PhD : एलयू मे साल में 2 बार पीएचडी एंट्रेंस, UGC NET JRF को छूट, नॉन जेआरएफ को फेलोशिप भी संभव
लखनऊ विश्वविद्यालय में अब वर्ष में दो बार पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को आयोजित करने की योजना है। यूजीसी की ओर से पीएचडी प्रवेश के लिए जारी नई गाइडलाइंस को लागू करने की तैयारी है।नेट, जेआरएफ पास अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

लखनऊ विश्वविद्यालय में अब वर्ष में दो बार पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को आयोजित करने की योजना है। इसके लिए शोध अध्यादेश में जल्द ही बदलाव किया जाएगा। साथ ही यूजीसी की ओर से पीएचडी प्रवेश के लिए जारी नई गाइडलाइंस को लागू करने की तैयारी है। इससे नेट, जेआरएफ पास अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी ने बताया कि एलयू में अब आईआईटी की तर्ज पर वर्ष में दो बार पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया का आयोजन होगा। प्रथम चरण की प्रक्रिया अप्रैल माह और द्वितीय चरण की नवंबर में आयोजित की जाएगी। इससे वर्ष भर खाली पड़ी रहने वाली पीएचडी सीटों के सापेक्ष दाखिले लिए जा सकेंगे। इसके लिए विवि के शोध अध्यादेश में बदलाव किय जाएगा जिससे इस व्यवस्था को अध्यादेश में रखा जा सके। अब नेट, जेआरएफ पास अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी
नेट, जेआरएफ अभ्यर्थी को छूट
एलयू में पीएचडी प्रवेश के लिए यूजीसी के नए दिशा-निर्देशों को लागू किया जाएगा। इससे नेट, जेआरएफ या शिक्षक फेलोशिप धारकों को लिखित परीक्षा से छूट मिल सकती है, लेकिन साक्षात्कार देना होगा। साथ ही नेट, जेआरएफ व गेट उम्मीदवारों के लिए 60 फीसदी और 40 प्रतिशत सीटें विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा या साक्षात्कार के माध्यम से भरी जाएंगी।
एलयू में गैर-जेआरएफ को मिलेगी फेलोशिप
लखनऊ विश्वविद्यालय ने रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए संबद्ध जिलों के कॉलेजों में शोध केंद्रों को स्थापित करने का फैसला किया है। साथ ही शोधार्थियों के विषय की जरूरत के हिसाब से लैब उपकरण भी मुहैया कराए जाएंगे। शोधार्थी अपनी जरूरत के लिहाज से विवि की प्रयोगशालाओं और मशीनों का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा गैर-जेआरएफ पीएचडी अभ्यर्थियों को फेलोशिप देने की भी संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। जिससे शोधार्थियों को रिसर्च करने में किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। यह जानकारी कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी ने दी। कुलपति प्रोफेसर सैनी का कहना है कि विवि का पूरा फोकस रिसर्च को बढ़ावा देने का है। इसके लिए जो भी जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता होगी, वह उठाए जाएंगे। कुलपति ने बताया कि कॉलेजों में शोध सुविधाओं की निगरानी के लिए समिति गठन और पड़ोसी जिलों में शोध केंद्र स्थापित कर सुविधाएं साझा किया जाएगा।
दिल्ली विवि का मॉडल अपनाएगा एलयू
विश्वविद्यालय कॉलेज शिक्षकों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय का शोध पर्यवेक्षण मॉडल अपनाएगा। इसके अलावा विशेष परिस्थितियों में संकाय सदस्यों के अंतर्गत पीएचडी सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। उत्कृष्ट छात्रों के लिए पीएचडी शोध प्रबंध प्रस्तुत करने की समय सीमा ढाई वर्ष तक घटाई जा सकती है।
कॉमर्शियल ट्रेनी पद पर प्लेसमेंट का मौका
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की केंद्रीय प्लेसमेंट सेल (सीपीसी) ने लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (एल एंड टी) कंपनी में छात्रों के लिए प्लेसमेंट ड्राइव की घोषणा की है। कंपनी ने ग्रेजुएट कमर्शियल ट्रेनी पद के लिए पैन इंडिया पोस्टिंग के साथ छात्रों के आवेदन मांगे हैं। छात्र को कार्य में वित्त एवं लेखा संचालन, जीएसटी/टीडीएस सहित कराधान गतिविधियां, साइट प्रशासन, खरीद एवं सामग्री प्रबंधन, औद्योगिक संबंधों में सहयोग, एमआईएस रिपोर्टिंग तथा आंतरिक समन्वय शामिल होगा। इस पद के लिए बी.कॉम, बीबीए,बीबीए, बीएससी और बीए मटेरियल मैनेजमेंट के अंतिम वर्ष के पूर्णकालिक स्नातक छात्र पात्र हैं।




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