MP Board Result 2026: एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट जल्द, जानें मई और फरवरी में से किस परीक्षा के नंबर होंगे मान्य?
MP Board 10th-12th Result 2026: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं और 12वीं के लाखों छात्र अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यदि कोई छात्र दोनों परीक्षाओं में बैठता है, तो किस परीक्षा के अंक उसकी फाइनल मार्कशीट में जुड़ेंगे?

MPBSE MP Board 10th 12th Result 2026: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) के 10वीं और 12वीं के लाखों छात्र अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस बार का रिजल्ट केवल अंकों की कहानी नहीं होगा, बल्कि इसके साथ ही एमपी बोर्ड की एक बड़ी और ऐतिहासिक व्यवस्था भी लागू होने जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ‘सप्लीमेंट्री परीक्षा’ के पुराने सिस्टम को पूरी तरह खत्म कर दिया है और उसकी जगह 'सेकंड एग्जाम' की नई व्यवस्था शुरू की है। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जो या तो किसी विषय में फेल हो गए हैं या फिर अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें सुधारना चाहते हैं।
यहां चेक कर सकेंगे अपना रिजल्ट
परिणाम घोषित होने के बाद विद्यार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइटों mpbse.nic.in, mpbse.mponline.gov.in और mpresults.nic.in पर जाकर अपना रोल नंबर दर्ज कर स्कोरकार्ड देख सकेंगे। इसके अलावा, छात्र livehindustan.com पर भी सबसे पहले अपने नतीजे चेक कर पाएंगे।
अब सप्लीमेंट्री नहीं, होगी 'दूसरी मुख्य परीक्षा'
अब तक क्या होता था कि यदि कोई छात्र फेल होता था, तो उसे सप्लीमेंट्री परीक्षा देनी पड़ती थी और उसकी मार्कशीट पर 'सप्लीमेंट्री' लिखा आता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। एमपी बोर्ड ने अब साल में दो बार मुख्य परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है। पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में हो चुकी है और अब दूसरी परीक्षा मई में आयोजित की जाएगी।विभागीय जानकारी के अनुसार, मई में होने वाली यह दूसरी परीक्षा उन सभी छात्रों के लिए एक 'वरदान' की तरह है, जिनका प्रदर्शन पहली परीक्षा में अच्छा नहीं रहा।
मई या फरवरी: कौन से नंबर माने जाएंगे बेस्ट?
छात्रों और अभिभावकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कोई छात्र दोनों परीक्षाओं में बैठता है, तो किस परीक्षा के अंक उसकी फाइनल मार्कशीट में जुड़ेंगे? एमपी बोर्ड ने इसके लिए ‘बेस्ट ऑफ टू’ का शानदार फॉर्मूला अपनाया है। इसका मतलब यह है कि यदि कोई छात्र फरवरी की परीक्षा में पास है, लेकिन अपने नंबर बढ़ाना चाहता है, तो वह मई की परीक्षा में फिर से बैठ सकता है।
जिस विषय की परीक्षा छात्र दोबारा देगा, उसमें फरवरी और मई में से जिसमें ज्यादा नंबर आएंगे, उसे ही अंतिम मार्कशीट में जोड़ा जाएगा। यानी अगर मई की परीक्षा में नंबर कम भी हो जाते हैं, तो भी छात्र का नुकसान नहीं होगा, उसके फरवरी वाले ज्यादा नंबर ही मान्य रहेंगे। इससे छात्रों का मानसिक तनाव कम होगा और उन्हें बिना किसी डर के अपना स्कोर सुधारने का मौका मिलेगा।
कब से शुरू होंगे आवेदन?
जैसे ही पहली परीक्षा का रिजल्ट घोषित होगा, उसके तुरंत बाद दूसरी परीक्षा (सेकंड एग्जाम) के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जो छात्र अपने रिजल्ट से खुश नहीं होंगे, वे निर्धारित शुल्क जमा कर मई में होने वाली परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। बोर्ड का लक्ष्य है कि जून के अंत तक दूसरी परीक्षा का रिजल्ट भी जारी कर दिया जाए, ताकि छात्रों का कॉलेज एडमिशन या अगली कक्षा में दाखिला प्रभावित न हो।




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