NEP : डीडीयू Swayam पोर्टल से यूजी व पीजी कोर्स को लागू करेगा, 40 प्रतिशत क्रेडिट अर्जित कर सकेंगे
डीडीयू विश्वविद्यालय वर्ष 2026 से स्नातक (यूजी) एवं स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर स्वयम पोर्टल के माध्यम से पाठ्यक्रमों को लागू करेगा। इस पहल से विद्यार्थी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई कर सकेंगे।

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुसार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, लचीलापन एवं डिजिटल माध्यम को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। विश्वविद्यालय वर्ष 2026 से स्नातक (यूजी) एवं स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर स्वयम पोर्टल के माध्यम से पाठ्यक्रमों को लागू करेगा। इस पहल से विद्यार्थी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई कर सकेंगे। इसे लेकर कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें यह फैसले लिए गए हैं। कुलपति ने कहा कि एनईपी 2020 के तहत मिश्रित शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों को देश के शीर्ष शिक्षकों एवं प्रतिष्ठित संस्थानों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है।
स्वयम जैसे राष्ट्रीय डिजिटल मंच के माध्यम से विद्यार्थियों को विषयगत ज्ञान के साथ-साथ कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों का लाभ मिलेगा। बताया कि स्वयम के माध्यम से विद्यार्थी अधिकतम 40 प्रतिशत क्रेडिट अर्जित कर सकेंगे, जिन्हें विश्वविद्यालय की अकादमिक व्यवस्था में नियमानुसार समाहित किया जाएगा।
कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ 350 से अधिक संबद्ध महाविद्यालयों में भी अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। इससे विश्वविद्यालय से जुड़े 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इस संबंध में शीघ्र ही सभी प्राचार्यों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। कुलपति ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को स्वयम पाठ्यक्रमों की परीक्षा में सम्मिलित होने का विकल्प दिया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय स्तर पर भी परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि किसी को असुविधा न हो।
छात्रों को उपलब्ध कराए जाएंगे रोजगार परख पाठ्यक्रम : स्वयम पोर्टल के नोडल अधिकारी प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा स्वयम पाठ्यक्रमों के प्रति विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है। स्वयम के माध्यम से उपलब्ध बहुविषयक, कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई प्रदान करेंगे। इसके लिए छात्रों को रोजगारपरख पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। कहा कि यह पहल विश्वविद्यालय एवं उसके संबद्ध महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनाएगी।
रुचि के अनुसार छात्र तय करेंगे पाठ्यक्रम
कुलपति ने बताया कि स्नातक स्तर पर एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्सेज़ एवं स्किल एन्हांसमेंट पाठ्यक्रमों का एक पूल उपलब्ध कराया जाएगा, जिनमें से विद्यार्थी अपनी रुचि एवं आवश्यकता के अनुसार पाठ्यक्रमों का चयन कर सकेंगे। ये पाठ्यक्रम अनिवार्य होंगे और विद्यार्थियों की क्षमता, कौशल तथा रोजगारपरक दक्षता को सुदृढ़ करेंगे। स्नातकोत्तर स्तर पर भी इस सेमेस्टर से प्रत्येक विभाग द्वारा कम से कम एक स्वयम आधारित पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा।




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