दिल्ली नर्सरी एडमिशन 2026 की पहली लिस्ट जारी, अब किन बातों का रखें खास ध्यान; दूसरी सूची कब
दिल्ली नर्सरी एडमिशन 2026 की पहली लिस्ट जारी हो चुकी है। नाम आने के बाद कौन से दस्तावेज जरूरी हैं, दूसरी सूची कब आएगी, आपत्ति समाधान विंडो और उम्र के नियम के बारे में यहां पढ़ें पूरी जानकारी।

Delhi Nursery Admission 2026 : दिल्ली के स्कूलों में नर्सरी एडमिशन 2026 की पहली शॉर्टलिस्ट जारी हो चुकी है। जिन अभिभावकों के बच्चों का नाम सूची में आया है, उनके लिए अगला कदम बेहद अहम है क्योंकि सिर्फ नाम आना ही दाखिले की गारंटी नहीं होता। स्कूलों ने साफ किया है कि तय समय के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी होगा। वहीं, जिनका नाम पहली सूची में नहीं आया है, उनकी उम्मीदें 9 फरवरी को जारी होने वाली दूसरी सूची से जुड़ी हैं।
नाम आया है तो ये काम तुरंत करें
पहली सूची में नाम आने के बाद अभिभावकों को बिना देरी किए स्कूल द्वारा बताई गई तारीख़ों के अनुसार दस्तावेज सत्यापन और फीस से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए कुछ काग़ज़ पहले से तैयार रखना बेहद जरूरी है।
स्कूलों द्वारा आमतौर पर ये दस्तावेज मांगे जाते हैं:
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (ओरिजिनल और फोटोकॉपी)
- माता-पिता का वैध पता प्रमाण
- बच्चे और अभिभावक की पासपोर्ट साइज फोटो
- कैटेगरी या आरक्षण से जुड़े प्रमाण पत्र (अगर लागू हों)
इन दस्तावेजों में किसी भी तरह की जानकारी आवेदन फॉर्म से अलग पाई गई, तो दाखिला रद्द होने का खतरा रहता है।
समय-सीमा चूके तो क्या होगा
कई बार जानकारी न मिल पाने या गलती से तारीख़ निकल जाने की स्थिति बन जाती है। ऐसे मामलों में स्कूल प्रशासन से तुरंत संपर्क करना ज़रूरी है। कुछ स्कूल वेटिंग लिस्ट या अगली सूचियों के तहत ऐसे आवेदनों पर विचार कर सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह स्कूल और तय नियमों पर निर्भर करता है।
पॉइंट्स में गलती लगे तो कहां करें शिकायत
अगर किसी अभिभावक को दूरी, सिब्लिंग या एलुमनी पॉइंट्स में गड़बड़ी लगती है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। शिक्षा निदेशालय द्वारा तय “रिज़ॉल्यूशन विंडो” के दौरान अभिभावक स्कूल जाकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसी अवधि में स्कूलों को सभी शिकायतों का निपटारा करना होता है, ताकि अंतिम दाख़िले से पहले पारदर्शिता बनी रहे।
पहली सूची में नाम नहीं आया? अभी मौके बाकी
पहली सूची में नाम न आने का मतलब यह नहीं कि दाख़िले की उम्मीद खत्म हो गई है। दिल्ली के स्कूलों में सीटें खाली रहने पर दूसरी और तीसरी सूचियां जारी की जाती हैं। 9 फरवरी को आने वाली दूसरी सूची से कई बच्चों को मौका मिल सकता है।
उम्र को लेकर क्या है नियम
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यह साफ है कि कक्षा 1 में दाखिले के लिए बच्चे की उम्र कम से कम छह साल होनी चाहिए। इसी आधार पर नर्सरी और केजी की उम्र सीमा तय की जाती है। स्कूलों ने अभिभावकों से अपील की है कि उम्र से जुड़े दस्तावेज सही और प्रमाणिक हों।
दिल्ली नर्सरी एडमिशन की यह प्रक्रिया आने वाले हफ्तों तक चलेगी। ऐसे में अभिभावकों के लिए सबसे जरूरी है कि सूचनाओं पर नजर रखना, समय-सीमा का पालन करना और सभी कागजात में दी गई जानकारी को आवेदन फॉर्म से पूरी तरह मिलान करना। यही सावधानी बच्चे का दाखिला पक्का करने में सबसे बड़ा रोल निभाएगी।




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