JEE Main : 85 पर्सेंटाइल पर BTech में कहां दाखिला संभव, NIT या IIIT के कितने चांस, देखें कॉलेज लिस्ट
JEE Main : जेईई मेन में 85 परसेंटाइल का मतलब 1.5 लाख से ऊपर की रैंक होगा। इस रैंक के साथ उम्मीदवारों को टॉप एनआईटी या ट्रिपल आईटी और पॉपुलर बीटेक ब्रांच शायद न मिलें लेकिन उनके लिए कई अन्य अच्छे ऑप्शन मौजूद हैं।

JEE Main 85 Percentile Colleges List : जेईई मेन सेशन-2 के बीटेक बीई की परीक्षाएं खत्म हो गई हैं। अब लाखों अभ्यर्थी आंसर-की का इंतजार कर रहे हैं जो 11 अप्रैल को जारी होगी। जेईई मेन सेशन 2 का रिजल्ट 20 अप्रैल 2026 को आएगा। आंसर-की आते ही अभ्यर्थी जेईई के सेकेंड सेशन में अपने स्कोर का अनुमान लगा लेंगे। अभ्यर्थियों के पास फिलहाल जेईई मेन सेशन-1 का स्कोर कार्ड है। यहां हम बता रहे हैं कि जिन अभ्यर्थियों का बेस्ट जेईई मेन स्कोर 85 पर्सेंटाइल के आसपास रहेगा, उनके लिए क्या ऑप्शन रहेंगे। जेईई मेन में 85 परसेंटाइल का मतलब 1.5 लाख से ऊपर की रैंक होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस रैंक के साथ उम्मीदवारों को टॉप एनआईटी या ट्रिपल आईटी और पॉपुलर बीटेक ब्रांच शायद न मिलें। 85 परसेंटाइल में टॉप एनआईटी या ट्रिपल आईटी के बीटेक सीएसई या बीटेक ईसीई में दाखिला नहीं मिल सकेगा। लेकिन उनके लिए कई अन्य अच्छे ऑप्शन मौजूद हैं। जेईई मेन 2026 में 85 परसेंटाइल के लिए सबसे अच्छे संभावित कॉलेज यहां देखें।
कटऑफ थोड़ा बढ़ने की संभावना
एक्सपर्ट्स के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले ट्रिपल आईटी ( IIIT ) संस्थानों में इस बार जेईई मेन कटऑफ थोड़ा बढ़ने की संभावना है, क्योंकि पिछले साल के मुकाबले एग्जाम देने वाले उम्मदीवारों की संख्या काफी बढ़ी है। इस बार रिकॉर्ड 16 लाख से ज्यादा फॉर्म आए हैं। ट्रिपल आईटी में जेईई मेन स्कोर के आधार पर एडमिशन मिलता हैं। जोसा (JoSAA) काउंसलिंग के जरिए कैंडिडेट्स को एडमिशन दिया जाता है।
JEE Main में 85 परसेंटाइल का मतलब कितनी रैंक व मार्क्स
पिछले सालों के जेईई मेन के मार्क्स, रैंक और परसेंटाइल के डेटा के आधार पर आपकी रैंक क्या होगी-
- जेईई मेन में 85 परसेंटाइल का मतलब है 300 में से 51 - 60 मार्क्स।
- जेईई मेन में 85 परसेंटाइल पर रैंक लगभग 1,65,679 - 1,17,000 के बीच होती है।
जेईई मेन में 85 परसेंटाइल लाने वालों के लिए कॉलेज
जेईई मेन में 85 परसेंटाइल लाने से टॉप कॉलेजों और लोकप्रिय ब्रांचों में एडमिशन नहीं मिलेगा। हालांकि ऐसे कई अच्छे विकल्प हैं जिन्हें उम्मीदवार देख सकते हैं।
ऐसे स्टूडेंट्स के लिए यहां ऑप्शन हैं -
GFTIs / NITs (लोअर टियर के और राज्य कोटे वाले)
NITs / GFTIs में राज्य कोटा की सीटें
ट्रिपल आईटी (IIITs)
राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेज (राज्य काउंसलिंग के जरिए)
अच्छी प्राइवेट यूनिवर्सिटी और प्रतिष्ठित संस्थान
- लोअर टियर की NIT/GFTI (बहुत सीमित ब्रांच में)
NIT
NIT मणिपुर, NIT मेघालय की कुछ सीमित ब्रांच में व कम लोकप्रिय इंजीनियरिंग ब्रांच की सीट मिलने की संभावना है, अगर कोई उपलब्ध हो। 85 परसेंटाइल पर सीएसई में एडमिशन मिलना बहुत मुश्किल है।
- NIT मिज़ोरम, NIT सिक्किम, NIT गोवा, NIT मेघालय, NIT रायपुर, NIT दुर्गापुर, NIT अगरतला, असम यूनिवर्सिटी, पुडुचेरी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में CSE/ECE को छोड़कर अन्य कम मांग वाले कोर्सेज में होम स्टेट कोटा से सीट मिलने के थोड़े चांस हैं।
IIIT
- नए व कम जाने-पहचाने आईआईआईटी संस्थान जैसे IIIT कोट्टायम, IIIT श्री सिटी, IIIT पुणे, IIIT रांची, IIIT वडोदरा, IIIT त्रिची में ECE, मैकेनिकल, सिविल, केमिकल, बायोटेक, मेटलर्जी, EEE की सीट मिल सकती है।
- कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे, CUSAT, DTU (दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी), NSUT (नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी) जैसे राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों (जेईई मेन के जरिए राज्य काउंसलिंग द्वारा) में मैकेनिकल, सिविल, केमिकल, ईईई में एडमिशन पा सकते हैं।
- KIIT यूनिवर्सिटी, भुवनेश्वर, अमृता विश्व विद्यापीठम, बेनेट यूनिवर्सिटी (ग्रेटर नोएडा), UPES देहरादून, शिव नाडर यूनिवर्सिटी, सिम्बायोसिस इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, SOA यूनिवर्सिटी, शिक्षा ‘O’ अनुसंधान (भुवनेश्वर), जैन यूनिवर्सिटी (बैंगलोर) जैसे पॉपुलर व नामी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज और एनआईआरएफ रैंकिंग में टॉप 100 संस्थानों में शुमार इंजीनियरिंग कॉलेजों में CSE/IT/ECE बीटेक ब्रांच मिल सकती है।




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