Career Tips : Beyond job promotion how to advance in your career what are methods learn new skills जॉब प्रमोशन के अलावा करियर में कैसे बढ़ें आगे, क्या हैं तरीके, नई स्किल्स सीखना कितना जरूरी, Career Hindi News - Hindustan
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जॉब प्रमोशन के अलावा करियर में कैसे बढ़ें आगे, क्या हैं तरीके, नई स्किल्स सीखना कितना जरूरी

माना जा रहा है कि अगले 5 वर्षों में 44 फीसदी कर्मचारियों को रीस्किलिंग की जरूरत पड़ेगी। करियर विकास के लिए प्रमोशन के अलावा और क्या हैं तरीके और क्यों नए स्किल्स सीखना है जरूरी जानें-

Thu, 23 Oct 2025 03:21 PMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, तृप्ति मिश्रा, नई दिल्ली
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जॉब प्रमोशन के अलावा करियर में कैसे बढ़ें आगे, क्या हैं तरीके, नई स्किल्स सीखना कितना जरूरी

पदोन्नति को ही कामयाबी नहीं समझना चाहिए। लंबी पारी खेलने के लिए नौकरीशुदा या उसकी तलाश कर रहे युवाओं को ‘स्किल करंसी’ पर फोकस करना होगा, न कि सिर्फ पदोन्नति पर। बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी में पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर नेहा शर्मा ने पांच साल तक एक ही कंपनी में जी-जान से काम किया, लेकिन प्रमोशन नहीं मिला। उन्हें लगा कि उनका करिअर थम गया है। उन्होंने हार मानने के बजाय हर साल एक नया स्किल सीखने का लक्ष्य तय किया। ऑनलाइन मंच से क्लाउड कंप्यूटिंग और डाटा एनालिटिक्स जैसे कोर्स किए और साथ ही कंपनी के भीतर अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में अपनी इच्छा से हिस्सा लेना शुरू किया।

समय के साथ, नेहा की पहचान एक ‘एक्सपर्ट प्रॉब्लम सॉल्वर’ के रूप में बनने लगी। प्रमोशन भले न मिला हो, लेकिन स्पेशल प्रोजेक्ट्स अलाउंस और इंटरनेशनल असाइनमेंट्स से उनकी आय 40 फीसदी तक बढ़ गई। आज नेहा एक मजबूत ग्लोबल नेटवर्क बना चुकी हैं और टेक कॉन्फ्रेंस स्पीकर के रूप में खुद को स्थापित कर चुकी हैं। अपने इस सफर से वे संतुष्ट और आत्मविश्वास से भरी हुई हैं।

नेहा का जिक्र इसलिए, क्योंकि कामयाबी के मायने बदल गए हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और आईएलओ की रिपोर्ट बताती हैं कि करियर में आप कितने कामयाब हैं, इसकी पहचान अब पारंपरिक पदोन्नति से नहीं, बल्कि स्किल ग्रोथ और लचीलेपन से तय होगी।

कम हो रहे प्रमोशन

पीपुल मैटर्स रिपोर्ट 2024 कहती है कि भारत में 11 में से 10 उद्योगों में प्रमोशन की दर घटी है और आंतरिक भर्ती में करीब 8 फीसदी कमी आई है। इंडिया एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट के मुताबिक इसके पीछे एक बड़ा कारण यह है कि शिक्षा और नौकरी की मांग में भारी अंतर है। कई युवा वो पढ़ते हैं, जो नौकरी में काम नहीं आता। एक हालिया सर्वे के अनुसार, 80 फीसदी भारतीय पेशेवरों को लगता है कि उनकी डिग्री उनके वर्तमान काम के लिए पर्याप्त नहीं है।

अगर परंपरागत तरीके से करियर में आगे बढ़ना चाह रहे हैं, तो कुछ कारणों से आप लंबे समय तक प्रमोशन से दूर हो सकते हैं। जैसे:

●सीमित पद : कंपनियां ‘फ्लैट हाइरार्की’ मॉडल अपनाती हैं, इसमें मध्यम स्तर के या उच्च पदों की संख्या सीमित होती है। ऐसे में पदोन्नति के अवसर कम हो जाते हैं।

●मंदी और कटौती : ग्लोबल मंदी, अनिश्चितताओं और कॉस्ट-कटिंग की वजह से कंपनियां प्रमोशन और हायरिंग दोनों ही प्रक्रिया धीमी कर सकती हैं।

