NCERT ने 9वीं कक्षा की विज्ञान की नई किताब जारी की, कौन से नए चैप्टर, क्या हुए बदलाव
एनसीईआरटी ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए कक्षा 9 के विज्ञान विषय की नई पाठ्य पुस्तक जारी कर दी। इस किताब में आधुनिक विज्ञान को भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के साथ जोड़ा गया है।

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने शुक्रवार को शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए कक्षा 9 के विज्ञान विषय की नई पाठ्य पुस्तक जारी कर दी। इस किताब में आधुनिक विज्ञान को भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के साथ जोड़ा गया है। नई बुक में भारतीय वैज्ञानिकों व संस्थानों जैसे भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) मुंबई और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटियोरोलॉजी (IITM), पुणे के योगदान पर भी प्रकाश डाला गया है।
पुरानी किताब पहली बार 2006 में आई थी
'एक्सप्लोरेशन' (Exploration) नाम की इस 13 अध्यायों वाली टेक्स्टबुक ने पुरानी किताब की जगह ली है जो पहली बार 2006 में प्रकाशित हुई थी। उस पुरानी किताब में मूल रूप से 15 अध्याय थे, जिन्हें 2022 में पाठ्यक्रम को तर्कसंगत बनाने की प्रक्रिया के दौरान घटाकर 12 कर दिया गया था।
एनईपी के मुताबिक है बुक
इस विषय पर एनसीईआरटी के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (NCF-SE) 2023 के अनुरूप तैयार की गई यह नई किताब जिज्ञासा, प्रयोग, डेटा एनालिसिस और असल जीवन में विज्ञान के इस्तेमाल पर केंद्रित है। यह रटने के सिस्टम को खत्म करने का प्रयास है।
क्या हटाया , क्या रखा और क्या बदला
बुक का पहला अध्याय छात्रों को माध्यमिक स्तर के विज्ञान में उपयोग होने वाली वैज्ञानिक विधियों, अवधारणाओं और शब्दावली से परिचित कराता है। कोशिकाएं, ऊतक, गति, मिश्रण, बल, कार्य और ऊर्जा, परमाणु तथा ध्वनि जैसे मुख्य विषयों को संशोधित रूप में इस किताब में बनाए रखा गया है। हालांकि गुरुत्वाकर्षण और खाद्य संसाधनों में सुधार पर आधारित अलग-अलग अध्यायों को हटा दिया गया है।
अधिकारी ने बताया, "हम अगले साल कक्षा 10 में गुरुत्वाकर्षण और कृषि से संबंधित अवधारणाओं पर आधारित अध्याय शामिल करेंगे। यह कदम एनईपी 2020 और NCF-SE 2023 के मुताबिक विज्ञान की टेक्स्टबुक्स में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। जो छात्र अभी कक्षा 9 में हैं, वे इन अवधारणाओं को कक्षा 10 में पढ़ेंगे।'
नया अध्याय जुड़ा
इस टेक्स्टबुक में "रीप्रोडक्शन: जीवन कैसे आगे बढ़ता है" शीर्षक से एक नया अध्याय जोड़ा गया है। यह विषय पहले कक्षा 10 में पढ़ाया जाता था और इसमें पौधों व मनुष्यों में प्रजनन, मासिक धर्म, स्वच्छता तथा अनचाहे गर्भधारण की रोकथाम जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
इसके अलावा इस किताब में पौधों और जीव जंतुओं की विविधता व वर्गीकरण, तथा पृथ्वी एक तंत्र के रूप में जैसे अध्यायों को भी वापस शामिल किया गया है। इन अध्यायों को पहले पाठ्यक्रम को तर्कसंगत बनाने की प्रक्रिया के दौरान हटा दिया गया था।
भारतीय वैज्ञानिकों को भी जानेंगे
इस किताब के माध्यम से छात्रों को सी. वी. रमन, मेघनाद साहा और होमी जहांगीर भाभा जैसे भारतीय वैज्ञानिकों से भी परिचित कराया गया है। साथ ही, इस किताब में भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के संदर्भ भी शामिल किए गए हैं। उदाहरण के लिए, इसमें आर्यभटीय (5वीं सदी ) में गति की अवधारणा, कन्नौज के इत्र उद्योग में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक 'देग-भपका' आसवन विधि, और वैशेषिक सूत्रों से आचार्य कणाद की 'परमाणु' की अवधारणा का जिक्र किया गया है; साथ ही, अनुभव-आधारित सीखने को बढ़ावा देने के लिए वास्तविक जीवन के उदाहरण और गतिविधियां भी शामिल हैं।
कक्षा 9 की नई हिन्दी किताब भी जारी
साइंस के अलावा एनसीईआरटी ने शुक्रवार को कक्षा 9 की हिन्दी की नई पाठ्यपुस्तक ‘गंगा’ भी जारी की। पुस्तक में संत रैदास के पदों से लेकर राम-लक्ष्मण-परशुराम-संवाद और झांसी की रानी तक भक्ति, देशभक्ति की कहानियों और कविताओं को समाहित किया गया है। पुस्कत भाषा सीखने पर भी जोर देती है। पुस्तक के प्रमुख पाठों में झलकारी बाई, परमवीर चक्र विजेता निर्मलजीत सिंह सेखों की जीवनगाथा भी शामिल हैं। इसके अलावा नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों पर लाला लाजपत राय के विचार भी शामिल हैं। मुंशी प्रेमचंद, पदमलाल पुन्नालाल बख्शी, शेखर जोशी की कहानियां, जगदीश चंद्र माथुर का नाटक, मोहन राकेश का यात्रा वृत्तांत, लता मंगेशकर का साक्षात्कार, संत नामदेव, मैथिलीशरण गुप्त की रचनाएं भी पुस्तक में हैं।




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