 अक्टूबर से शुरू होगी।
उम्मीदवारों के साथ सीधा संवाद बढ़ाने के लिए, SSC ने X (@SSC_GoI) पर अपना आधिकारिक हैंडल लॉन्च किया है।
एग्जाम के बाद प्रश्न पत्र, अपने उत्तर और सही उत्तर देख सकेंगे
एसएससी की परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवार अब परीक्षा देने के बाद अपने प्रश्न पत्र, अपने द्वारा दिए गए उत्तर और सही उत्तर देख सकेंगे। आयोग ने अपनी परीक्षाओं को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई सुधार लागू किए हैं। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी बयान में शुक्रवार को कहा गया कि इस कदम से उम्मीदवार उत्तर कुंजियों को सबूतों के साथ चुनौती दे सकेंगे और अपनी निजी इस्तेमाल के लिए उनकी प्रतियां रख सकेंगे। ये कदम परीक्षा की निष्पक्षता और उम्मीदवारों के कल्याण के बीच संतुलन बिठाते हैं, क्योंकि आयोग आने वाले महीनों में व्यस्त परीक्षा चक्र की तैयारी कर रहा है।
आयोग ने यह भी तय किया है कि कुछ पुराने प्रश्न पत्रों को आधिकारिक नमूना सेट के रूप में जारी किया जाएगा ताकि उम्मीदवारों को सही अध्ययन सामग्री मिले। इसके अलावा एसएससी ने प्रश्नों को चुनौती देने की फीस भी घटाकर 100 रुपये से 50 रुपये प्रति प्रश्न कर दी गई है। यह कदम उन छात्रों के लिए राहत है जिनके लिए ज्यादा फीस देना मुश्किल था। समस्याओं के हल के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-309-3063 के साथ ऑनलाइन शिकायत पोर्टल भी शुरू किया गया है
एसएससी केंद्र सरकार की सबसे बड़ी भर्ती एजेंसियों में से एक है, जिसका मुख्य कार्य विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में अराजपत्रित पदों के लिए चयन करना है।
सुधारों में कहा गया है कि सबसे महत्वपूर्ण उपायों में से एक इक्वि-पर्सेंटाइल नॉर्मलाइजेशन की शुरुआत है। बयान में कहा गया है, "सरल शब्दों में कहें तो, यह विधि उम्मीदवारों की तुलना उनके मूल अंकों के बजाय उनके परसेंटाइल अंकों के आधार पर करती है। यह विभिन्न परीक्षा पालियों में अलग अलग कठिनाई स्तरों से पैदा होने वाले किसी भी लाभ या हानि को दूर करता है। उदाहरण के लिए, यदि उम्मीदवारों के एक बैच को दूसरे बैच की तुलना में थोड़ा कठिन पेपर मिलता है, तो नॉर्मलाइजेशन सुनिश्चित करता है कि सभी समूहों में परिणाम निष्पक्ष और एक समान रहें।
एसएससी ने हैकिंग या अन्य प्रकार की कदाचार को रोकने के लिए विशेष आईटी एजेंसियों को भी नियुक्त किया है।




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