Delhi School Admission 2026: दिल्ली स्कूल एडमिशन; EWS, DG और CWSN छात्रों के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू, ऐसे करें अप्लाई
Delhi School Admission 2026: दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS), वंचित समूहों (DG) और दिव्यांग बच्चों (CWSN) के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन स्कूल दाखिला पोर्टल लॉन्च कर दिया है।

Delhi School Admission 2026: दिल्ली में रहने वाले उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है, जो अपने बच्चों का दाखिला प्राइवेट स्कूलों में कराना चाहते हैं। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS), वंचित समूहों (DG) और दिव्यांग बच्चों (CWSN) के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन स्कूल दाखिला पोर्टल लॉन्च कर दिया है। अब अभिभावकों को दाखिले के लिए लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वे घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
किसे मिलेगा इस सुविधा का लाभ?
दिल्ली सरकार की यह पहल उन छात्रों के लिए है जो शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों की एंट्री-लेवल कक्षाओं (नर्सरी, केजी और कक्षा 1) में एडमिशन लेना चाहते हैं। पात्रता के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
EWS श्रेणी: वे परिवार जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है।
DG श्रेणी: इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-नॉन क्रीमी लेयर), अनाथ बच्चे, ट्रांसजेंडर्स और एचआईवी प्रभावित बच्चे शामिल हैं।
CWSN श्रेणी: विशेष जरूरतों वाले (दिव्यांग) बच्चे।
कैसे करें आवेदन?
अभिभावकों को आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट edudel.nic.in पर जाना होगा। पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और पेपरलेस बनाई गई है।
आवेदन करते समय अभिभावकों को अपने बच्चे का आधार कार्ड (यदि उपलब्ध हो), निवास प्रमाण पत्र (जैसे राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली का बिल या अन्य सरकारी दस्तावेज) और श्रेणी से संबंधित प्रमाण पत्र (आय प्रमाण पत्र या जाति प्रमाण पत्र) तैयार रखने होंगे। आवेदन भरते समय दी गई जानकारी सही होनी चाहिए, क्योंकि किसी भी प्रकार की गलती होने पर फॉर्म रद्द किया जा सकता है।
एडमिशन प्रक्रिया और पारदर्शिता
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि निजी स्कूलों में इन श्रेणियों के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं। इन सीटों पर दाखिला पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा। इससे प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी तरह के पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
एक बार लॉटरी निकलने के बाद, चयनित छात्रों की लिस्ट पोर्टल पर अपडेट कर दी जाएगी और संबंधित अभिभावकों को सूचित किया जाएगा। स्कूलों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इन श्रेणियों के छात्रों के दाखिले में पूरी सहयोग करें और सरकारी नियमों का सख्ती से पालन करें।
अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
शिक्षा विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे समय सीमा का ध्यान रखें। अंतिम तिथि के इंतजार में फॉर्म न भरें, ताकि तकनीकी समस्याओं से बचा जा सके। इसके अलावा, पोर्टल पर आवेदन करने के बाद उसका एक प्रिंटआउट निकालकर अपने पास जरूर रखें।
अगर किसी अभिभावक को फॉर्म भरने में कोई परेशानी होती है, तो वे अपने नजदीकी 'हेल्प डेस्क' या शिक्षा विभाग के संबंधित कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। यह नई ऑनलाइन प्रणाली न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर भी प्रदान करेगी।
दिल्ली सरकार का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की ओर एक और बड़ा कदम है, जिससे हजारों परिवारों को अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य का सपना पूरा करने में मदद मिलेगी।




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