BTech CSE के छात्र को मिला बेस्ट 74 लाख का पैकेज, JEE Main स्कोर से मिलता है यहां दाखिला
एमएनएनआईटी कैंपस प्लेसमेंट में बीटेक सीएसई ब्रांच ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 74 लाख रुपये प्रति वर्ष का सर्वोच्च पैकेज हासिल किया है, जो डी ई शॉ एंड कंपनी द्वारा प्रदान किया गया।

मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद (एमएनएनआईटी) में शैक्षणिक सत्र 2025–26 के बीटेक छात्रों के लिए चल रहे प्लेसमेंट सीजन की शुरुआत बेहद उत्साहजनक रही है। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग ब्रांच ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 74 लाख रुपये प्रति वर्ष का सर्वोच्च पैकेज हासिल किया है, जो डी ई शॉ एंड कंपनी द्वारा प्रदान किया गया। इस चरण में 100 विद्यार्थियों का चयन हुआ है, जबकि यूजी व पीजी के 800 छात्रों को कंपनियों से ऑफर मिले हैं। आपको बता दें कि एमएनएनआईटी में जेईई मेन स्कोर से दाखिला मिलता है।
सीएस का औसतन पैकेज 28 लाख रुपये
वहीं सीएस का औसतन पैकेज 28 लाख रुपये रहा, इस ब्रांच के 34 छात्रों को 50 लाख या उससे अधिक का पैकेज मिला। 88 छात्रों को 35 लाख से 50 लाख वार्षिक पैकेज प्राप्त हुए हैं। निदेशक प्रो. आरएस वर्मा ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि पहले चरण की मजबूत शुरुआत और नए रिक्रूटर्स की बढ़ती भागीदारी संस्थान की अकादमिक गुणवत्ता और उद्योग में बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण है।
माइक्रोसॉफ्ट समेत 250 से ज्यादा कंपनियां शामिल
कुल 250 से अधिक कंपनियां प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल हुईं। माइक्रोसॉफ्ट, गोल्डमैन सैक्स, अमेरिकन एक्सप्रेस, ओरेकल, फोन पे, न्यूटैनिक्स, क्लियरट्रिप, टेराडाटा, इटरनल, क्वालकॉम, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स और एचएसबीसी सहित कई नाम शामिल रहे। इन कंपनियों ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, एनालिटिक्स, कंसल्टिंग, फाइनेंस और कोर इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अवसर प्रदान किया।
IIIT में मानव-रोबोट में संवाद पर होगा फोकस
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) के सेंटर फॉर इंटेलिजेंट रोबोटिक्स की ओर से ‘जनरेटिव एआई और मानव-रोबोट अंतःक्रिया’ विषय पर तीन दिनी अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ शुक्रवार को होगा। इसका उद्देश्य तकनीक को अधिक संवेदनशील, उपयोगी और मानव-केंद्रित बनाना है, ताकि रोबोट विभिन्न क्षेत्रों में इंसानों के साथ बेहतर तरीके से काम कर सकें। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. जीसी नंदी ने बताया कि कार्यशाला में रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, संज्ञानात्मक विज्ञान और मानव-रोबोट अंतःक्रिया से जुड़े देश-विदेश के विशेषज्ञ भाग लेंगे। हाल के वर्षों में जनरेटिव एआई और विजन-लैंग्वेज मॉडल्स के विकास से मानव-रोबोट सहयोग को नई दिशा मिली है। इस कार्यशाला में यह समझने पर जोर रहेगा कि लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स, विजन-लैंग्वेज मॉडल्स और अन्य जनरेटिव तकनीकें रोबोट की समझ, निर्णय क्षमता और सुरक्षा को कैसे बेहतर बना सकती हैं। कार्यशाला का उद्घाटन डॉ. आलोक मिश्र, प्रो. अनिरबन गुहा (आईआईटी बॉम्बे), निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावने और जयदीप सिंह करेंगे।




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