मिडिल ईस्ट के हालात पर CBSE का बड़ा एक्शन, 12वीं की परीक्षाएं अटकीं, बिना एग्जाम ऐसे बनेगा रिजल्ट
CBSE ने पश्चिम एशिया के देशों में 12वीं के छात्रों के लिए वैकल्पिक मूल्यांकन योजना जारी की है जिसमें इंटरनल असेसमेंट के आधार पर रिजल्ट तैयार होगा।

मिडिल ईस्ट के कई देशों में पढ़ने वाले CBSE 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। जिन छात्रों की परीक्षाएं मिडिल ईस्ट में तनाव के हालात की वजह से बीच में अटक गई थीं या पूरी नहीं हो पाई थीं उनके लिए अब बोर्ड ने एक नया रास्ता निकाल लिया है। CBSE ने शुक्रवार को एक सर्कुलर जारी कर साफ कर दिया कि ऐसे छात्रों का रिजल्ट अब एक खास वैकल्पिक मूल्यांकन योजना के जरिए तैयार किया जाएगा। गौरतलब है कि यूएई, ईरान, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और सऊदी अरब जैसे देशों में हाल के हालात के चलते कई एग्जाम या तो रद्द करने पड़े या फिर टाल दिए गए। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर रिजल्ट कैसे बनेगा और उनका साल खराब तो नहीं होगा। अब CBSE के इस फैसले ने काफी हद तक यह चिंता दूर कर दी है।
जिन छात्रों ने परीक्षा दी उनका रिजल्ट कैसे बनेगा?
CBSE ने साफ किया है कि जिन छात्रों ने अपने पेपर दे दिए हैं, उनके रिजल्ट पूरी तरह उनके असली प्रदर्शन के आधार पर ही तैयार किए जाएंगे। यानी जिन विषयों की परीक्षा हो चुकी है, वहां कोई बदलाव नहीं होगा और वही नंबर फाइनल माने जाएंगे।
जिन विषयों की परीक्षा नहीं हुई, वहां क्या होगा?
सबसे बड़ा बदलाव उन विषयों में होगा जिनकी परीक्षा नहीं हो पाई। ऐसे मामलों में बोर्ड इंटरनल असेसमेंट और प्रैक्टिकल नंबरों के आधार पर फाइनल रिजल्ट तैयार करेगा। मतलब अब स्कूलों में हुए टेस्ट और प्रैक्टिकल का रोल काफी अहम हो गया है।
मार्क्स कैलकुलेशन का तरीका समझिए
जिन विषयों में थ्योरी के 70 या 80 नंबर होते हैं, जैसे मैथ्स, इंग्लिश, हिस्ट्री और बायोलॉजी, उनमें स्कूलों को तीन तरह के इंटरनल एग्जाम के नंबर देने होंगे। इसमें क्वार्टरली एग्जाम, हाफ-ईयरली एग्जाम और प्री-बोर्ड एग्जाम शामिल हैं। इन तीनों में से जिस परीक्षा में छात्र का सबसे ज्यादा स्कोर होगा उसी को फाइनल रिजल्ट के लिए माना जाएगा। यानी छात्रों को उनके सबसे बेहतर प्रदर्शन का फायदा मिलेगा।
गौरतलब है कि इस फैसले से साफ है कि CBSE ने छात्रों के नुकसान को कम से कम रखने की कोशिश की है। बोर्ड द्वारा जारी नोटिफिकेशन में बोर्ड का कहना है कि इस योजना का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो और पढ़ाई का सिलसिला बिना रुकावट आगे बढ़ता रहे। अगला कदम है यह है कि अब स्कूलों और बाकी संबंधित पक्षों को इस पूरी प्रक्रिया की डिटेल्स दी जाएंगी, ताकि हर छात्र का रिजल्ट सही और निष्पक्ष तरीके से तैयार किया जा सके।




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