UPSC Success Story: बिना महंगी कोचिंग कोमल पुनिया बनीं IAS टॉपर, संसाधनों की कमी को दी मात; हासिल की AIR 6
UPSC Success Story: कोमल ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय छठी रैंक (AIR 6) हासिल कर न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि उन करोड़ों युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई हैं जो संसाधनों की कमी का हवाला देते हैं।

IAS Komal Punia Success Story: "मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।" इस कहावत को सच कर दिखाया है उत्तर प्रदेश की रहने वाली कोमल पुनिया ने। कोमल ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय छठी रैंक (AIR 6) हासिल कर न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि उन करोड़ों युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई हैं जो संसाधनों की कमी का हवाला देते हैं।
बिना कोचिंग के सफलता
कोमल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही स्कूल से पूरी की और उसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत जारी रखी। कोमल की सफलता की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने इस कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए किसी भी नामी या बड़े कोचिंग संस्थान की मदद नहीं ली। कोमल का मानना है कि यदि आपके पास सही रणनीति और इंटरनेट जैसे डिजिटल संसाधन हैं, तो आप घर बैठे ही दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को पास कर सकते हैं।
कोमल ने अपनी तैयारी के दौरान इन बातों पर ध्यान दिया:
सीमित संसाधन: उन्होंने बहुत अधिक किताबें पढ़ने के बजाय बुनियादी किताबों (जैसे NCERT) को बार-बार पढ़ा।
डिजिटल लर्निंग: कोमल ने यूट्यूब और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कठिन विषयों को समझने और करंट अफेयर्स की तैयारी के लिए किया।
अनुशासन: वे रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती थीं और अपनी प्रगति का आकलन करने के लिए नियमित रूप से 'मॉक टेस्ट' देती थीं।
माता-पिता का सहयोग
कोमल बताती हैं कि उनके पिता ने कभी भी उन पर किसी बात का दबाव नहीं डाला। उनके पिता जानते थे कि मेहनत का फल मीठा होता है। कोमल की मां ने भी घर के कामों से उन्हें दूर रखा ताकि वे अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगा सकें। जब परीक्षा के परिणाम घोषित हुए और कोमल का नाम टॉपर्स की सूची में आया, तो पूरे गांव में जश्न का माहौल था।
भविष्य के उम्मीदवारों के लिए संदेश
कोमल पुनिया अब एक आईएएस (IAS) अधिकारी के रूप में देश की सेवा करेंगी। अपनी जीत का मंत्र साझा करते हुए कोमल कहती हैं, "सफलता के लिए किसी बड़े शहर में जाना या महंगी कोचिंग लेना अनिवार्य नहीं है। अगर आपके भीतर संकल्प है और आप अपनी गलतियों से सीखने के लिए तैयार हैं, तो आप घर के एक कोने में बैठकर भी इतिहास रच सकते हैं।"




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