Meet IAS Moin Ahmed, Son of a Bus Driver Cracks UPSC, Secures IAS Rank UPSC Success Story: बस ड्राइवर के बेटे ने पूरा किया IAS बनने का सपना, जानिए मोइन अहमद की प्रेरणादायक कहानी, Career Hindi News - Hindustan
More

UPSC Success Story: बस ड्राइवर के बेटे ने पूरा किया IAS बनने का सपना, जानिए मोइन अहमद की प्रेरणादायक कहानी

UPSC Success Story: मोइन अहमद ने एक बस ड्राइवर के बेटे होते हुए भी देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC में सफलता हासिल की और एक आईएएस अधिकारी बने। उनकी यह कहानी बताती है कि आर्थिक बाधाएं बड़े सपनों को रोक नहीं सकतीं।

Thu, 27 Nov 2025 03:06 PMPrachi लाइव हिन्दुस्तान
share
UPSC Success Story: बस ड्राइवर के बेटे ने पूरा किया IAS बनने का सपना, जानिए मोइन अहमद की प्रेरणादायक कहानी

IAS Moin Ahmed Success Story: संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानी अक्सर सबसे बड़ी सफलता की ओर ले जाती है। यह बात उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के मोइन अहमद पर पूरी तरह लागू होती है, जिन्होंने एक बस ड्राइवर के बेटे होते हुए भी देश की सबसे कठिन परीक्षा, यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) में सफलता हासिल की और एक आईएएस अधिकारी बने। उनकी यह कहानी बताती है कि आर्थिक बाधाएं बड़े सपनों को रोक नहीं सकतीं।

बचपन का सपना और आर्थिक मजबूरी

मोइन अहमद का जन्म मुरादाबाद के दिलाड़ी इलाके के जटपुरा गांव में हुआ। उनके पिता वली हसन, यूपी रोडवेज में बस ड्राइवर के तौर पर काम करते हैं, और उनकी मां तसलीम जहां एक गृहिणी हैं। पांच भाई-बहनों में मोइन दूसरे नंबर पर हैं। बचपन में मोइन क्रिकेटर बनने का सपना देखते थे, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह इस महंगे सपने को पूरा कर सकें।

कम उम्र में ही परिवार को सहारा देने और भविष्य के लिए पैसे बचाने के उद्देश्य से मोइन ने काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने साइबर कैफे में काम किया और अपनी मेहनत के दम पर जल्द ही हर महीने अच्छी कमाई करने लगे। साइबर कैफे में काम करते हुए ही उनके मन में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने का विचार आया।

सपनों का सफर और विरोध

जब मोइन ने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया तो उनके इस निर्णय का सभी ने स्वागत नहीं किया। उनके पिता ने तो आपत्ति भी जताई और कुछ रिश्तेदारों ने इसे करियर बर्बाद करने वाला कदम बताया। मोइन के पिता की चिंता जायज थी क्योंकि उन्होंने देखा था कि बेटा अच्छी कमाई कर रहा है और अब वह सब छोड़कर एक अनिश्चित राह पर जा रहा था। हालांकि उनकी मां तसलीम जहां ने उनका पूरा समर्थन किया।

हार नहीं मानी और दिल्ली का रुख

अपने सपने को पूरा करने के लिए मोइन ने 2019 में साइबर कैफे की नौकरी छोड़ दी और तैयारी के लिए दिल्ली चले गए। दिल्ली में रहने और कोचिंग का खर्च उठाने के लिए उन्हें ढाई लाख रुपये का लोन भी लेना पड़ा।

मोइन ने यूपीएससी की तैयारी पूरी लगन से की लेकिन सफलता आसानी से नहीं मिली। उन्हें पहले तीन प्रयासों में असफलता मिली। लगातार तीन बार विफल होने के बावजूद मोइन टूटे नहीं। उन्होंने अपनी असफलताओं से सीखा और अपनी कमियों को दूर करने पर ध्यान केंद्रित किया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:संघर्षों से भरी राह को किया पार, गांव की बेटी प्रिया रानी ने क्रैक किया UPSC
ये भी पढ़ें:Infosys की बेंच से IAS की कुर्सी तक, नितिन सांगवान की UPSC सफलता की कहानी

चौथे प्रयास में मिली शानदार सफलता

मोइन अहमद की कड़ी मेहनत मां के सपोर्ट और अटूट दृढ़ संकल्प का फल उन्हें चौथे प्रयास में मिला। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 296वीं रैंक हासिल की। इस शानदार सफलता के बाद उन्हें पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी के रूप में चुना गया।

आज मोइन अहमद उन लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं जो मुश्किल परिस्थितियों में बड़े सपने देखने की हिम्मत करते हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो मेहनत और लगन से हर बाधा को पार किया जा सकता है।

करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन और Maharashtra SSC Result 2026 Live के साथ सभी Board Results 2026 देखें। सबसे पहले अपडेट पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।