IIT Kanpur: आईआईटी कानपुर को मिला 13.40 करोड़ का दान, रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर में होगा उपयोग
IIT Kanpur: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी(IIT) कानपुर के 1976 बैच के पूर्व छात्रों ने अपनी ‘गोल्डन जुबली’ के उपलक्ष्य में आईआईटी कानपुर को 13.40 करोड़ रुपये का दान दिया है।

IIT Kanpur: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) कानपुर के 1976 बैच के पूर्व छात्रों ने अपनी ‘गोल्डन जुबली’ के उपलक्ष्य में आईआईटी कानपुर को 13.40 करोड़ रुपये का दान दिया है। यह दान इंस्टीट्यूट के इतिहास में किसी एक बैच द्वारा दिए गए सबसे बड़े योगदानों में से एक है। इस विशाल राशि का उपयोग इंस्टीट्यूट में अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास, रिसर्च कार्यों और भविष्य के इंजीनियरों के लिए स्कॉलरशिप प्रदान करने में किया जाएगा।
पूर्व छात्रों का अटूट लगाव और योगदान
इंस्टीट्यूट में आयोजित एक विशेष पूर्व छात्र मिलन समारोह के दौरान इस राशि की घोषणा की गई। 1976 बैच के पूर्व छात्र, जो आज दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्रों में टॉप पदों पर कार्यरत हैं, इस अवसर पर कैंपस लौटे। उन्होंने पुरानी यादें ताजा कीं और इस बात पर जोर दिया कि उनकी सफलता की नींव इसी इंस्टीट्यूट में रखी गई थी।
इंस्टीट्यूट के डॉयरेक्टर ने इस योगदान की सराहना करते हुए कहा, "हमारे पूर्व छात्र हमारी सबसे बड़ी संपत्ति हैं। 1976 बैच का यह उदार दान न केवल कैंपस की सुविधाओं को बेहतर बनाएगा, बल्कि छात्रों के लिए इनोवेशन के नए रास्ते भी खोलेगा।"
दान राशि का कहां होगा उपयोग?
आईआईटी कानपुर प्रशासन ने दान में मिली इस राशि को इन प्राथमिकताओं के लिए आवंटित करने की योजना बनाई है:
एडवांस्ड लैब: रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए नई लैब और उपकरणों की स्थापना।
स्कॉलरशिप: आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों की पढ़ाई में मदद करना।
फैकल्टी सपोर्ट: ग्लोबल लेवल फैकल्टी सपोर्ट को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए रिसर्च अनुदान प्रदान करना।
JEE Main 2026 और JEE Advanced के लिए छात्रों को संदेश
आईआईटी कानपुर ने आगामी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भी प्रेरित किया है। वर्तमान में जो छात्र JEE Main 2026 और JEE Advanced की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह खबर एक प्रेरणा है कि कड़ी मेहनत से वे न केवल आईआईटी में एडमिशन पा सकते हैं, बल्कि भविष्य में समाज और देश के लिए बड़ा योगदान भी दे सकते हैं।
आईआईटी कानपुर हमेशा से ही अपने बेहतरीन एकेडमिक के लिए जाना जाता रहा है। पूर्व छात्रों के इस सहयोग से यह सुनिश्चित होगा कि इंस्टीट्यूट ग्लोबल लेवल पर अपनी रैंकिंग को और ऊंचा ले जा सके। इंस्टीट्यूट ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पूर्व छात्रों से मिलने वाले दान में काफी तेजी आई है, जो आईआईटी के विकास में एक महत्वपूर्ण स्तंभ साबित हो रहा है।




साइन इन