●नए कौशल की कमी : वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट 2024 के अनुसार, दुनियाभर के 60 फीसदी युवाओं में ‘फ्यूचर स्किल्स’ जैसे डाटा लिटरेसी, एआई टूल्स की जानकारी नहीं है। इन कमियों के कारण करियर में ठहराव आता है और लंबे समय तक पदोन्नति नहीं होती।

●एआई और ऑटोमेशन का असर: नई तकनीकों के आने से कई परंपरागत भूमिकाएं या तो बदल रही हैं या धीरे-धीरे खत्म हो रही हैं। इससे पुराने काम में आगे बढ़ने की संभावना घट रही है।

पदोन्नति से आगे की सोचें

●नए स्किल सीखें : एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, डाटा एनालिटिक्स, ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में ऑनलाइन कोर्स करें। लिंक्डइन लर्निंग, कोर्सेरा और उडेमी जैसे मंच अब वैश्विक स्तर पर युवाओं के लिए नए स्किल सीखने का मुख्य साधन बन गए हैं।

●अपना विस्तार करें : कंपनी बदलना आसान नहीं होता। ऐसे में अलग विभाग में काम करने से नया अनुभव मिलता है। यह आपको ‘बहुमुखी प्रतिभा से लैस पेशेवर’ बनाता है, जो आज के अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए सबसे ज्यादा महत्व रखता है।

●नेटवर्किंग बढ़ाएं : वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम यूथ कम्युनिटी, यूनेस्को स्किल्स नेटवर्क और लिंक्डइन ग्लोबल ग्रुप से जुड़ें। नेटवर्किंग से इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स और बेहतर अवसर मिलते हैं। सोशल मीडिया और व्यावसायिक मंच पर अपने कौशल और उपलब्धियों को दिखाना आज की जरूरत है।

●फ्रीलांसिंग और गिग इकोनॉमी : Upwork, Fiverr और Toptal जैसे मंच पर दुनिया भर के लाखों युवा ग्लोबल प्रोजेक्ट्स से जुड़ रहे हैं। 2030 तक वैश्विक कार्यबल का 20 फीसदी हिस्सा गिग इकोनॉमी में होगा।

एक स्किल से कई मौके

अब लोग एक साथ अलग-अलग डोमेन यानी कार्यक्षेत्र में काम करके भी कामयाबी की ओर बढ़ रहे हैं। इसे गिग इकोनॉमी से तेजी मिली है। जैसे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रोडक्ट मैनेजर बन सकता है या एक पत्रकार डिजिटल कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट बन सकता है।

जॉब मार्केट के पसंदीदा स्किल

लिंक्डइन ग्लोबल स्किल रिपाेर्ट की मानें, तो कम्यूनिकेशन, डिजिटल मार्केटिंग और एआई टूल्स सर्वाधिक मांग वाले स्किल्स हैं। वहीं यूनेस्को ग्लोबल एजुकेशन रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक 80 फीसदी नौकरियों के लिए डिजिटल और ग्रीन स्किल्स अनिवार्य होंगे।

स्किल’ बनाम ‘प्रमोशन’

पियरसन की स्किल्स आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार 88 फीसदी भारतीय पेशेवर मानते हैं कि आगे बढ़ने के लिए नए कौशल सीखने चाहिए। इनमें से 92 फीसदी को उनके नियोक्ताओं की ओर से भी इसका अवसर मिला। वहीं, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की रिपोर्ट कहती है, 'युवाओं को जीवन भर सीखने की आदत अपनानी चाहिए, ताकि करिअर में ठहराव न रहे।' एक अन्य ताजा सर्वेक्षण के मुताबिक लगभग 80 फीसदी जेन जी के पेशेवर वेतन से ज्यादा करिअर के विकास, मेंटरशिप और कौशल विकास को प्राथमिकता देते हैं।

प्रमोशन आज करियर में आगे बढ़ने का एकमात्र पैमाना नहीं रह गया है। ग्लोबल कंपनियां अब उन युवाओं को ज्यादा महत्व देती हैं, जो नए स्किल में दक्ष हों और आगे भी सीखने की इच्छा रखते हों। कामयाब होना है तो नौकरीशुदा या उसकी तलाश कर रहे युवाओं को ‘स्किल करंसी’ पर फोकस करना चाहिए, न कि सिर्फ पदोन्नति पर। आने वाले सालों में ग्रीन स्किल्स, डिजिटल स्किल्स और मल्टी-डोमेन की जानकारी ही तय करेंगे कि कौन-सा कर्मचारी ग्लोबल मार्केट में आगे निकलता है। जो इन स्किल्स को अपनाएंगे, वे अपने करिअर को प्रमोशन से आगे ले जाएंगे। उनका भविष्य भी सुरक्षित होगा।

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