BPSC TRE 4 Vacancy : बीपीएससी टीआरई 4 में मिलेगी अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता, कितने साल पर कितने अंक
बीपीएससी द्वारा टीआरई-4 का विज्ञापन में अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका पत्र शिक्षा विभाग ने बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दिया है। इसी के आधार पर विज्ञापन जारी किया जाएगा।

बीपीएससी द्वारा टीआरई-4 का विज्ञापन में अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका पत्र शिक्षा विभाग ने बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दिया है। इसी के आधार पर विज्ञापन जारी किया जाएगा। पूर्व में जितना वेटेज दिया गया था, उसी के अनुरूप इसबार भी प्राथमिकता दी जाएगी। एक साल विद्यालयों में अतिथि शिक्षक के तौर पर कार्य करने वाले को दो अंक और अधितकम 10 अंक निर्धारित हैं।
बीपीएससी ने शिक्षा विभाग से दिव्यांग, स्वतंत्रता सेनानी और महिलाओं के लिए विषयबार और रोस्टर के अनुसार सीटें आरक्षित करने के लिए पत्र भेजा है। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से इस संबंध में शिक्षा विभाग से पत्राचार किया गया है, ताकि विज्ञापन निकालने से पहले सबकुछ क्लीयर हो जाए। अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो और असमंजस की स्थिति न बने। अब तक शिक्षा विभाग से कोई जबाव प्राप्त नहीं हुआ है। आयोग का कहना है कि परीक्षा में विलंब है।
अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी पर फोकस करना चाहिए। शिक्षा विभाग और बिहार लोक सेवा आयोग इसके लिए काम कर रहा है। इसबार 45,595 रिक्तियां प्राप्त हुई हैं। बिहार लोक सेवा आयोग ने 22 से 27 सितंबर के बीच परीक्षा कराने की संभावित तिथि जारी कर दी गई है।
टीआरई एक और दो से नियुक्त शिक्षकों की सेवा पुस्तिका बनाने का निर्देश
पटना। पटना जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी राजकीय, प्रोजेक्ट उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बीपीएससी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (टीआरई) एक और दो से चयनित विद्यालय अध्यापक की सेवा पुस्तिका खोलने के लिए निर्देश जारी किया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना डॉ. मो. जमाल मुस्तफा ने कहा कि टीआरई एक और दो से नियुक्त माध्यमिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन अवधि) लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में उन्होंने सभी शिक्षकों की सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) खोलते हुए उसमें सभी आवश्यक प्रविष्टियां कर 15 दिनों के भीतर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ई-शिक्षा कोष, एचआरएमएस के साथ मैनुअल रिकॉर्ड भी अनिवार्य रूप से रखा जाए।
सेवा पुस्तिका में अवैतनिक अवकाश (लीव विदाउट पे), अध्ययन अवकाश, लंबी अनुपस्थिति के अलावा शिशु देखभाल अवकाश, मातृत्व अवकाश और चिकित्सा अवकाश का ब्योरा अंकित करना होगा। यदि किसी शिक्षक पर निलंबन या विभागीय कार्रवाई जैसी अनुशासनिक कार्रवाई हुई है, तो उसकी भी प्रविष्टि सेवा पुस्तिका में की जाएगी। डीपीओ ने स्पष्ट कहा है कि यह प्रक्रिया अनिवार्य है, ताकि शिक्षकों के वेतन वृद्धि, अवकाश संशोधन और अन्य नियमित प्रक्रियाओं में बाधा न आए।




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