Bihar Board 12th Exam : बिहार बोर्ड 12वीं परीक्षा में एडमिट कार्ड के साथ फोटो ID अनिवार्य, जूता मौजा बैन
बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश पत्र के साथ फोटोयुक्त पहचान पत्र भी अनिवार्य किया गया है। परीक्षा केंद्रों में केवल उन्हीं परीक्षार्थियों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिनके पास वैध प्रवेश पत्र एवं एक फोटोयुक्त पहचान पत्र उपलब्ध होगा।

बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश पत्र के साथ फोटोयुक्त पहचान पत्र भी अनिवार्य किया गया है। परीक्षा केंद्रों में केवल उन्हीं परीक्षार्थियों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिनके पास वैध प्रवेश पत्र एवं एक फोटोयुक्त पहचान पत्र उपलब्ध होगा। प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि किसी भी स्थिति में अनधिकृत व्यक्ति को केंद्र में प्रवेश न करने दिया जाए। इस निर्देश का सख्ती से अनुपालन करने के लिए प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। गुरुवार को एमआईटी में डीएम और एसएसपी ने इंटर परीक्षा की तैयारी को लेकर समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिया।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से दो से 13 फरवरी तक इंटर की परीक्षा आयोजित होगी। जिले के कुल 81 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित होगी। इसमें कुल 58,344 परीक्षार्थी शामिल होंगे। डीएम सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने परीक्षा ड्यूटी में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं केंद्राधीक्षक की संयुक्त ब्रीफिंग एमआईटी सभागार में की। कहा कि परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में जूता एवं मोजा पहनकर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीएम ने निर्देश दिया कि प्रवेश के समय परीक्षार्थियों की पूरी जांच की जाए, ताकि कोई भी आपत्तिजनक सामग्री, चिट-पुर्जा, मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण केंद्र में न ले जाया जा सके। महिला परीक्षार्थियों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके लिए निर्धारित केंद्रों पर महिला केंद्राधीक्षक एवं महिला वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डीएम ने ट्रैफिक डीएसपी को परीक्षा अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया है।
कदाचारमुक्त परीक्षा प्राथमिकता : आयुक्त
प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने अपने कार्यालय में गुरुवार को समीक्षा बैठक की। इसमें खाद्यान्न आपूर्ति, राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामलों पर चर्चा की। कहा कि इंटर परीक्षा के कदाचारमुक्त संचालन सभी जिलों की प्राथमिकता होनी चाहिए। कहा हर केंद्र पर पर्याप्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति हो। बैठक में क्षेत्रीय उपनिदेशक शिक्षा, प्रमंडल के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, अपर समाहर्ता राजस्व, अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
जिन स्कूलों में बना केंद्र, वहां के शिक्षकों की मांगी सूची
मुजफ्फरपुर। जिन सरकारी स्कूलों में इंटर-मैट्रिक परीक्षा का केंद्र बना है, वहां के शिक्षकों की उपस्थिति कैसे बनेगी। यह सवाल गुरुवार को डीईओ कार्यालय भी पहुंचा। इसके समाधान के लिए डीईओ ने इन स्कूलों के एचएम से शिक्षकों-कर्मियों की सूची मांगी है। इन शिक्षकों की जरूरत के अनुसार अन्य जगहों पर ड्यूटी जगाई जाएगी।
इंटर की परीक्षा दो फरवरी तो मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से होनी है। जिस स्कूल में केन्द्र बना है, वहां के शिक्षकों को उस स्कूल में नहीं रहना है। ऐसे में डीईओ ने परीक्षा केंद्र वाले सरकारी स्कूलों के हेडमास्टर से परीक्षा में सहयोग में नहीं रहने वाले शिक्षकों-कर्मियों की सूची तलब की है। सूची 24 घंटे के अंदर डीईओ कार्यालय में उपलब्ध कराना है। इन शिक्षकों की जरूरत के अनुसार अन्य जगह ड्यूटी लगाई जाएगी। वैसे केन्द्राधीक्षक जो इस निर्धारित 20 स्कूल के अतिरिक्त किसी निजी स्कूल या कॉलेज में केन्द्राधीक्षक बनाए गए हैं, वे अपने मूल विद्यालय का प्रभार किसी अन्य को सौंपते हुए उसका संचालन परीक्षा अवधि में कराएंगे।
दो पालियों में होगी परीक्षा, समय का सख्ती से हो पालन
इंटर परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में होगी। प्रथम पाली सुबह 9.30 से 12.45 बजे तक तथा द्वितीय दोपहर दो से शाम 5.15 बजे तक होगी। डीएम ने स्पष्ट किया कि परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम 30 मिनट पूर्व केंद्र में प्रवेश कर लेना अनिवार्य होगा। प्रथम पाली के परीक्षार्थियों को सुबह नौ बजे तक तथा द्वितीय पाली में दोपहर 1.30 बजे तक ही प्रवेश मिलेगा। विलंब से आने वाले परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति किसी भी परिस्थिति में नहीं दी जाएगी। डीएम ने परीक्षार्थियों व अभिभावकों से समय पालन को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की।
दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए विशेष सुविधा
डीएम ने दिव्यांग परीक्षार्थियों के हितों का विशेष ध्यान रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ऐसे दिव्यांग परीक्षार्थी जो स्वयं से लिखने में असमर्थ हैं, उनके अनुरोध के आधार पर श्रुतिलेखक उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त दिव्यांग परीक्षार्थी अपने निजी श्रुतिलेखक को भी ला सकते हैं। दिव्यांगों को क्षतिपूर्ति समय भी मिलेगा।
नियंत्रण कक्ष बना
केंद्र की सीसीटीवी कैमरे एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से सतत निगरानी की जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। कलेक्ट्रेट सभा कक्ष के ऊपरी तल पर जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसके वरीय प्रभारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) इंद्र कुमार कर्ण होंगे। उनका मोबाइल नंबर 8969602197 है।




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