ठगों के जाल में न फंसें; NEET UG पेपर लीक के दावे निकले फर्जी, एनटीए ने छात्रों को किया खबरदार
एनटीए ने नीट यूजी परीक्षा के पेपर लीक दावों को पूरी तरह फर्जी बताया है। छात्रों को टेलीग्राम पर पैसे मांगने वाले ठगों से सावधान रहकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना देखने वाले लाखों छात्र इन दिनों अपनी किताबों में सिर खपाए हुए हैं। हर कोई चाहता है कि उसका नीट यूजी (NEET UG) का इम्तिहान शानदार जाए। लेकिन जहां छात्रों की उम्मीदें और कड़ी मेहनत होती है, वहां कुछ ऐसे भी लोग सक्रिय हो जाते हैं जो मौके का गलत फायदा उठाना चाहते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया, खास तौर पर टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर नीट यूजी परीक्षा के पेपर लीक होने की खबरें बड़ी तेजी से फैल रही हैं। दावों का बाजार इतना गर्म हो चुका है कि कुछ ठग खुलेआम पैसे लेकर असली पेपर मुहैया कराने की बात कह रहे हैं। लेकिन इससे पहले कि कोई भी छात्र या अभिभावक इन जालसाजों के झांसे में आकर अपना पैसा और अपना भविष्य दोनों दांव पर लगाए, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक बेहद जरूरी और सख्त चेतावनी जारी कर दी है। एनटीए ने एकदम साफ कर दिया है कि पेपर लीक के ये सारे दावे सौ फीसदी फर्जी हैं और यह भोले-भाले छात्रों को लूटने का महज एक नया पैंतरा है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से एक्स और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर छात्रों के बीच भारी हलचल मची हुई थी। कई अनजान और गुमनाम टेलीग्राम चैनल्स यह दावा कर रहे थे कि उनके पास 3 मई 2026 को होने वाले नीट यूजी का असली प्रश्न पत्र मौजूद है। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि इसके एवज में वो छात्रों से 10,000 रुपये जैसी मोटी रकम ऐंठने की कोशिश में लगे थे। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब कुछ परेशान और चिंतित यूजर्स ने सीधे तौर पर एनटीए को टैग करते हुए सवाल पूछना शुरू कर दिया। एक यूजर ने खुलेआम पूछ लिया कि आखिर आपकी इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद आपके गोपनीय दस्तावेज टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर कैसे पहुंच रहे हैं? क्या यह पेपर सीधे प्रिंटिंग प्रेस से बाहर आ रहा है? और अगर हर साल इस तरह का रैकेट चलता है, तो कोई ठोस और त्वरित कदम क्यों नहीं उठाया जाता?
एनटीए ने क्या दी सफाई
इन तीखे सवालों का एनटीए ने बेहद सधा हुआ और दो टूक जवाब दिया। टेस्टिंग एजेंसी ने बिल्कुल साफ लफ्जों में कहा कि यह सब पूरी तरह से झूठ है। जो लोग भी इंटरनेट पर इस तरह की चीजें शेयर कर रहे हैं, वे सब के सब बड़े पैमाने पर ठगी करने वाले स्कैमर्स हैं। हम इन लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं और इन चैनल्स को ब्लॉक करने का काम भी शुरू हो चुका है। एजेंसी ने छात्रों को हिदायत दी है कि वे इन लोगों के बहकावे में बिल्कुल न आएं। किसी भी कीमत पर इन्हें पैसे न दें और अपनी पूरी ऊर्जा सिर्फ और सिर्फ अपनी पढ़ाई पर लगाएं।
देखा जाए तो यह कोई पहली बार नहीं है जब देश की इतनी बड़ी प्रवेश परीक्षा से ठीक पहले इस तरह की अफवाहों ने जोर पकड़ा हो। हर साल जैसे ही परीक्षा की तारीख नजदीक आने लगती है, इंटरनेट पर ऐसे कई गिरोह सक्रिय हो जाते हैं जिनका मकसद सिर्फ डरे हुए छात्रों की जेब काटना होता है। ये ठग अक्सर पिछले सालों के पेपर्स या मॉक टेस्ट के सवालों को इस चालाकी से डिजाइन करते हैं कि वो बिल्कुल असली पेपर की तरह ही दिखें। चूंकि नीट का इम्तिहान पास करके डॉक्टर बनना भारत में लाखों परिवारों का सपना होता है, इसलिए कुछ लोग शॉर्टकट की तलाश में इन ठगों के बुने हुए जाल में फंस जाते हैं और अपनी गाढ़ी कमाई लुटा बैठते हैं। एनटीए ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए अभिभावकों से भी खास तौर पर अपील की है कि वे अपने बच्चों को समझाएं कि कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
एजेंसी ने एक बार फिर दोहराया है कि छात्र सोशल मीडिया पर तैर रही किसी भी बेबुनियाद खबर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। अगर परीक्षा, एडमिट कार्ड या किसी अन्य नियम से जुड़ा कोई भी बदलाव या अपडेट होगा, तो उसे सिर्फ और सिर्फ एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट या उनके वेरिफाइड सोशल मीडिया हैंडल्स पर ही जारी किया जाएगा। बाकी बाहर से आ रही किसी भी जानकारी को सिरे से खारिज कर देना चाहिए।
3 मई को आयोजित होगी नीट यूजी की परीक्षा
आपको बता दें कि इस साल नीट यूजी की परीक्षा 3 मई 2026 को पूरे देश में आयोजित होने जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि अप्रैल महीने के आखिर तक छात्रों के एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए जाएंगे। ऐसे में यह वक्त अफवाहों पर ध्यान देने का नहीं, बल्कि अपना पूरा फोकस रिवीजन पर लगाने का है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखिए और ठगों को उनके गलत मंसूबों में कामयाब न होने दें। असली सफलता आपकी किताबों से निकलेगी, किसी टेलीग्राम ग्रुप से नहीं।




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